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पीएम मोदी के 12 वर्ष पूरे, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया नए भारत का स्वर्णिम दौर
मध्य प्रदेश
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कालजयी और त्रिकालदर्शी नेता बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत ने विकास, सुशासन, सुरक्षा और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के नए आयाम स्थापित किए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक विस्तृत ब्लॉग के माध्यम से उनके कार्यकाल की उपलब्धियों और नेतृत्व क्षमता को रेखांकित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में जब नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली थी, तब देश ने केवल एक नई सरकार नहीं चुनी थी, बल्कि शासन की एक नई सोच, नई कार्यशैली और विकास की नई दिशा को स्वीकार किया था। पिछले 12 वर्षों में भारत ने जिस गति से विकास, सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में प्रगति की है, वह देश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हुआ है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने लेख में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सबसे बड़ी विशेषता सेवा, सुशासन और संकल्प की भावना रही है। उन्होंने गरीब, किसान, महिला, युवा और समाज के वंचित वर्गों को विकास की मुख्यधारा में लाने का लगातार प्रयास किया। सरकार की योजनाओं का उद्देश्य केवल लाभ पहुंचाना नहीं था, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ सुनिश्चित करना था। इसी सोच के कारण देश में कल्याणकारी योजनाओं का दायरा बढ़ा और करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए तकनीक का प्रभावी उपयोग किया। डिजिटल इंडिया अभियान, ऑनलाइन सेवाओं का विस्तार और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाना इसी सोच का हिस्सा रहा। इससे आम नागरिक और सरकार के बीच की दूरी कम हुई तथा योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंचना संभव हुआ। मुख्यमंत्री के अनुसार यह सुशासन का ऐसा मॉडल है जिसने प्रशासनिक व्यवस्था में नई ऊर्जा का संचार किया।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी की संवाद शैली को भी उनकी सबसे बड़ी ताकतों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री लगातार जनता से जुड़े रहते हैं और विभिन्न वर्गों के लोगों से सीधा संवाद करते हैं। चाहे ‘मन की बात’ कार्यक्रम हो या छात्रों के साथ ‘परीक्षा पर चर्चा’, उन्होंने हर वर्ग के लोगों को प्रेरित करने और उनका मार्गदर्शन करने का काम किया है। इससे लोकतंत्र में जनता की भागीदारी और विश्वास दोनों मजबूत हुए हैं।
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व निर्णायक नेतृत्व का उदाहरण है। उन्होंने हमेशा बड़े और चुनौतीपूर्ण निर्णय लेने का साहस दिखाया है। विकसित भारत का संकल्प भी इसी दूरदर्शी सोच का परिणाम है। प्रधानमंत्री ने देश को केवल विकासशील राष्ट्र के रूप में नहीं बल्कि विश्व की अग्रणी शक्तियों में शामिल करने का लक्ष्य रखा है। इस सोच ने देश के युवाओं और नागरिकों में आत्मविश्वास और राष्ट्रीय गौरव की भावना को मजबूत किया है।
मुख्यमंत्री ने अपने लेख में मध्य प्रदेश के विकास में प्रधानमंत्री मोदी के योगदान का भी विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और सहयोग से राज्य में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को गति मिली है। केन-बेतवा लिंक परियोजना, पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना और पीएम मित्र पार्क जैसी योजनाएं इसका उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि धार में पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन स्वयं प्रधानमंत्री द्वारा किया जाना मध्य प्रदेश के प्रति उनके विशेष स्नेह को दर्शाता है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में साइबर तहसील की व्यवस्था, भोपाल और इंदौर में मेट्रो रेल परियोजनाएं, एयरपोर्ट नेटवर्क का विस्तार और नक्सलवाद पर प्रभावी नियंत्रण जैसी उपलब्धियों के पीछे भी प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सुरक्षा के मामले में हमेशा स्पष्ट नीति अपनाई और यह संदेश दिया कि देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही मुख्यधारा में लौटने वालों के लिए पुनर्वास की बेहतर व्यवस्था पर भी बल दिया गया।
उद्योग और निवेश के क्षेत्र में भी प्रधानमंत्री के नेतृत्व को महत्वपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मध्य प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट जैसे आयोजनों में प्रधानमंत्री की भागीदारी ने राज्य को नई पहचान दिलाई है। इससे रोजगार के अवसर बढ़े हैं और औद्योगिक विकास को नई दिशा मिली है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से राज्य सरकार ने श्रमिकों और आम नागरिकों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी को कालजयी और त्रिकालदर्शी नेता बताते हुए कहा कि उन्होंने भारत की सांस्कृतिक विरासत को भी नई पहचान दिलाई है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, काशी के पुनर्विकास और योग को वैश्विक पहचान दिलाने जैसे प्रयासों ने देश की सांस्कृतिक चेतना को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की ताकत केवल उसकी अर्थव्यवस्था और सेना में नहीं होती, बल्कि उसकी संस्कृति और आत्मविश्वास में भी होती है। प्रधानमंत्री ने इसी आत्मविश्वास को नई ऊर्जा दी है।
उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों का मूल्यांकन केवल योजनाओं और आंकड़ों के आधार पर नहीं किया जा सकता। यह वह दौर है जिसने भारत को नई दिशा दी, लोगों में विश्वास जगाया और देश को आत्मनिर्भर तथा आत्मविश्वासी बनाने की मजबूत नींव रखी। मुख्यमंत्री के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह कार्यकाल नए भारत के निर्माण और राष्ट्रीय पुनर्जागरण का स्वर्णिम अध्याय है।
