अमेरिका ने ईरानी तेल पर 30 दिन की छूट दी, ग्लोबल बाजार में बढ़ेगी सप्लाई; भारत में कीमतें रह सकती हैं स्थिर

बिजनेस न्यूज

On

मिडिल ईस्ट तनाव के बीच 14 करोड़ बैरल तेल बाजार में आने की उम्मीद; ऊर्जा संकट को काबू करने की रणनीति

वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच अमेरिका ने ईरानी तेल की खरीद पर 30 दिन की अस्थायी छूट देने का फैसला किया है। यह छूट 20 मार्च से 19 अप्रैल तक लागू रहेगी और केवल समुद्र में मौजूद टैंकरों में भरे तेल की खरीद तक सीमित होगी। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के अनुसार इस कदम से करीब 14 करोड़ बैरल कच्चा तेल वैश्विक बाजार में आएगा, जिससे सप्लाई बढ़ने और कीमतों पर दबाव कम होने की संभावना है।

अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि यह निर्णय मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए लिया गया है, जहां मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। फरवरी के अंत तक जहां क्रूड ऑयल 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास था, वहीं अब यह 110 डॉलर के पार पहुंच चुका है।

विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका का यह कदम ऊर्जा बाजार में अस्थिरता को नियंत्रित करने की रणनीति का हिस्सा है। ईरान और इजरायल के बीच तनाव और ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ मार्ग के बाधित होने से वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के करीब 20% पेट्रोलियम परिवहन का प्रमुख रास्ता है। इसके बंद होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की उपलब्धता पर सीधा असर पड़ा है।

हालांकि अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि यह छूट ईरान के प्रति नरमी नहीं, बल्कि एक सामरिक निर्णय है। अधिकारियों का कहना है कि इस तेल को नियंत्रित तरीके से बाजार में लाकर कीमतों को संतुलित रखना जरूरी है, ताकि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।

इस फैसले का असर भारत जैसे आयातक देशों पर भी पड़ सकता है। भारत अपनी जरूरत का 80% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है और इसका बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से आता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अतिरिक्त सप्लाई समय पर बाजार में पहुंचती है, तो देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल स्थिरता बनी रह सकती है।

हालांकि ऊर्जा विश्लेषकों का कहना है कि 14 करोड़ बैरल तेल वैश्विक खपत के हिसाब से बहुत सीमित है और यह स्टॉक लंबे समय तक बाजार को संतुलित नहीं रख पाएगा। ऐसे में आने वाले समय में अमेरिका को या तो प्रतिबंधों में और ढील देनी होगी या वैकल्पिक उपाय अपनाने होंगे।

ईरान पर 1979 से ही विभिन्न स्तरों पर प्रतिबंध लगे हुए हैं, जिन्हें समय-समय पर बदला गया है। 2015 में परमाणु समझौते के तहत कुछ राहत दी गई थी, लेकिन 2018 में फिर से कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए गए।

फिलहाल, वैश्विक बाजार इस फैसले के असर का इंतजार कर रहा है। आने वाले हफ्तों में तेल की कीमतों और सप्लाई की स्थिति से यह स्पष्ट होगा कि यह अस्थायी कदम कितनी राहत दे पाता है।

----------------

Edited By: Nitin Trivedi

-----------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए

www.dainikjagranmpcg.com
21 Mar 2026 By Nitin Trivedi

अमेरिका ने ईरानी तेल पर 30 दिन की छूट दी, ग्लोबल बाजार में बढ़ेगी सप्लाई; भारत में कीमतें रह सकती हैं स्थिर

बिजनेस न्यूज

वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच अमेरिका ने ईरानी तेल की खरीद पर 30 दिन की अस्थायी छूट देने का फैसला किया है। यह छूट 20 मार्च से 19 अप्रैल तक लागू रहेगी और केवल समुद्र में मौजूद टैंकरों में भरे तेल की खरीद तक सीमित होगी। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के अनुसार इस कदम से करीब 14 करोड़ बैरल कच्चा तेल वैश्विक बाजार में आएगा, जिससे सप्लाई बढ़ने और कीमतों पर दबाव कम होने की संभावना है।

अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि यह निर्णय मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए लिया गया है, जहां मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। फरवरी के अंत तक जहां क्रूड ऑयल 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास था, वहीं अब यह 110 डॉलर के पार पहुंच चुका है।

विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका का यह कदम ऊर्जा बाजार में अस्थिरता को नियंत्रित करने की रणनीति का हिस्सा है। ईरान और इजरायल के बीच तनाव और ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ मार्ग के बाधित होने से वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के करीब 20% पेट्रोलियम परिवहन का प्रमुख रास्ता है। इसके बंद होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की उपलब्धता पर सीधा असर पड़ा है।

हालांकि अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि यह छूट ईरान के प्रति नरमी नहीं, बल्कि एक सामरिक निर्णय है। अधिकारियों का कहना है कि इस तेल को नियंत्रित तरीके से बाजार में लाकर कीमतों को संतुलित रखना जरूरी है, ताकि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।

इस फैसले का असर भारत जैसे आयातक देशों पर भी पड़ सकता है। भारत अपनी जरूरत का 80% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है और इसका बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से आता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अतिरिक्त सप्लाई समय पर बाजार में पहुंचती है, तो देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल स्थिरता बनी रह सकती है।

हालांकि ऊर्जा विश्लेषकों का कहना है कि 14 करोड़ बैरल तेल वैश्विक खपत के हिसाब से बहुत सीमित है और यह स्टॉक लंबे समय तक बाजार को संतुलित नहीं रख पाएगा। ऐसे में आने वाले समय में अमेरिका को या तो प्रतिबंधों में और ढील देनी होगी या वैकल्पिक उपाय अपनाने होंगे।

ईरान पर 1979 से ही विभिन्न स्तरों पर प्रतिबंध लगे हुए हैं, जिन्हें समय-समय पर बदला गया है। 2015 में परमाणु समझौते के तहत कुछ राहत दी गई थी, लेकिन 2018 में फिर से कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए गए।

फिलहाल, वैश्विक बाजार इस फैसले के असर का इंतजार कर रहा है। आने वाले हफ्तों में तेल की कीमतों और सप्लाई की स्थिति से यह स्पष्ट होगा कि यह अस्थायी कदम कितनी राहत दे पाता है।

----------------

https://www.dainikjagranmpcg.com/business/america-gave-30-days-relaxation-on-iranian-oil-supply-will/article-48643

खबरें और भी हैं

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

टाप न्यूज

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

मझौली जनपद पंचायत के विभागीय ग्रुप में सामने आया मैसेज, प्रभारी मंत्री के दौरे से पहले सोशल मीडिया पर वायरल...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

प्रयागराज से रीवा लाई जा रही थी 1312 शीशी नशीली कफ सीरप, 19 वर्षीय तस्कर गिरफ्तार, पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए साझा की पुरानी यादें, भारत-न्यूजीलैंड साझेदारी, जनकल्याण और भविष्य के सहयोग पर दिया विशेष...
देश विदेश 
ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

संयुक्त संसदीय समिति का दावा- अधिकांश लोगों ने किया समर्थन, राज्यों से सुझाव लेकर तैयार हो रहा रोडमैप; संवैधानिक संशोधन...
देश विदेश 
2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

बिजनेस

ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप
एप्पल ने अमेरिका की अदालत में दायर याचिका में ओपनएआई, उसके हार्डवेयर सहयोगी और दो पूर्व कर्मचारियों पर गोपनीय तकनीकी...
पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल फिर महंगे, नई कीमतें 11 जुलाई से लागू
शेयर बाजार में शानदार तेजी: सेंसेक्स 828 अंक उछला, निफ्टी 24,200 के पार; बैंकिंग और रियल्टी शेयरों ने भरी उड़ान
BSNL ने लॉन्च किया सैटेलाइट फोन, बिना मोबाइल नेटवर्क भी होगी बातचीत; खरीदने के लिए सरकारी मंजूरी जरूरी
शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 700 अंक चढ़ा; आईटी और मेटल शेयरों में दिखी मजबूत खरीदारी
Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.