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सोना ₹4,090 और चांदी ₹9,658 टूटी, 10 दिन में निवेशकों को बड़ा झटका
बिजनेस डेस्क
मिडिल ईस्ट तनाव के बीच सोना 1.48 लाख और चांदी 2.36 लाख रुपए पर पहुंची, निवेशकों का रुझान कैश की ओर बढ़ा
मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच बुधवार 10 जून को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। आमतौर पर युद्ध या अंतरराष्ट्रीय तनाव के समय निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने और चांदी की ओर रुख करते हैं, लेकिन इस बार तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे रही है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत 4,090 रुपए टूटकर 1,48,429 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। वहीं चांदी में और बड़ी गिरावट देखने को मिली तथा इसकी कीमत 9,658 रुपए घटकर 2,36,280 रुपए प्रति किलोग्राम रह गई। बुलियन बाजार में आई इस तेज गिरावट ने निवेशकों और कारोबारियों दोनों का ध्यान खींचा है।
हालात इसलिए अलग हैं क्योंकि इस बार निवेशक अनिश्चितता के दौर में अपनी पूंजी को नकदी के रूप में रखना ज्यादा सुरक्षित समझ रहे हैं। बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय हालात तेजी से बदल रहे हैं और निवेशक जोखिम कम करने के लिए अपने सोने और चांदी के निवेश बेच रहे हैं। इसका सीधा असर कीमतों पर दिखाई दे रहा है। पिछले कुछ महीनों में सोने और चांदी ने रिकॉर्ड स्तर छुए थे, जिसके बाद अब बड़े निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली यानी प्रॉफिट बुकिंग भी की जा रही है। बाजार में सप्लाई बढ़ने से कीमतों पर दबाव और ज्यादा बढ़ गया है।
अगर पिछले 10 दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो चांदी में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई है। 31 मई को चांदी की कीमत 2,63,350 रुपए प्रति किलोग्राम थी, जो अब घटकर 2,36,280 रुपए रह गई है। यानी सिर्फ दस दिनों में चांदी करीब 27 हजार रुपए सस्ती हो गई। इसी अवधि में सोना भी लगभग 8 हजार रुपए कमजोर हुआ है। निवेशकों के लिए यह गिरावट इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जनवरी महीने में दोनों धातुओं ने रिकॉर्ड ऊंचाई हासिल की थी। उस समय लगातार बढ़ती कीमतों को देखते हुए बड़ी संख्या में निवेशकों ने खरीदारी की थी।
इस साल की शुरुआत में सोना 29 जनवरी को 1,76,121 रुपए प्रति 10 ग्राम के ऑलटाइम हाई स्तर पर पहुंच गया था। उस रिकॉर्ड स्तर से अब तक सोने की कीमत में लगभग 28 हजार रुपए की गिरावट दर्ज की जा चुकी है। वहीं चांदी ने भी 29 जनवरी को 3,85,933 रुपए प्रति किलोग्राम का रिकॉर्ड बनाया था। उस स्तर से तुलना करें तो चांदी अब करीब 1.50 लाख रुपए तक सस्ती हो चुकी है। यह गिरावट बुलियन बाजार के इतिहास में हाल के वर्षों की बड़ी गिरावटों में शामिल मानी जा रही है।
देश के प्रमुख शहरों में भी सोने की कीमतों में नरमी दिखाई दी। दिल्ली और जयपुर में 24 कैरेट सोना 1,49,010 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा। मुंबई, कोलकाता और रायपुर में इसकी कीमत 1,48,860 रुपए रही। भोपाल, पटना और अहमदाबाद में सोना 1,48,910 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। बाजार जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय कीमतों और डॉलर की चाल का असर आने वाले दिनों में भी भारतीय बाजार पर दिखाई दे सकता है।
कारोबारियों के मुताबिक ग्राहकों की खरीदारी में भी फिलहाल थोड़ी सुस्ती देखने को मिल रही है। कई लोग अभी और गिरावट की उम्मीद में खरीदारी टाल रहे हैं। हालांकि कुछ निवेशक इसे लंबे समय के निवेश के लिए अवसर के रूप में भी देख रहे हैं। ज्वेलरी कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि शादी और त्योहारों के सीजन से पहले यदि कीमतें इसी स्तर पर बनी रहती हैं तो मांग में सुधार देखने को मिल सकता है। आने वाले दिनों में सोने और चांदी की दिशा काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर निर्भर करेगी। यदि मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ता है तो बाजार की प्रतिक्रिया बदल सकती है। वहीं यदि हालात सामान्य होते हैं तो निवेशकों का रुझान दोबारा इक्विटी और अन्य निवेश विकल्पों की ओर बढ़ सकता है।
