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Sachin Tendulkar Bastar Visit: बस्तर में बच्चों संग क्रिकेट खेलेंगे सचिन
बस्तर (छ.ग.)
छत्तीसगढ़ दौरे पर दंतेवाड़ा पहुंचेंगे, खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने की पहल क्रिकेट के दिग्गज आज पहली बार बस्तर क्षेत्र का दौरा करेंगे। स्थानीय बच्चों के साथ मैदान में उतरकर खेल प्रतिभाओं को प्रेरित करेंगे।
भारत के महान क्रिकेटर Sachin Tendulkar आज छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र के दौरे पर पहुंच रहे हैं, जहां वे दंतेवाड़ा में बच्चों के साथ क्रिकेट खेलते नजर आएंगे। यह उनका पहला बस्तर दौरा है, जिसे स्थानीय प्रशासन और खेल संगठनों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्र में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देना और युवाओं को नई दिशा देना है।
अधिकारियों के अनुसार, तेंदुलकर अपने इस दौरे के दौरान छिंदनार, पनेड़ा और जावंगा जैसे गांवों में आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। वे न केवल बच्चों के साथ क्रिकेट खेलेंगे, बल्कि खेल के प्रति रुचि बढ़ाने और प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए भी प्रेरित करेंगे।
खेल से बदलाव की पहल
बस्तर क्षेत्र में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए यह पहल लंबे समय से चल रही है।सूत्रों के मुताबिक, तेंदुलकर से जुड़ी संस्था और सहयोगी संगठनों द्वारा यहां खेल मैदान विकसित करने और स्थानीय शिक्षकों को प्रशिक्षण देने का काम किया जा रहा है।पनेड़ा में एक नए स्टेडियम का उद्घाटन भी कार्यक्रम का हिस्सा है, जिससे क्षेत्र में खेल ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
स्कूलों में खेल का विस्तार
जानकारी के अनुसार, दंतेवाड़ा जिले के करीब 25 स्कूलों और आश्रमों में खेल गतिविधियां शुरू की जा चुकी हैं। गीदम ब्लॉक के कई स्कूलों में छोटे-छोटे मैदान तैयार किए गए हैं, जहां सीमित संसाधनों के बावजूद विभिन्न खेलों का अभ्यास कराया जा रहा है।महाराष्ट्र की मानदेशी फाउंडेशन ने इस दिशा में अहम भूमिका निभाई है और अब तक 15 से अधिक शिक्षकों को प्रशिक्षण देकर उन्हें कोचिंग के लिए तैयार किया गया है।
स्थानीय बच्चों पर असर
इस पहल का सबसे बड़ा असर स्थानीय बच्चों और युवाओं पर देखा जा रहा है।विशेषज्ञों का मानना है कि खेल गतिविधियों के जरिए न केवल शारीरिक विकास होता है, बल्कि आत्मविश्वास और अनुशासन भी बढ़ता है।बस्तर जैसे क्षेत्रों में, जहां लंबे समय तक विकास की गति प्रभावित रही, वहां इस तरह के प्रयास सामाजिक बदलाव का माध्यम बन सकते हैं।
प्रशासन और आयोजकों को उम्मीद है कि इस दौरे के बाद क्षेत्र में खेल गतिविधियों को और गति मिलेगी।स्थानीय स्तर पर नई प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने की दिशा में भी काम तेज किया जाएगा।
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Sachin Tendulkar Bastar Visit: बस्तर में बच्चों संग क्रिकेट खेलेंगे सचिन
बस्तर (छ.ग.)
भारत के महान क्रिकेटर Sachin Tendulkar आज छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र के दौरे पर पहुंच रहे हैं, जहां वे दंतेवाड़ा में बच्चों के साथ क्रिकेट खेलते नजर आएंगे। यह उनका पहला बस्तर दौरा है, जिसे स्थानीय प्रशासन और खेल संगठनों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्र में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देना और युवाओं को नई दिशा देना है।
अधिकारियों के अनुसार, तेंदुलकर अपने इस दौरे के दौरान छिंदनार, पनेड़ा और जावंगा जैसे गांवों में आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। वे न केवल बच्चों के साथ क्रिकेट खेलेंगे, बल्कि खेल के प्रति रुचि बढ़ाने और प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए भी प्रेरित करेंगे।
खेल से बदलाव की पहल
बस्तर क्षेत्र में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए यह पहल लंबे समय से चल रही है।सूत्रों के मुताबिक, तेंदुलकर से जुड़ी संस्था और सहयोगी संगठनों द्वारा यहां खेल मैदान विकसित करने और स्थानीय शिक्षकों को प्रशिक्षण देने का काम किया जा रहा है।पनेड़ा में एक नए स्टेडियम का उद्घाटन भी कार्यक्रम का हिस्सा है, जिससे क्षेत्र में खेल ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
स्कूलों में खेल का विस्तार
जानकारी के अनुसार, दंतेवाड़ा जिले के करीब 25 स्कूलों और आश्रमों में खेल गतिविधियां शुरू की जा चुकी हैं। गीदम ब्लॉक के कई स्कूलों में छोटे-छोटे मैदान तैयार किए गए हैं, जहां सीमित संसाधनों के बावजूद विभिन्न खेलों का अभ्यास कराया जा रहा है।महाराष्ट्र की मानदेशी फाउंडेशन ने इस दिशा में अहम भूमिका निभाई है और अब तक 15 से अधिक शिक्षकों को प्रशिक्षण देकर उन्हें कोचिंग के लिए तैयार किया गया है।
स्थानीय बच्चों पर असर
इस पहल का सबसे बड़ा असर स्थानीय बच्चों और युवाओं पर देखा जा रहा है।विशेषज्ञों का मानना है कि खेल गतिविधियों के जरिए न केवल शारीरिक विकास होता है, बल्कि आत्मविश्वास और अनुशासन भी बढ़ता है।बस्तर जैसे क्षेत्रों में, जहां लंबे समय तक विकास की गति प्रभावित रही, वहां इस तरह के प्रयास सामाजिक बदलाव का माध्यम बन सकते हैं।
प्रशासन और आयोजकों को उम्मीद है कि इस दौरे के बाद क्षेत्र में खेल गतिविधियों को और गति मिलेगी।स्थानीय स्तर पर नई प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने की दिशा में भी काम तेज किया जाएगा।
