पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ इन दिनों अपनी आगामी फिल्म बॉर्डर-2 को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म के प्रचार के दौरान दिलजीत ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए अपनी जिंदगी से जुड़ा एक भावनात्मक किस्सा बताया, जिसने प्रशंसकों का ध्यान खींच लिया। दिलजीत ने बताया कि जब 1997 में सुपरहिट फिल्म बॉर्डर रिलीज हुई थी, तब उनके पास सिनेमाहॉल में फिल्म देखने तक के पैसे नहीं थे और उन्हें यह फिल्म काफी समय बाद गांव में VCR पर देखनी पड़ी थी।
दिलजीत ने कहा कि उस दौर में गांव के कई दोस्त शहर जाकर सिनेमा में बॉर्डर देखने गए थे, लेकिन आर्थिक स्थिति के कारण वे उनके साथ नहीं जा सके। बाद में जब उन्होंने यह फिल्म VCR पर देखी, तो पहली बार सैनिकों के जीवन, त्याग और देशभक्ति को करीब से समझा। उसी अनुभव ने उनके मन में भारतीय सेना के प्रति गहरा सम्मान पैदा किया, जो आज भी वैसा ही है।
वीडियो में दिलजीत ने यह भी साझा किया कि उनके परिवार का सेना से भावनात्मक जुड़ाव रहा है। उनके मौसा फौज में थे, जिससे बचपन से ही सैनिकों के प्रति आदर की भावना उनके भीतर रही। बॉर्डर-2 की शूटिंग के दौरान जब वे रोडवेज की बस में सफर कर रहे थे, तो उन्हें अपने पिता की भी याद आई, जो रोडवेज विभाग में कार्यरत थे। दिलजीत ने बताया कि इन छोटे-छोटे पलों ने शूटिंग को उनके लिए और भी निजी बना दिया।
दिलजीत दोसांझ ने बताया कि जब उन्हें बॉर्डर-2 का ऑफर मिला, तो उन्होंने स्क्रिप्ट सुने बिना ही हां कर दी। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण था फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों का किरदार। दिलजीत के अनुसार, सेखों न सिर्फ भारतीय वायुसेना के एकमात्र परमवीर चक्र विजेता हैं, बल्कि पंजाब से होने के कारण उनके लिए यह भूमिका और भी विशेष थी। उन्होंने कहा कि ऐसे वीर सपूत का किरदार निभाने का मौका ठुकराया नहीं जा सकता।
फिल्म में सनी देओल के साथ काम करने को लेकर भी दिलजीत ने अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने बताया कि वे बचपन से सनी देओल के बड़े प्रशंसक रहे हैं और उनके साथ स्क्रीन साझा करना किसी ‘फैन मोमेंट’ से कम नहीं है। दिलजीत के मुताबिक, जिन कलाकारों को देखकर उन्होंने अभिनय का सपना देखा, आज उनके साथ काम करना गर्व की बात है।
गौरतलब है कि बॉर्डर-2 में 1971 के युद्ध से जुड़ी सच्ची घटनाओं को दिखाया जाएगा। फिल्म में थल सेना, वायु सेना और नौसेना के वीरों की कहानियां शामिल हैं। दिलजीत दोसांझ वायुसेना के शहीद फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों की भूमिका निभा रहे हैं, जिन्होंने 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था।
बॉर्डर-2 न सिर्फ एक फिल्म है, बल्कि दिलजीत दोसांझ के लिए बचपन की उस अधूरी इच्छा का पूरा होना भी है, जो कभी VCR पर देखी गई एक फिल्म से शुरू हुई थी।
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