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दुर्ग में अवैध हथियार-नशीली दवाओं पर सख्ती, कूरियर कंपनियों को नए निर्देश
दुर्ग (छ.ग.)
संदिग्ध बुकिंग की जानकारी पुलिस को देना अनिवार्य, CCTV और KYC नियम कड़े अवैध हथियार और नशीली दवाओं के नेटवर्क पर शिकंजा कसने की तैयारी तेज हो गई है। दुर्ग पुलिस ने कूरियर और ई-कॉमर्स कंपनियों को सीधे जिम्मेदारी सौंप दी है।
दुर्ग-भिलाई में अवैध हथियार और नशीली दवाइयों के बढ़ते खतरे को देखते हुए पुलिस ने सख्त कदम उठाए हैं। पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में कूरियर और ई-कॉमर्स कंपनियों के प्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि अब हर संदिग्ध बुकिंग की जानकारी तुरंत पुलिस को देनी होगी। अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य गैरकानूनी गतिविधियों पर समय रहते रोक लगाना और आपराधिक नेटवर्क को तोड़ना है।पुलिस ने बताया कि हाल के समय में कूरियर सेवाओं के जरिए अवैध सामान भेजे जाने की घटनाएं सामने आई हैं। ऐसे में कंपनियों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे हर पार्सल की जांच और सत्यापन प्रक्रिया को गंभीरता से लें।
कड़ी निगरानी व्यवस्था
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने NDPS Act और Arms Act से जुड़े प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन कानूनों का उल्लंघन करने पर सख्त सजा का प्रावधान है।कंपनियों को निर्देश दिए गए कि पार्सल बुकिंग के समय भेजने वाले की पहचान (KYC) अनिवार्य रूप से जांची जाए। किसी भी संदिग्ध पार्सल को बिना सत्यापन आगे न बढ़ाया जाए। साथ ही स्कैनिंग प्रक्रिया को मजबूत करने और जरूरत पड़ने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने पर जोर दिया गया।
सुरक्षा के सख्त नियम
पुलिस ने डिलीवरी और पिकअप स्टाफ के पुलिस सत्यापन को भी जरूरी बताया है। अधिकारियों के मुताबिक, इससे यह सुनिश्चित होगा कि कंपनियों में कार्यरत कर्मचारी विश्वसनीय हों और किसी अवैध गतिविधि में शामिल न हों।इसके अलावा, सभी कूरियर हब और गोदामों में CCTV कैमरे लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। कैमरों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखना भी जरूरी होगा, ताकि जांच के दौरान सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया जा सके।अधिकारियों के अनुसार, संदिग्ध गतिविधि की समय पर सूचना मिलने से अवैध हथियार और नशीले पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।
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दुर्ग में अवैध हथियार-नशीली दवाओं पर सख्ती, कूरियर कंपनियों को नए निर्देश
दुर्ग (छ.ग.)
दुर्ग-भिलाई में अवैध हथियार और नशीली दवाइयों के बढ़ते खतरे को देखते हुए पुलिस ने सख्त कदम उठाए हैं। पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में कूरियर और ई-कॉमर्स कंपनियों के प्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि अब हर संदिग्ध बुकिंग की जानकारी तुरंत पुलिस को देनी होगी। अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य गैरकानूनी गतिविधियों पर समय रहते रोक लगाना और आपराधिक नेटवर्क को तोड़ना है।पुलिस ने बताया कि हाल के समय में कूरियर सेवाओं के जरिए अवैध सामान भेजे जाने की घटनाएं सामने आई हैं। ऐसे में कंपनियों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे हर पार्सल की जांच और सत्यापन प्रक्रिया को गंभीरता से लें।
कड़ी निगरानी व्यवस्था
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने NDPS Act और Arms Act से जुड़े प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन कानूनों का उल्लंघन करने पर सख्त सजा का प्रावधान है।कंपनियों को निर्देश दिए गए कि पार्सल बुकिंग के समय भेजने वाले की पहचान (KYC) अनिवार्य रूप से जांची जाए। किसी भी संदिग्ध पार्सल को बिना सत्यापन आगे न बढ़ाया जाए। साथ ही स्कैनिंग प्रक्रिया को मजबूत करने और जरूरत पड़ने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने पर जोर दिया गया।
सुरक्षा के सख्त नियम
पुलिस ने डिलीवरी और पिकअप स्टाफ के पुलिस सत्यापन को भी जरूरी बताया है। अधिकारियों के मुताबिक, इससे यह सुनिश्चित होगा कि कंपनियों में कार्यरत कर्मचारी विश्वसनीय हों और किसी अवैध गतिविधि में शामिल न हों।इसके अलावा, सभी कूरियर हब और गोदामों में CCTV कैमरे लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। कैमरों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखना भी जरूरी होगा, ताकि जांच के दौरान सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया जा सके।अधिकारियों के अनुसार, संदिग्ध गतिविधि की समय पर सूचना मिलने से अवैध हथियार और नशीले पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।
