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11 साल का इंतजार खत्म, एलेक्जेंडर ज्वेरेव ने जीता पहला ग्रैंड स्लैम खिताब
स्पोर्ट्स डेस्क
फ्रेंच ओपन 2026 के रोमांचक फाइनल में फ्लेवियो कोबोली को पांच सेटों में हराया, 89 साल बाद जर्मनी को मिला नया पुरुष चैंपियन
पेरिस के क्ले कोर्ट पर रविवार को इतिहास बन गया। जर्मनी के स्टार टेनिस खिलाड़ी एलेक्जेंडर ज्वेरेव ने आखिरकार वह उपलब्धि हासिल कर ली जिसका इंतजार उन्हें पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय से था। फ्रेंच ओपन 2026 के पुरुष एकल फाइनल में ज्वेरेव ने इटली के युवा खिलाड़ी फ्लेवियो कोबोली को हराकर अपने करियर का पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीत लिया। मैच पांच सेटों तक चला और करीब पूरे मुकाबले के दौरान दर्शकों को उतार-चढ़ाव से भरपूर टेनिस देखने को मिली। जीत के बाद ज्वेरेव भावुक नजर आए और ट्रॉफी हाथ में लेते ही उनकी वर्षों की मेहनत और संघर्ष का अंत सुखद तरीके से हुआ।
दूसरी वरीयता प्राप्त ज्वेरेव ने फाइनल मुकाबले की शुरुआत बेहद आक्रामक अंदाज में की। पहले सेट में उन्होंने कोबोली को संभलने का मौका ही नहीं दिया और केवल 6-1 से सेट अपने नाम कर लिया। शुरुआती प्रदर्शन को देखकर ऐसा लग रहा था कि मुकाबला एकतरफा हो सकता है, लेकिन इटली के 24 वर्षीय खिलाड़ी ने शानदार वापसी की। दूसरे सेट में कोबोली ने अपनी रणनीति बदली और लंबी रैलियों के जरिए ज्वेरेव पर दबाव बनाया। इसका फायदा उन्हें मिला और उन्होंने दूसरा सेट 6-4 से जीतकर मैच में बराबरी कर ली।
तीसरे सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। हालांकि महत्वपूर्ण मौकों पर ज्वेरेव ने अनुभव का फायदा उठाया और 6-4 से सेट जीतकर फिर बढ़त हासिल कर ली। लेकिन कोबोली हार मानने वालों में नहीं थे। चौथे सेट में दोनों खिलाड़ियों ने शानदार खेल दिखाया। सेट टाई-ब्रेकर तक पहुंचा, जहां कोबोली ने दबाव में बेहतर प्रदर्शन करते हुए 7-6 (5) से जीत दर्ज की और मुकाबले को निर्णायक पांचवें सेट तक पहुंचा दिया।
जब मैच पांचवें और अंतिम सेट में पहुंचा तो स्टेडियम में मौजूद दर्शकों की धड़कनें तेज हो गईं। कई लोगों को लग रहा था कि मुकाबला किसी भी दिशा में जा सकता है। लेकिन निर्णायक सेट में ज्वेरेव पूरी तरह अलग अंदाज में नजर आए। उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और कोबोली को कोई मौका नहीं दिया। जर्मन खिलाड़ी ने 6-1 से अंतिम सेट जीतकर मुकाबला और खिताब दोनों अपने नाम कर लिया। जीत के बाद उन्होंने कोर्ट पर ही अपनी भावनाएं जाहिर कीं और दर्शकों का अभिवादन किया।
यह जीत ज्वेरेव के लिए सिर्फ एक ग्रैंड स्लैम खिताब नहीं बल्कि वर्षों के संघर्ष का परिणाम भी है। 29 वर्षीय खिलाड़ी पिछले 11 साल से ग्रैंड स्लैम प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कई यादगार मुकाबले खेले, लेकिन सबसे बड़े मंच पर सफलता उनसे दूर ही रही। इससे पहले वे तीन बार ग्रैंड स्लैम फाइनल तक पहुंचे थे, लेकिन हर बार खिताब जीतने से चूक गए। इसके अलावा सात बार उन्हें सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा था। यही वजह है कि फ्रेंच ओपन 2026 की यह जीत उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिनी जा रही है।
