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आर माधवन बोले- मैं डरपोक मद्रासी मिडिल क्लास आदमी हूं, इसलिए पत्नी के प्रति हमेशा वफादार रहा
बालीवुड डेस्क
शादी की 27वीं सालगिरह के बीच अभिनेता का पुराना इंटरव्यू चर्चा में, पत्नी सरिता को बताया अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा सहारा
फिल्म अभिनेता आर माधवन इन दिनों अपनी फिल्मों से ज्यादा अपनी निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में उन्होंने अपनी पत्नी सरिता के साथ शादी की 27वीं सालगिरह मनाई, जिसके बाद उनका एक पुराना इंटरव्यू फिर से सुर्खियों में आ गया है। इस इंटरव्यू में माधवन ने अपनी शादीशुदा जिंदगी, रिश्तों में भरोसे और पत्नी के प्रति वफादारी को लेकर खुलकर बात की थी। उन्होंने बताया था कि फिल्म इंडस्ट्री में लंबे समय तक काम करने और कई खूबसूरत अभिनेत्रियों के साथ स्क्रीन साझा करने के बावजूद वे हमेशा अपनी पत्नी के प्रति ईमानदार और समर्पित रहे।
माधवन ने बातचीत के दौरान खुद को एक "डरपोक मद्रासी मिडिल क्लास आदमी" बताया था। उन्होंने कहा कि वे भले ही सुंदर महिलाओं की ओर आकर्षित हो जाते हों, लेकिन दिन के अंत में उन्हें अपने घर लौटना और पत्नी के साथ समय बिताना ही सबसे ज्यादा पसंद है। अभिनेता का कहना था कि वे उन लोगों में से नहीं हैं जो घर से दूर रहने के बहाने तलाशते हैं। उनके लिए परिवार और रिश्ते हमेशा प्राथमिकता रहे हैं।
अभिनेता ने अपनी पत्नी सरिता के बारे में बात करते हुए कहा कि वे उनकी जिंदगी की सबसे महत्वपूर्ण इंसान हैं। माधवन के मुताबिक, सरिता उन्हें पूरी तरह समझती हैं और हमेशा उन्हें जमीन से जुड़े रहने में मदद करती हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सफलता के पीछे जितना योगदान उनके काम का है, उतना ही योगदान उनकी पत्नी का भी है। सरिता न सिर्फ परिवार की जिम्मेदारियां संभालती हैं बल्कि उनके माता-पिता, बेटे वेदांत और घर की आर्थिक व्यवस्था का भी पूरा ध्यान रखती हैं।
माधवन ने यह भी कहा कि सरिता ने हमेशा उन्हें एक कलाकार के रूप में आगे बढ़ने की स्वतंत्रता दी। वे कभी भी उनके काम में अनावश्यक दखल नहीं देतीं और हमेशा उनके फैसलों का सम्मान करती हैं। अभिनेता का मानना है कि किसी भी रिश्ते को मजबूत बनाए रखने के लिए एक-दूसरे पर भरोसा होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि वे खुद को खुशकिस्मत मानते हैं कि उन्हें ऐसा जीवनसाथी मिला, जिसने बिना किसी दिखावे और पहचान की चाहत के परिवार के लिए लगातार मेहनत की।
फिल्म इंडस्ट्री में अक्सर सामने आने वाले एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स और रिश्तों में टूटन के मामलों पर भी माधवन ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि उनके लिए वफादार रहना कभी कोई संघर्ष नहीं रहा। यह उनके व्यक्तित्व और पारिवारिक मूल्यों का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि बचपन से ही उन्हें रिश्तों और जिम्मेदारियों का महत्व सिखाया गया था। यही वजह है कि उन्होंने कभी अपने वैवाहिक जीवन को हल्के में नहीं लिया।
अपने परिवार से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा करते हुए माधवन ने बताया कि उनके घर में वफादारी को बहुत महत्व दिया जाता था। उन्होंने कहा कि उनका परिवार वर्षों तक जमशेदजी टाटा के प्रति इतना सम्मान और निष्ठा रखता था कि घर में भगवान की तस्वीरों के साथ टाटा की तस्वीर पर भी माला चढ़ाई जाती थी। अभिनेता ने मजाकिया अंदाज में कहा कि ऐसे माहौल में बड़े होने के बाद बेवफाई करना उनके लिए अपनी परंपरा के खिलाफ जाने जैसा होता।
