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सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी: ‘वीरा राजा वीरा’ में डागरवाणी का उल्लेख करें
बालीवुड न्यूज़
20 फरवरी को अगली सुनवाई, एआर रहमान से मांगा स्पष्टीकरण
सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म Ponniyin Selvan: II के गीत ‘वीरा राजा वीरा’ को लेकर अहम टिप्पणी की है। अदालत ने संगीतकार A. R. Rahman और फिल्म के निर्माताओं से कहा है कि यदि गीत में डागरवाणी परंपरा का प्रभाव है, तो उसे उचित श्रेय दिया जाना चाहिए।
किस याचिका पर हो रही सुनवाई?
यह मामला ध्रुपद गायक Ustad Faiyaz Wasifuddin Dagar की याचिका से जुड़ा है। उन्होंने सितंबर 2025 में आए Delhi High Court के आदेश को चुनौती दी है। हाईकोर्ट ने कहा था कि शिव स्तुति की रचना के लेखक जूनियर डागर ब्रदर्स थे, इसका प्रथम दृष्टया पर्याप्त प्रमाण नहीं है।
कोर्ट की अहम टिप्पणी
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमल्या बागची की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि “पहली प्रस्तुति” का अर्थ यह नहीं होता कि वही रचना के मूल लेखक हैं। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रश्न राग की मौलिकता का नहीं, बल्कि विशेष कंपोजिशन के स्रोत का है।
पीठ ने डागरवाणी परंपरा के योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यदि घरानों और परंपराओं का योगदान न होता, तो आधुनिक संगीत की दिशा अलग होती। कम से कम परंपरा का उल्लेख किया जाना चाहिए।
रहमान की ओर से क्या कहा गया?
एआर रहमान की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने दलील दी कि पूर्व प्रस्तुतियों पर आपत्ति नहीं की गई थी, जबकि इस बार मामला उठाया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 20 फरवरी को निर्धारित की है।
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