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शिल्पा शेट्टी के नाम से आरक्षण पर फर्जी पोस्ट वायरल, एक्ट्रेस ने कहा- मैंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया
बालीवुड न्यूज़
सोशल मीडिया पर वायरल दावे को शिल्पा ने बताया पूरी तरह झूठा; इससे पहले विजय वर्मा के नाम से भी आरक्षण को लेकर कथित पोस्ट हुई थी वायरल
सोशल मीडिया पर आरक्षण को लेकर चल रही बहस के बीच बॉलीवुड कलाकारों के नाम से कथित बयान और पोस्ट वायरल होने का सिलसिला सामने आया है। अभिनेता विजय वर्मा के बाद अब अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के नाम से आरक्षण व्यवस्था पर एक पोस्ट शेयर की गई, जिसे अभिनेत्री ने फर्जी बताया है। मामला उनकी जानकारी में आने के बाद शिल्पा ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए सफाई दी। उन्होंने साफ कहा कि आरक्षण को लेकर उनके नाम से प्रसारित की जा रही बातें उन्होंने नहीं कही हैं और उनके नाम का इस्तेमाल कर गलत जानकारी फैलाई जा रही है। शिल्पा ने लोगों से ऐसी पोस्ट पर भरोसा नहीं करने की अपील भी की।
अभिनेत्री की सफाई के बाद उनके नाम से वायरल सामग्री की सत्यता को लेकर स्थिति स्पष्ट हुई। मामला ऐसे समय सामने आया है, जब सोशल मीडिया पर आरक्षण, प्रतियोगी परीक्षाओं और युवाओं के अवसरों को लेकर लगातार बहस चल रही है। अलग-अलग अकाउंट से फिल्म कलाकारों और चर्चित चेहरों के नाम जोड़कर पोस्ट शेयर किए जा रहे हैं। इनमें कई पोस्ट इस तरह तैयार किए गए हैं कि पहली नजर में वे संबंधित सेलिब्रिटी के निजी विचार जैसे दिखाई देते हैं। शिल्पा शेट्टी ने इसी को लेकर नाराजगी जताई और कहा कि उन्होंने आरक्षण पर वायरल हो रहा कथित बयान कभी नहीं दिया।
शिल्पा ने अपनी सफाई में इस बात पर जोर दिया कि उनके नाम का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। अभिनेत्री के मुताबिक कुछ लोग जानबूझकर उनके नाम के साथ फर्जी खबर जोड़ रहे हैं। उन्होंने अपने फॉलोअर्स से कहा कि ऐसी किसी सामग्री को उनका आधिकारिक बयान न माना जाए। सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में आरक्षण व्यवस्था को लेकर अभिनेत्री की कथित राय बताई जा रही थी, लेकिन शिल्पा ने इससे पूरी तरह दूरी बना ली है। उनकी प्रतिक्रिया के बाद एक बार फिर यह सवाल खड़ा हुआ है कि किसी अभिनेता या दूसरे सार्वजनिक व्यक्ति के नाम से वायरल हो रहे स्क्रीनशॉट को बिना आधिकारिक स्रोत देखे कितना भरोसेमंद माना जाए।
कई मामलों में पोस्ट का स्क्रीनशॉट तेजी से अलग-अलग प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग ग्रुप तक पहुंच जाता है, जबकि मूल पोस्ट का कोई प्रमाण मौजूद नहीं होता। शिल्पा के मामले में भी अभिनेत्री को खुद सामने आकर स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी। इससे पहले अभिनेता विजय वर्मा भी इसी तरह के एक वायरल दावे को गलत बता चुके हैं। उनके नाम से आरक्षण व्यवस्था से जुड़ी एक लंबी कहानी सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही थी। वायरल टेक्स्ट को इस तरह लिखा गया था जैसे विजय अपनी जिंदगी और एक दोस्त का उदाहरण देकर आरक्षण व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हों। पोस्ट में दावा किया गया था कि विजय का परिवार आर्थिक रूप से बेहतर स्थिति में था, जबकि उनके एक दोस्त के पास कम संसाधन थे। दोनों ने सरकारी नौकरी की परीक्षा दी और कथित तौर पर बेहतर प्रदर्शन के बावजूद दोस्त को अवसर नहीं मिला, जबकि आरक्षण के कारण विजय को फायदा हुआ। इस पूरे कथित अनुभव को विजय वर्मा का निजी बयान बताकर प्रसारित किया गया।