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पीएम मोदी के 12 वर्ष पूरे, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया नए भारत का स्वर्णिम दौर
मध्य प्रदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक विस्तृत ब्लॉग के माध्यम से उनके कार्यकाल की उपलब्धियों और नेतृत्व क्षमता को रेखांकित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में जब नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली थी, तब देश ने केवल एक नई सरकार नहीं चुनी थी, बल्कि शासन की एक नई सोच, नई कार्यशैली और विकास की नई दिशा को स्वीकार किया था। पिछले 12 वर्षों में भारत ने जिस गति से विकास, सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में प्रगति की है, वह देश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हुआ है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने लेख में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सबसे बड़ी विशेषता सेवा, सुशासन और संकल्प की भावना रही है। उन्होंने गरीब, किसान, महिला, युवा और समाज के वंचित वर्गों को विकास की मुख्यधारा में लाने का लगातार प्रयास किया। सरकार की योजनाओं का उद्देश्य केवल लाभ पहुंचाना नहीं था, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ सुनिश्चित करना था। इसी सोच के कारण देश में कल्याणकारी योजनाओं का दायरा बढ़ा और करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए तकनीक का प्रभावी उपयोग किया। डिजिटल इंडिया अभियान, ऑनलाइन सेवाओं का विस्तार और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाना इसी सोच का हिस्सा रहा। इससे आम नागरिक और सरकार के बीच की दूरी कम हुई तथा योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंचना संभव हुआ। मुख्यमंत्री के अनुसार यह सुशासन का ऐसा मॉडल है जिसने प्रशासनिक व्यवस्था में नई ऊर्जा का संचार किया।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी की संवाद शैली को भी उनकी सबसे बड़ी ताकतों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री लगातार जनता से जुड़े रहते हैं और विभिन्न वर्गों के लोगों से सीधा संवाद करते हैं। चाहे ‘मन की बात’ कार्यक्रम हो या छात्रों के साथ ‘परीक्षा पर चर्चा’, उन्होंने हर वर्ग के लोगों को प्रेरित करने और उनका मार्गदर्शन करने का काम किया है। इससे लोकतंत्र में जनता की भागीदारी और विश्वास दोनों मजबूत हुए हैं।
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व निर्णायक नेतृत्व का उदाहरण है। उन्होंने हमेशा बड़े और चुनौतीपूर्ण निर्णय लेने का साहस दिखाया है। विकसित भारत का संकल्प भी इसी दूरदर्शी सोच का परिणाम है। प्रधानमंत्री ने देश को केवल विकासशील राष्ट्र के रूप में नहीं बल्कि विश्व की अग्रणी शक्तियों में शामिल करने का लक्ष्य रखा है। इस सोच ने देश के युवाओं और नागरिकों में आत्मविश्वास और राष्ट्रीय गौरव की भावना को मजबूत किया है।
मुख्यमंत्री ने अपने लेख में मध्य प्रदेश के विकास में प्रधानमंत्री मोदी के योगदान का भी विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और सहयोग से राज्य में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को गति मिली है। केन-बेतवा लिंक परियोजना, पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना और पीएम मित्र पार्क जैसी योजनाएं इसका उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि धार में पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन स्वयं प्रधानमंत्री द्वारा किया जाना मध्य प्रदेश के प्रति उनके विशेष स्नेह को दर्शाता है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में साइबर तहसील की व्यवस्था, भोपाल और इंदौर में मेट्रो रेल परियोजनाएं, एयरपोर्ट नेटवर्क का विस्तार और नक्सलवाद पर प्रभावी नियंत्रण जैसी उपलब्धियों के पीछे भी प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सुरक्षा के मामले में हमेशा स्पष्ट नीति अपनाई और यह संदेश दिया कि देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही मुख्यधारा में लौटने वालों के लिए पुनर्वास की बेहतर व्यवस्था पर भी बल दिया गया।
उद्योग और निवेश के क्षेत्र में भी प्रधानमंत्री के नेतृत्व को महत्वपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मध्य प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट जैसे आयोजनों में प्रधानमंत्री की भागीदारी ने राज्य को नई पहचान दिलाई है। इससे रोजगार के अवसर बढ़े हैं और औद्योगिक विकास को नई दिशा मिली है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से राज्य सरकार ने श्रमिकों और आम नागरिकों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी को कालजयी और त्रिकालदर्शी नेता बताते हुए कहा कि उन्होंने भारत की सांस्कृतिक विरासत को भी नई पहचान दिलाई है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, काशी के पुनर्विकास और योग को वैश्विक पहचान दिलाने जैसे प्रयासों ने देश की सांस्कृतिक चेतना को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की ताकत केवल उसकी अर्थव्यवस्था और सेना में नहीं होती, बल्कि उसकी संस्कृति और आत्मविश्वास में भी होती है। प्रधानमंत्री ने इसी आत्मविश्वास को नई ऊर्जा दी है।
उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों का मूल्यांकन केवल योजनाओं और आंकड़ों के आधार पर नहीं किया जा सकता। यह वह दौर है जिसने भारत को नई दिशा दी, लोगों में विश्वास जगाया और देश को आत्मनिर्भर तथा आत्मविश्वासी बनाने की मजबूत नींव रखी। मुख्यमंत्री के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह कार्यकाल नए भारत के निर्माण और राष्ट्रीय पुनर्जागरण का स्वर्णिम अध्याय है।
