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जबलपुर की युवती मानव तस्करी का शिकार, 2 लाख में बेची गई; जबरन शादी और 4 महीने तक बंधक बनाकर दुष्कर्म
जबलपुर(म.प्र.)
महाकाल दर्शन के बहाने उज्जैन बुलाया, फिर कोटा ले जाकर सौदा; चार महीने बाद भागकर घर पहुंची, दो आरोपी गिरफ्तार
मध्य प्रदेश के जबलपुर में मानव तस्करी और दुष्कर्म का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें 19 वर्षीय युवती को झांसा देकर पहले उज्जैन बुलाया गया, फिर उसे 2 लाख रुपये में बेचकर जबरन शादी कराई गई। युवती को चार महीने तक बंधक बनाकर रखा गया और उसके साथ दैहिक शोषण किया गया। किसी तरह जान बचाकर भागने के बाद पीड़िता ने घर पहुंचकर पूरी घटना उजागर की।
कैसे रची गई पूरी साजिश
पीड़िता ने बताया कि वह करीब आठ महीने पहले अधारताल क्षेत्र की एक कपड़े की दुकान में काम करने लगी थी। वहीं उसकी मुलाकात जावेद नाम के युवक से हुई, जिसने उसे अपनी परिचित पूनम से मिलवाया।
कुछ समय बाद पूनम ने युवती को उज्जैन में महाकाल दर्शन के बहाने बुलाया। भरोसे में आकर युवती उज्जैन पहुंच गई, जहां उसे करीब 15 दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया।
उज्जैन से कोटा तक सौदा
उज्जैन में ही युवती को ईश्वर नाम के व्यक्ति को सौंप दिया गया। इसके बाद उसे ट्रेन से कोटा ले जाया गया, जहां पारस नाम के युवक को लगभग 2 लाख रुपये में बेच दिया गया।
कोटा पहुंचने के बाद युवती को एक मंदिर में जबरन शादी के लिए मजबूर किया गया। विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद चार महीने तक उसे बंधक बनाकर रखा गया और लगातार दुष्कर्म किया गया।
चार महीने बाद ऐसे बची जान
लगातार प्रताड़ना झेल रही युवती को चार महीने बाद मौका मिला और वह किसी तरह वहां से भाग निकली। 18 मार्च को वह जबलपुर पहुंची और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी।
परिवार ने पहले ही 11 दिसंबर 2025 को उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। युवती के लौटने के बाद मामला मानव तस्करी और यौन शोषण में बदल गया।
अधारताल थाना पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए जावेद और पूनम को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं उज्जैन निवासी ईश्वर और कोटा निवासी पारस फरार हैं, जिनकी तलाश के लिए पुलिस टीम रवाना की गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह संगठित मानव तस्करी का मामला प्रतीत हो रहा है और इसमें अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
यह मामला प्रदेश में मानव तस्करी के बढ़ते नेटवर्क और महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस का कहना है कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण और बयान दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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जबलपुर की युवती मानव तस्करी का शिकार, 2 लाख में बेची गई; जबरन शादी और 4 महीने तक बंधक बनाकर दुष्कर्म
जबलपुर(म.प्र.)
मध्य प्रदेश के जबलपुर में मानव तस्करी और दुष्कर्म का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें 19 वर्षीय युवती को झांसा देकर पहले उज्जैन बुलाया गया, फिर उसे 2 लाख रुपये में बेचकर जबरन शादी कराई गई। युवती को चार महीने तक बंधक बनाकर रखा गया और उसके साथ दैहिक शोषण किया गया। किसी तरह जान बचाकर भागने के बाद पीड़िता ने घर पहुंचकर पूरी घटना उजागर की।
कैसे रची गई पूरी साजिश
पीड़िता ने बताया कि वह करीब आठ महीने पहले अधारताल क्षेत्र की एक कपड़े की दुकान में काम करने लगी थी। वहीं उसकी मुलाकात जावेद नाम के युवक से हुई, जिसने उसे अपनी परिचित पूनम से मिलवाया।
कुछ समय बाद पूनम ने युवती को उज्जैन में महाकाल दर्शन के बहाने बुलाया। भरोसे में आकर युवती उज्जैन पहुंच गई, जहां उसे करीब 15 दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया।
उज्जैन से कोटा तक सौदा
उज्जैन में ही युवती को ईश्वर नाम के व्यक्ति को सौंप दिया गया। इसके बाद उसे ट्रेन से कोटा ले जाया गया, जहां पारस नाम के युवक को लगभग 2 लाख रुपये में बेच दिया गया।
कोटा पहुंचने के बाद युवती को एक मंदिर में जबरन शादी के लिए मजबूर किया गया। विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद चार महीने तक उसे बंधक बनाकर रखा गया और लगातार दुष्कर्म किया गया।
चार महीने बाद ऐसे बची जान
लगातार प्रताड़ना झेल रही युवती को चार महीने बाद मौका मिला और वह किसी तरह वहां से भाग निकली। 18 मार्च को वह जबलपुर पहुंची और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी।
परिवार ने पहले ही 11 दिसंबर 2025 को उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। युवती के लौटने के बाद मामला मानव तस्करी और यौन शोषण में बदल गया।
अधारताल थाना पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए जावेद और पूनम को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं उज्जैन निवासी ईश्वर और कोटा निवासी पारस फरार हैं, जिनकी तलाश के लिए पुलिस टीम रवाना की गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह संगठित मानव तस्करी का मामला प्रतीत हो रहा है और इसमें अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
यह मामला प्रदेश में मानव तस्करी के बढ़ते नेटवर्क और महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस का कहना है कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण और बयान दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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