विजय वर्मा ने पोस्ट सामने आने के बाद स्पष्ट किया कि उन्होंने ऐसी कोई बात सोशल मीडिया पर नहीं लिखी। अभिनेता ने वायरल सामग्री को पूरी तरह फर्जी बताया। उनके स्पष्टीकरण के बाद भी उस कथित पोस्ट के स्क्रीनशॉट अलग-अलग जगह शेयर किए जाते रहे। अब शिल्पा शेट्टी के साथ लगभग इसी तरह का मामला सामने आने से सेलिब्रिटीज के नाम से राजनीतिक या सामाजिक रूप से संवेदनशील विषयों पर फर्जी बयान फैलाने का मुद्दा चर्चा में है। दोनों मामलों में एक समान बात यह रही कि वायरल पोस्ट को कलाकारों के व्यक्तिगत विचार के रूप में पेश किया गया और संबंधित कलाकारों ने बाद में खुद उसका खंडन किया। आरक्षण ऐसा विषय है जिस पर सोशल मीडिया में पहले से तीखी बहस होती रही है। ऐसे में किसी चर्चित अभिनेता का नाम जुड़ते ही पोस्ट की पहुंच तेजी से बढ़ सकती है। कई यूजर्स बिना यह देखे सामग्री आगे बढ़ा देते हैं कि संबंधित व्यक्ति के वेरिफाइड अकाउंट पर वास्तव में ऐसा कोई बयान मौजूद है या नहीं।
हाल के दिनों में छात्रों, प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर सोशल मीडिया पर सक्रियता बढ़ी है। इसी माहौल में आरक्षण को लेकर भी कई तरह की पोस्ट वायरल हो रही हैं। इनमें सामान्य वर्ग के अवसरों से लेकर आरक्षित वर्गों के अधिकार तक अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। इसी बहस के बीच फिल्मी कलाकारों के नाम जोड़कर कथित बयान प्रसारित होने लगे हैं। शिल्पा और विजय की ओर से जारी सफाई यह बताती है कि कम से कम उनके नाम से शेयर की गई संबंधित सामग्री को उनका वास्तविक बयान नहीं माना जाना चाहिए। किसी स्क्रीनशॉट पर कलाकार की तस्वीर या नाम दिखाई देना इस बात का प्रमाण नहीं है कि पोस्ट वास्तव में उसी व्यक्ति ने लिखी है। सोशल मीडिया पर पुराने पोस्ट को एडिट करने, किसी दूसरे अकाउंट की सामग्री को सेलिब्रिटी के नाम से पेश करने या टेक्स्ट के साथ तस्वीर जोड़कर नया दावा तैयार करने के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं।
शिल्पा शेट्टी की प्रतिक्रिया इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अभिनेत्री ने केवल वायरल बयान से इनकार नहीं किया, बल्कि अपने नाम के गलत इस्तेमाल पर आपत्ति भी दर्ज कराई है। उन्होंने लोगों को फर्जी खबरों से सावधान रहने को कहा। अभिनेत्री ने यह संकेत नहीं दिया कि वह आरक्षण के समर्थन या विरोध में कोई सार्वजनिक राजनीतिक राय दे रही हैं। उनका स्पष्टीकरण केवल इतना है कि वायरल हो रहा कथित बयान उनका नहीं है। इसी तरह विजय वर्मा ने भी अपने नाम से वायरल कहानी को खारिज करते हुए साफ किया था कि उन्होंने वह पोस्ट कभी नहीं की। दोनों कलाकारों की प्रतिक्रियाओं के बाद सोशल मीडिया पर चल रही बहस में वास्तविक बयान और फर्जी सामग्री के बीच अंतर करना जरूरी हो गया है।