माधवन ने अपने रिश्ते की पारदर्शिता के बारे में भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि उनके मोबाइल फोन और बैंक खातों की जानकारी हमेशा उनकी पत्नी के पास रहती है। उनके बीच कभी ऐसी स्थिति नहीं आई कि किसी बात को छिपाने की जरूरत महसूस हो। उनका मानना है कि जब रिश्ते में भरोसा और खुलापन होता है तो गलतफहमियों की गुंजाइश काफी कम हो जाती है।
अभिनेता ने मशहूर फिल्म निर्देशक मणि रत्नम की एक सलाह का भी जिक्र किया, जिसे वे आज भी अपने वैवाहिक जीवन में महत्वपूर्ण मानते हैं। माधवन के अनुसार मणि रत्नम ने उनसे कहा था कि जब कोई रिश्ता अच्छा चल रहा हो तो उसे बार-बार परखने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। कई बार लोग यह जानने के लिए अपने साथी की परीक्षा लेते रहते हैं कि वह उनसे कितना प्यार करता है, लेकिन यही आदत रिश्तों में दरार पैदा कर सकती है।
माधवन ने बताया कि जब वे तमिल फिल्म इंडस्ट्री में लोकप्रिय हुए और उनकी महिला प्रशंसकों की संख्या तेजी से बढ़ी, तब उन्होंने सबसे पहले सार्वजनिक रूप से अपने शादीशुदा होने की जानकारी दी थी। इतना ही नहीं, वे अपने प्रशंसकों के पत्र भी पत्नी सरिता के साथ मिलकर पढ़ते थे। उनका मानना था कि रिश्तों में किसी भी तरह की गोपनीयता या संदेह की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। आज जब मनोरंजन जगत में रिश्तों को लेकर लगातार चर्चाएं होती रहती हैं, तब आर माधवन का यह नजरिया कई लोगों को प्रेरित करता नजर आता है। 27 साल की शादीशुदा जिंदगी के बाद भी उनकी बातें यह संकेत देती हैं कि भरोसा, सम्मान और पारदर्शिता किसी भी रिश्ते की सबसे मजबूत नींव हो सकती है।
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आर माधवन बोले- मैं डरपोक मद्रासी मिडिल क्लास आदमी हूं, इसलिए पत्नी के प्रति हमेशा वफादार रहा
बालीवुड डेस्क
फिल्म अभिनेता आर माधवन इन दिनों अपनी फिल्मों से ज्यादा अपनी निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में उन्होंने अपनी पत्नी सरिता के साथ शादी की 27वीं सालगिरह मनाई, जिसके बाद उनका एक पुराना इंटरव्यू फिर से सुर्खियों में आ गया है। इस इंटरव्यू में माधवन ने अपनी शादीशुदा जिंदगी, रिश्तों में भरोसे और पत्नी के प्रति वफादारी को लेकर खुलकर बात की थी। उन्होंने बताया था कि फिल्म इंडस्ट्री में लंबे समय तक काम करने और कई खूबसूरत अभिनेत्रियों के साथ स्क्रीन साझा करने के बावजूद वे हमेशा अपनी पत्नी के प्रति ईमानदार और समर्पित रहे।
माधवन ने बातचीत के दौरान खुद को एक "डरपोक मद्रासी मिडिल क्लास आदमी" बताया था। उन्होंने कहा कि वे भले ही सुंदर महिलाओं की ओर आकर्षित हो जाते हों, लेकिन दिन के अंत में उन्हें अपने घर लौटना और पत्नी के साथ समय बिताना ही सबसे ज्यादा पसंद है। अभिनेता का कहना था कि वे उन लोगों में से नहीं हैं जो घर से दूर रहने के बहाने तलाशते हैं। उनके लिए परिवार और रिश्ते हमेशा प्राथमिकता रहे हैं।
अभिनेता ने अपनी पत्नी सरिता के बारे में बात करते हुए कहा कि वे उनकी जिंदगी की सबसे महत्वपूर्ण इंसान हैं। माधवन के मुताबिक, सरिता उन्हें पूरी तरह समझती हैं और हमेशा उन्हें जमीन से जुड़े रहने में मदद करती हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सफलता के पीछे जितना योगदान उनके काम का है, उतना ही योगदान उनकी पत्नी का भी है। सरिता न सिर्फ परिवार की जिम्मेदारियां संभालती हैं बल्कि उनके माता-पिता, बेटे वेदांत और घर की आर्थिक व्यवस्था का भी पूरा ध्यान रखती हैं।