इस खिताबी जीत के साथ ज्वेरेव ने जर्मन टेनिस इतिहास में भी अपना नाम दर्ज करा लिया है। वे फ्रेंच ओपन जीतने वाले 89 साल बाद पहले जर्मन पुरुष खिलाड़ी बने हैं। इससे पहले 1937 में जर्मनी के हेनर हेन्केल ने यह उपलब्धि हासिल की थी। वहीं किसी भी ग्रैंड स्लैम पुरुष एकल खिताब को जीतने वाले आखिरी जर्मन खिलाड़ी बोरिस बेकर थे, जिन्होंने 1996 में ऑस्ट्रेलियन ओपन अपने नाम किया था। ऐसे में ज्वेरेव की यह सफलता जर्मन टेनिस के लिए भी बेहद खास मानी जा रही है।
ज्वेरेव इससे पहले टोक्यो ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं और एटीपी टूर पर भी कई बड़ी उपलब्धियां अपने नाम कर चुके हैं। उन्होंने कई मास्टर्स 1000 खिताब जीते और एटीपी फाइनल्स में भी सफलता हासिल की, लेकिन ग्रैंड स्लैम ट्रॉफी की कमी हमेशा उनके करियर पर चर्चा का विषय बनी रहती थी। अब वह कमी भी पूरी हो गई है।
दूसरी ओर फ्लेवियो कोबोली भले ही खिताब जीतने से चूक गए हों, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा। 24 वर्षीय इटालियन खिलाड़ी पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम फाइनल में पहुंचे थे। उन्होंने रास्ते में कई मजबूत खिलाड़ियों को हराकर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। फाइनल में भी उन्होंने ज्वेरेव को कड़ी चुनौती दी और साबित किया कि आने वाले वर्षों में वे टेनिस की दुनिया के बड़े सितारों में शामिल हो सकते हैं।
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11 साल का इंतजार खत्म, एलेक्जेंडर ज्वेरेव ने जीता पहला ग्रैंड स्लैम खिताब
स्पोर्ट्स डेस्क
पेरिस के क्ले कोर्ट पर रविवार को इतिहास बन गया। जर्मनी के स्टार टेनिस खिलाड़ी एलेक्जेंडर ज्वेरेव ने आखिरकार वह उपलब्धि हासिल कर ली जिसका इंतजार उन्हें पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय से था। फ्रेंच ओपन 2026 के पुरुष एकल फाइनल में ज्वेरेव ने इटली के युवा खिलाड़ी फ्लेवियो कोबोली को हराकर अपने करियर का पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीत लिया। मैच पांच सेटों तक चला और करीब पूरे मुकाबले के दौरान दर्शकों को उतार-चढ़ाव से भरपूर टेनिस देखने को मिली। जीत के बाद ज्वेरेव भावुक नजर आए और ट्रॉफी हाथ में लेते ही उनकी वर्षों की मेहनत और संघर्ष का अंत सुखद तरीके से हुआ।
दूसरी वरीयता प्राप्त ज्वेरेव ने फाइनल मुकाबले की शुरुआत बेहद आक्रामक अंदाज में की। पहले सेट में उन्होंने कोबोली को संभलने का मौका ही नहीं दिया और केवल 6-1 से सेट अपने नाम कर लिया। शुरुआती प्रदर्शन को देखकर ऐसा लग रहा था कि मुकाबला एकतरफा हो सकता है, लेकिन इटली के 24 वर्षीय खिलाड़ी ने शानदार वापसी की। दूसरे सेट में कोबोली ने अपनी रणनीति बदली और लंबी रैलियों के जरिए ज्वेरेव पर दबाव बनाया। इसका फायदा उन्हें मिला और उन्होंने दूसरा सेट 6-4 से जीतकर मैच में बराबरी कर ली।