आरक्षण से जुड़े मुद्दे पर किसी कलाकार की राय बताकर पोस्ट शेयर किए जाने से उसकी पहुंच काफी बढ़ जाती है। फिल्म और टेलीविजन कलाकारों के लाखों फॉलोअर्स होते हैं और उनके नाम से सामने आने वाली सामग्री मिनटों में बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंच सकती है। यही वजह है कि किसी सेलिब्रिटी के नाम से संवेदनशील विषय पर बयान सामने आने पर उसके आधिकारिक अकाउंट या विश्वसनीय सार्वजनिक बयान से पुष्टि जरूरी हो जाती है। शिल्पा शेट्टी ने अपने सोशल मीडिया के जरिए सीधे खंडन कर दिया है, जबकि विजय वर्मा भी अपने नाम से वायरल दावे को पहले ही नकार चुके हैं। दोनों मामलों में संबंधित कलाकारों की सफाई ही उनके कथित बयान की वास्तविकता को लेकर सबसे अहम पक्ष है।
सोशल मीडिया पर आरक्षण की मौजूदा बहस में कई पोस्ट ऐसे भी शेयर किए जा रहे हैं जिनमें किसी चर्चित व्यक्ति की तस्वीर के साथ लंबा टेक्स्ट जोड़ दिया जाता है। कई बार उसमें न तारीख होती है और न मूल पोस्ट का लिंक या कोई दूसरा प्रमाण। शिल्पा शेट्टी के मामले में भी वायरल सामग्री सामने आने के बाद उन्होंने अपने आधिकारिक अकाउंट से स्थिति साफ करना जरूरी समझा। अभिनेत्री ने अपने फॉलोअर्स को ऐसी खबरों पर विश्वास न करने की सलाह दी है। विजय वर्मा के मामले में भी अभिनेता की सफाई आने के बावजूद उनके नाम वाला कथित बयान अलग-अलग सोशल मीडिया पेजों पर दिखाई दिया था। अब शिल्पा की प्रतिक्रिया के बाद उनके नाम से चल रहे आरक्षण संबंधी दावे को भी अभिनेत्री का वास्तविक बयान बताकर शेयर करने का आधार नहीं रह जाता।
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शिल्पा शेट्टी के नाम से आरक्षण पर फर्जी पोस्ट वायरल, एक्ट्रेस ने कहा- मैंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया
बालीवुड न्यूज़
सोशल मीडिया पर आरक्षण को लेकर चल रही बहस के बीच बॉलीवुड कलाकारों के नाम से कथित बयान और पोस्ट वायरल होने का सिलसिला सामने आया है। अभिनेता विजय वर्मा के बाद अब अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के नाम से आरक्षण व्यवस्था पर एक पोस्ट शेयर की गई, जिसे अभिनेत्री ने फर्जी बताया है। मामला उनकी जानकारी में आने के बाद शिल्पा ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए सफाई दी। उन्होंने साफ कहा कि आरक्षण को लेकर उनके नाम से प्रसारित की जा रही बातें उन्होंने नहीं कही हैं और उनके नाम का इस्तेमाल कर गलत जानकारी फैलाई जा रही है। शिल्पा ने लोगों से ऐसी पोस्ट पर भरोसा नहीं करने की अपील भी की।
अभिनेत्री की सफाई के बाद उनके नाम से वायरल सामग्री की सत्यता को लेकर स्थिति स्पष्ट हुई। मामला ऐसे समय सामने आया है, जब सोशल मीडिया पर आरक्षण, प्रतियोगी परीक्षाओं और युवाओं के अवसरों को लेकर लगातार बहस चल रही है। अलग-अलग अकाउंट से फिल्म कलाकारों और चर्चित चेहरों के नाम जोड़कर पोस्ट शेयर किए जा रहे हैं। इनमें कई पोस्ट इस तरह तैयार किए गए हैं कि पहली नजर में वे संबंधित सेलिब्रिटी के निजी विचार जैसे दिखाई देते हैं। शिल्पा शेट्टी ने इसी को लेकर नाराजगी जताई और कहा कि उन्होंने आरक्षण पर वायरल हो रहा कथित बयान कभी नहीं दिया।