माधवन ने यह भी कहा कि सरिता ने हमेशा उन्हें एक कलाकार के रूप में आगे बढ़ने की स्वतंत्रता दी। वे कभी भी उनके काम में अनावश्यक दखल नहीं देतीं और हमेशा उनके फैसलों का सम्मान करती हैं। अभिनेता का मानना है कि किसी भी रिश्ते को मजबूत बनाए रखने के लिए एक-दूसरे पर भरोसा होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि वे खुद को खुशकिस्मत मानते हैं कि उन्हें ऐसा जीवनसाथी मिला, जिसने बिना किसी दिखावे और पहचान की चाहत के परिवार के लिए लगातार मेहनत की।
फिल्म इंडस्ट्री में अक्सर सामने आने वाले एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स और रिश्तों में टूटन के मामलों पर भी माधवन ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि उनके लिए वफादार रहना कभी कोई संघर्ष नहीं रहा। यह उनके व्यक्तित्व और पारिवारिक मूल्यों का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि बचपन से ही उन्हें रिश्तों और जिम्मेदारियों का महत्व सिखाया गया था। यही वजह है कि उन्होंने कभी अपने वैवाहिक जीवन को हल्के में नहीं लिया।
अपने परिवार से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा करते हुए माधवन ने बताया कि उनके घर में वफादारी को बहुत महत्व दिया जाता था। उन्होंने कहा कि उनका परिवार वर्षों तक जमशेदजी टाटा के प्रति इतना सम्मान और निष्ठा रखता था कि घर में भगवान की तस्वीरों के साथ टाटा की तस्वीर पर भी माला चढ़ाई जाती थी। अभिनेता ने मजाकिया अंदाज में कहा कि ऐसे माहौल में बड़े होने के बाद बेवफाई करना उनके लिए अपनी परंपरा के खिलाफ जाने जैसा होता।
माधवन ने अपने रिश्ते की पारदर्शिता के बारे में भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि उनके मोबाइल फोन और बैंक खातों की जानकारी हमेशा उनकी पत्नी के पास रहती है। उनके बीच कभी ऐसी स्थिति नहीं आई कि किसी बात को छिपाने की जरूरत महसूस हो। उनका मानना है कि जब रिश्ते में भरोसा और खुलापन होता है तो गलतफहमियों की गुंजाइश काफी कम हो जाती है।
अभिनेता ने मशहूर फिल्म निर्देशक मणि रत्नम की एक सलाह का भी जिक्र किया, जिसे वे आज भी अपने वैवाहिक जीवन में महत्वपूर्ण मानते हैं। माधवन के अनुसार मणि रत्नम ने उनसे कहा था कि जब कोई रिश्ता अच्छा चल रहा हो तो उसे बार-बार परखने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। कई बार लोग यह जानने के लिए अपने साथी की परीक्षा लेते रहते हैं कि वह उनसे कितना प्यार करता है, लेकिन यही आदत रिश्तों में दरार पैदा कर सकती है।
माधवन ने बताया कि जब वे तमिल फिल्म इंडस्ट्री में लोकप्रिय हुए और उनकी महिला प्रशंसकों की संख्या तेजी से बढ़ी, तब उन्होंने सबसे पहले सार्वजनिक रूप से अपने शादीशुदा होने की जानकारी दी थी। इतना ही नहीं, वे अपने प्रशंसकों के पत्र भी पत्नी सरिता के साथ मिलकर पढ़ते थे। उनका मानना था कि रिश्तों में किसी भी तरह की गोपनीयता या संदेह की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। आज जब मनोरंजन जगत में रिश्तों को लेकर लगातार चर्चाएं होती रहती हैं, तब आर माधवन का यह नजरिया कई लोगों को प्रेरित करता नजर आता है। 27 साल की शादीशुदा जिंदगी के बाद भी उनकी बातें यह संकेत देती हैं कि भरोसा, सम्मान और पारदर्शिता किसी भी रिश्ते की सबसे मजबूत नींव हो सकती है।