तीसरे सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। हालांकि महत्वपूर्ण मौकों पर ज्वेरेव ने अनुभव का फायदा उठाया और 6-4 से सेट जीतकर फिर बढ़त हासिल कर ली। लेकिन कोबोली हार मानने वालों में नहीं थे। चौथे सेट में दोनों खिलाड़ियों ने शानदार खेल दिखाया। सेट टाई-ब्रेकर तक पहुंचा, जहां कोबोली ने दबाव में बेहतर प्रदर्शन करते हुए 7-6 (5) से जीत दर्ज की और मुकाबले को निर्णायक पांचवें सेट तक पहुंचा दिया।
जब मैच पांचवें और अंतिम सेट में पहुंचा तो स्टेडियम में मौजूद दर्शकों की धड़कनें तेज हो गईं। कई लोगों को लग रहा था कि मुकाबला किसी भी दिशा में जा सकता है। लेकिन निर्णायक सेट में ज्वेरेव पूरी तरह अलग अंदाज में नजर आए। उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और कोबोली को कोई मौका नहीं दिया। जर्मन खिलाड़ी ने 6-1 से अंतिम सेट जीतकर मुकाबला और खिताब दोनों अपने नाम कर लिया। जीत के बाद उन्होंने कोर्ट पर ही अपनी भावनाएं जाहिर कीं और दर्शकों का अभिवादन किया।
यह जीत ज्वेरेव के लिए सिर्फ एक ग्रैंड स्लैम खिताब नहीं बल्कि वर्षों के संघर्ष का परिणाम भी है। 29 वर्षीय खिलाड़ी पिछले 11 साल से ग्रैंड स्लैम प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कई यादगार मुकाबले खेले, लेकिन सबसे बड़े मंच पर सफलता उनसे दूर ही रही। इससे पहले वे तीन बार ग्रैंड स्लैम फाइनल तक पहुंचे थे, लेकिन हर बार खिताब जीतने से चूक गए। इसके अलावा सात बार उन्हें सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा था। यही वजह है कि फ्रेंच ओपन 2026 की यह जीत उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिनी जा रही है।
इस खिताबी जीत के साथ ज्वेरेव ने जर्मन टेनिस इतिहास में भी अपना नाम दर्ज करा लिया है। वे फ्रेंच ओपन जीतने वाले 89 साल बाद पहले जर्मन पुरुष खिलाड़ी बने हैं। इससे पहले 1937 में जर्मनी के हेनर हेन्केल ने यह उपलब्धि हासिल की थी। वहीं किसी भी ग्रैंड स्लैम पुरुष एकल खिताब को जीतने वाले आखिरी जर्मन खिलाड़ी बोरिस बेकर थे, जिन्होंने 1996 में ऑस्ट्रेलियन ओपन अपने नाम किया था। ऐसे में ज्वेरेव की यह सफलता जर्मन टेनिस के लिए भी बेहद खास मानी जा रही है।
ज्वेरेव इससे पहले टोक्यो ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं और एटीपी टूर पर भी कई बड़ी उपलब्धियां अपने नाम कर चुके हैं। उन्होंने कई मास्टर्स 1000 खिताब जीते और एटीपी फाइनल्स में भी सफलता हासिल की, लेकिन ग्रैंड स्लैम ट्रॉफी की कमी हमेशा उनके करियर पर चर्चा का विषय बनी रहती थी। अब वह कमी भी पूरी हो गई है।
दूसरी ओर फ्लेवियो कोबोली भले ही खिताब जीतने से चूक गए हों, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा। 24 वर्षीय इटालियन खिलाड़ी पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम फाइनल में पहुंचे थे। उन्होंने रास्ते में कई मजबूत खिलाड़ियों को हराकर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। फाइनल में भी उन्होंने ज्वेरेव को कड़ी चुनौती दी और साबित किया कि आने वाले वर्षों में वे टेनिस की दुनिया के बड़े सितारों में शामिल हो सकते हैं।