शिल्पा ने अपनी सफाई में इस बात पर जोर दिया कि उनके नाम का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। अभिनेत्री के मुताबिक कुछ लोग जानबूझकर उनके नाम के साथ फर्जी खबर जोड़ रहे हैं। उन्होंने अपने फॉलोअर्स से कहा कि ऐसी किसी सामग्री को उनका आधिकारिक बयान न माना जाए। सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में आरक्षण व्यवस्था को लेकर अभिनेत्री की कथित राय बताई जा रही थी, लेकिन शिल्पा ने इससे पूरी तरह दूरी बना ली है। उनकी प्रतिक्रिया के बाद एक बार फिर यह सवाल खड़ा हुआ है कि किसी अभिनेता या दूसरे सार्वजनिक व्यक्ति के नाम से वायरल हो रहे स्क्रीनशॉट को बिना आधिकारिक स्रोत देखे कितना भरोसेमंद माना जाए।
कई मामलों में पोस्ट का स्क्रीनशॉट तेजी से अलग-अलग प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग ग्रुप तक पहुंच जाता है, जबकि मूल पोस्ट का कोई प्रमाण मौजूद नहीं होता। शिल्पा के मामले में भी अभिनेत्री को खुद सामने आकर स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी। इससे पहले अभिनेता विजय वर्मा भी इसी तरह के एक वायरल दावे को गलत बता चुके हैं। उनके नाम से आरक्षण व्यवस्था से जुड़ी एक लंबी कहानी सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही थी। वायरल टेक्स्ट को इस तरह लिखा गया था जैसे विजय अपनी जिंदगी और एक दोस्त का उदाहरण देकर आरक्षण व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हों। पोस्ट में दावा किया गया था कि विजय का परिवार आर्थिक रूप से बेहतर स्थिति में था, जबकि उनके एक दोस्त के पास कम संसाधन थे। दोनों ने सरकारी नौकरी की परीक्षा दी और कथित तौर पर बेहतर प्रदर्शन के बावजूद दोस्त को अवसर नहीं मिला, जबकि आरक्षण के कारण विजय को फायदा हुआ। इस पूरे कथित अनुभव को विजय वर्मा का निजी बयान बताकर प्रसारित किया गया।
विजय वर्मा ने पोस्ट सामने आने के बाद स्पष्ट किया कि उन्होंने ऐसी कोई बात सोशल मीडिया पर नहीं लिखी। अभिनेता ने वायरल सामग्री को पूरी तरह फर्जी बताया। उनके स्पष्टीकरण के बाद भी उस कथित पोस्ट के स्क्रीनशॉट अलग-अलग जगह शेयर किए जाते रहे। अब शिल्पा शेट्टी के साथ लगभग इसी तरह का मामला सामने आने से सेलिब्रिटीज के नाम से राजनीतिक या सामाजिक रूप से संवेदनशील विषयों पर फर्जी बयान फैलाने का मुद्दा चर्चा में है। दोनों मामलों में एक समान बात यह रही कि वायरल पोस्ट को कलाकारों के व्यक्तिगत विचार के रूप में पेश किया गया और संबंधित कलाकारों ने बाद में खुद उसका खंडन किया। आरक्षण ऐसा विषय है जिस पर सोशल मीडिया में पहले से तीखी बहस होती रही है। ऐसे में किसी चर्चित अभिनेता का नाम जुड़ते ही पोस्ट की पहुंच तेजी से बढ़ सकती है। कई यूजर्स बिना यह देखे सामग्री आगे बढ़ा देते हैं कि संबंधित व्यक्ति के वेरिफाइड अकाउंट पर वास्तव में ऐसा कोई बयान मौजूद है या नहीं।