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सोना ₹4,090 और चांदी ₹9,658 टूटी, 10 दिन में निवेशकों को बड़ा झटका
बिजनेस डेस्क
मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच बुधवार 10 जून को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। आमतौर पर युद्ध या अंतरराष्ट्रीय तनाव के समय निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने और चांदी की ओर रुख करते हैं, लेकिन इस बार तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे रही है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत 4,090 रुपए टूटकर 1,48,429 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। वहीं चांदी में और बड़ी गिरावट देखने को मिली तथा इसकी कीमत 9,658 रुपए घटकर 2,36,280 रुपए प्रति किलोग्राम रह गई। बुलियन बाजार में आई इस तेज गिरावट ने निवेशकों और कारोबारियों दोनों का ध्यान खींचा है।
हालात इसलिए अलग हैं क्योंकि इस बार निवेशक अनिश्चितता के दौर में अपनी पूंजी को नकदी के रूप में रखना ज्यादा सुरक्षित समझ रहे हैं। बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय हालात तेजी से बदल रहे हैं और निवेशक जोखिम कम करने के लिए अपने सोने और चांदी के निवेश बेच रहे हैं। इसका सीधा असर कीमतों पर दिखाई दे रहा है। पिछले कुछ महीनों में सोने और चांदी ने रिकॉर्ड स्तर छुए थे, जिसके बाद अब बड़े निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली यानी प्रॉफिट बुकिंग भी की जा रही है। बाजार में सप्लाई बढ़ने से कीमतों पर दबाव और ज्यादा बढ़ गया है।
अगर पिछले 10 दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो चांदी में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई है। 31 मई को चांदी की कीमत 2,63,350 रुपए प्रति किलोग्राम थी, जो अब घटकर 2,36,280 रुपए रह गई है। यानी सिर्फ दस दिनों में चांदी करीब 27 हजार रुपए सस्ती हो गई। इसी अवधि में सोना भी लगभग 8 हजार रुपए कमजोर हुआ है। निवेशकों के लिए यह गिरावट इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जनवरी महीने में दोनों धातुओं ने रिकॉर्ड ऊंचाई हासिल की थी। उस समय लगातार बढ़ती कीमतों को देखते हुए बड़ी संख्या में निवेशकों ने खरीदारी की थी।
इस साल की शुरुआत में सोना 29 जनवरी को 1,76,121 रुपए प्रति 10 ग्राम के ऑलटाइम हाई स्तर पर पहुंच गया था। उस रिकॉर्ड स्तर से अब तक सोने की कीमत में लगभग 28 हजार रुपए की गिरावट दर्ज की जा चुकी है। वहीं चांदी ने भी 29 जनवरी को 3,85,933 रुपए प्रति किलोग्राम का रिकॉर्ड बनाया था। उस स्तर से तुलना करें तो चांदी अब करीब 1.50 लाख रुपए तक सस्ती हो चुकी है। यह गिरावट बुलियन बाजार के इतिहास में हाल के वर्षों की बड़ी गिरावटों में शामिल मानी जा रही है।
देश के प्रमुख शहरों में भी सोने की कीमतों में नरमी दिखाई दी। दिल्ली और जयपुर में 24 कैरेट सोना 1,49,010 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा। मुंबई, कोलकाता और रायपुर में इसकी कीमत 1,48,860 रुपए रही। भोपाल, पटना और अहमदाबाद में सोना 1,48,910 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। बाजार जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय कीमतों और डॉलर की चाल का असर आने वाले दिनों में भी भारतीय बाजार पर दिखाई दे सकता है।
कारोबारियों के मुताबिक ग्राहकों की खरीदारी में भी फिलहाल थोड़ी सुस्ती देखने को मिल रही है। कई लोग अभी और गिरावट की उम्मीद में खरीदारी टाल रहे हैं। हालांकि कुछ निवेशक इसे लंबे समय के निवेश के लिए अवसर के रूप में भी देख रहे हैं। ज्वेलरी कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि शादी और त्योहारों के सीजन से पहले यदि कीमतें इसी स्तर पर बनी रहती हैं तो मांग में सुधार देखने को मिल सकता है। आने वाले दिनों में सोने और चांदी की दिशा काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर निर्भर करेगी। यदि मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ता है तो बाजार की प्रतिक्रिया बदल सकती है। वहीं यदि हालात सामान्य होते हैं तो निवेशकों का रुझान दोबारा इक्विटी और अन्य निवेश विकल्पों की ओर बढ़ सकता है।
