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कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर पर FIR के आदेश, 500 की शर्त बनी विवाद का कारण
नेशनल न्यूज
कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर पर कबड्डी मैच में ₹500 की शर्त को लेकर कोर्ट सख्त, FIR दर्ज करने का निर्देश ₹500 की एक कथित दोस्ताना शर्त ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। मामला अब कानूनी दायरे में पहुंच चुका है और जांच के आदेश दिए जा चुके हैं।
कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर एक मामूली दिखने वाले मामले में कानूनी विवाद में घिर गए हैं। बेंगलुरु की एक अदालत ने कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान ₹500 की कथित शर्त लगाने के मामले में उनके खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। यह घटना तुमकुरु में आयोजित एक राज्य स्तरीय प्री-यूनिवर्सिटी कबड्डी प्रतियोगिता से जुड़ी बताई जा रही है, जहां मंत्री ने कथित तौर पर जिला कलेक्टर के साथ मैच के परिणाम को लेकर शर्त लगाई थी। हालांकि मंत्री ने इसे महज मजाक बताया है, लेकिन शिकायत दर्ज होने के बाद अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। इस फैसले के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि मामला एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से जुड़ा है। अधिकारियों के अनुसार अब पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जांच कर रिपोर्ट पेश करनी होगी।
क्या है पूरा मामला
रिपोर्ट्स के अनुसार, तुमकुरु में आयोजित कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान मंत्री ने एक टीम की जीत पर ₹500 की शर्त लगाई थी। बाद में सार्वजनिक मंच से उन्होंने खुद इस शर्त का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें यह रकम हारनी पड़ी।इस बयान के सामने आने के बाद एचआर नागभूषण नामक व्यक्ति ने अदालत में शिकायत दर्ज कराई। उनका तर्क था कि सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की शर्त लगाना कानून के दायरे में आता है और इसे बढ़ावा देना गलत संदेश देता है।
कोर्ट का रुख सख्त
बेंगलुरु कोर्ट ने शिकायत पर सुनवाई करते हुए पुलिस को FIR दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया। न्यायालय ने माना कि आरोपों की जांच जरूरी है, चाहे मामला छोटा ही क्यों न हो।
सूत्रों के मुताबिक, आदेश में कहा गया है कि सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति के आचरण की जांच पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए। यह भी ध्यान देने योग्य है कि पुलिस विभाग स्वयं गृह मंत्रालय के अधीन आता है, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है।
इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए जी. परमेश्वर ने कहा कि यह कोई गंभीर सट्टेबाजी नहीं थी, बल्कि खेल के दौरान हुआ हल्का-फुल्का मजाक था।उन्होंने कहा, “क्या एक गृह मंत्री इस स्तर की सट्टेबाजी करेगा? इसे अनावश्यक रूप से बढ़ाया जा रहा है।” हालांकि, उनकी सफाई के बावजूद मामला कानूनी प्रक्रिया में प्रवेश कर चुका है।
अब पुलिस को अदालत के निर्देश के अनुसार FIR दर्ज कर जांच शुरू करनी होगी। जांच में यह देखा जाएगा कि मामला केवल मजाक तक सीमित था या इसमें किसी नियम का उल्लंघन हुआ है।
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कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर पर FIR के आदेश, 500 की शर्त बनी विवाद का कारण
नेशनल न्यूज
कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर एक मामूली दिखने वाले मामले में कानूनी विवाद में घिर गए हैं। बेंगलुरु की एक अदालत ने कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान ₹500 की कथित शर्त लगाने के मामले में उनके खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। यह घटना तुमकुरु में आयोजित एक राज्य स्तरीय प्री-यूनिवर्सिटी कबड्डी प्रतियोगिता से जुड़ी बताई जा रही है, जहां मंत्री ने कथित तौर पर जिला कलेक्टर के साथ मैच के परिणाम को लेकर शर्त लगाई थी। हालांकि मंत्री ने इसे महज मजाक बताया है, लेकिन शिकायत दर्ज होने के बाद अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। इस फैसले के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि मामला एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से जुड़ा है। अधिकारियों के अनुसार अब पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जांच कर रिपोर्ट पेश करनी होगी।
क्या है पूरा मामला
रिपोर्ट्स के अनुसार, तुमकुरु में आयोजित कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान मंत्री ने एक टीम की जीत पर ₹500 की शर्त लगाई थी। बाद में सार्वजनिक मंच से उन्होंने खुद इस शर्त का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें यह रकम हारनी पड़ी।इस बयान के सामने आने के बाद एचआर नागभूषण नामक व्यक्ति ने अदालत में शिकायत दर्ज कराई। उनका तर्क था कि सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की शर्त लगाना कानून के दायरे में आता है और इसे बढ़ावा देना गलत संदेश देता है।
कोर्ट का रुख सख्त
बेंगलुरु कोर्ट ने शिकायत पर सुनवाई करते हुए पुलिस को FIR दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया। न्यायालय ने माना कि आरोपों की जांच जरूरी है, चाहे मामला छोटा ही क्यों न हो।
सूत्रों के मुताबिक, आदेश में कहा गया है कि सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति के आचरण की जांच पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए। यह भी ध्यान देने योग्य है कि पुलिस विभाग स्वयं गृह मंत्रालय के अधीन आता है, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है।
इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए जी. परमेश्वर ने कहा कि यह कोई गंभीर सट्टेबाजी नहीं थी, बल्कि खेल के दौरान हुआ हल्का-फुल्का मजाक था।उन्होंने कहा, “क्या एक गृह मंत्री इस स्तर की सट्टेबाजी करेगा? इसे अनावश्यक रूप से बढ़ाया जा रहा है।” हालांकि, उनकी सफाई के बावजूद मामला कानूनी प्रक्रिया में प्रवेश कर चुका है।
अब पुलिस को अदालत के निर्देश के अनुसार FIR दर्ज कर जांच शुरू करनी होगी। जांच में यह देखा जाएगा कि मामला केवल मजाक तक सीमित था या इसमें किसी नियम का उल्लंघन हुआ है।