हाल के दिनों में छात्रों, प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर सोशल मीडिया पर सक्रियता बढ़ी है। इसी माहौल में आरक्षण को लेकर भी कई तरह की पोस्ट वायरल हो रही हैं। इनमें सामान्य वर्ग के अवसरों से लेकर आरक्षित वर्गों के अधिकार तक अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। इसी बहस के बीच फिल्मी कलाकारों के नाम जोड़कर कथित बयान प्रसारित होने लगे हैं। शिल्पा और विजय की ओर से जारी सफाई यह बताती है कि कम से कम उनके नाम से शेयर की गई संबंधित सामग्री को उनका वास्तविक बयान नहीं माना जाना चाहिए। किसी स्क्रीनशॉट पर कलाकार की तस्वीर या नाम दिखाई देना इस बात का प्रमाण नहीं है कि पोस्ट वास्तव में उसी व्यक्ति ने लिखी है। सोशल मीडिया पर पुराने पोस्ट को एडिट करने, किसी दूसरे अकाउंट की सामग्री को सेलिब्रिटी के नाम से पेश करने या टेक्स्ट के साथ तस्वीर जोड़कर नया दावा तैयार करने के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं।
शिल्पा शेट्टी की प्रतिक्रिया इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अभिनेत्री ने केवल वायरल बयान से इनकार नहीं किया, बल्कि अपने नाम के गलत इस्तेमाल पर आपत्ति भी दर्ज कराई है। उन्होंने लोगों को फर्जी खबरों से सावधान रहने को कहा। अभिनेत्री ने यह संकेत नहीं दिया कि वह आरक्षण के समर्थन या विरोध में कोई सार्वजनिक राजनीतिक राय दे रही हैं। उनका स्पष्टीकरण केवल इतना है कि वायरल हो रहा कथित बयान उनका नहीं है। इसी तरह विजय वर्मा ने भी अपने नाम से वायरल कहानी को खारिज करते हुए साफ किया था कि उन्होंने वह पोस्ट कभी नहीं की। दोनों कलाकारों की प्रतिक्रियाओं के बाद सोशल मीडिया पर चल रही बहस में वास्तविक बयान और फर्जी सामग्री के बीच अंतर करना जरूरी हो गया है।
आरक्षण से जुड़े मुद्दे पर किसी कलाकार की राय बताकर पोस्ट शेयर किए जाने से उसकी पहुंच काफी बढ़ जाती है। फिल्म और टेलीविजन कलाकारों के लाखों फॉलोअर्स होते हैं और उनके नाम से सामने आने वाली सामग्री मिनटों में बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंच सकती है। यही वजह है कि किसी सेलिब्रिटी के नाम से संवेदनशील विषय पर बयान सामने आने पर उसके आधिकारिक अकाउंट या विश्वसनीय सार्वजनिक बयान से पुष्टि जरूरी हो जाती है। शिल्पा शेट्टी ने अपने सोशल मीडिया के जरिए सीधे खंडन कर दिया है, जबकि विजय वर्मा भी अपने नाम से वायरल दावे को पहले ही नकार चुके हैं। दोनों मामलों में संबंधित कलाकारों की सफाई ही उनके कथित बयान की वास्तविकता को लेकर सबसे अहम पक्ष है।
सोशल मीडिया पर आरक्षण की मौजूदा बहस में कई पोस्ट ऐसे भी शेयर किए जा रहे हैं जिनमें किसी चर्चित व्यक्ति की तस्वीर के साथ लंबा टेक्स्ट जोड़ दिया जाता है। कई बार उसमें न तारीख होती है और न मूल पोस्ट का लिंक या कोई दूसरा प्रमाण। शिल्पा शेट्टी के मामले में भी वायरल सामग्री सामने आने के बाद उन्होंने अपने आधिकारिक अकाउंट से स्थिति साफ करना जरूरी समझा। अभिनेत्री ने अपने फॉलोअर्स को ऐसी खबरों पर विश्वास न करने की सलाह दी है। विजय वर्मा के मामले में भी अभिनेता की सफाई आने के बावजूद उनके नाम वाला कथित बयान अलग-अलग सोशल मीडिया पेजों पर दिखाई दिया था। अब शिल्पा की प्रतिक्रिया के बाद उनके नाम से चल रहे आरक्षण संबंधी दावे को भी अभिनेत्री का वास्तविक बयान बताकर शेयर करने का आधार नहीं रह जाता।
