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सोने-चांदी की कीमतों में बड़ा उतार-चढ़ाव: सोना ₹549 सस्ता, चांदी ₹3,727 महंगी
बिजनेस न्यूज
ईरान संघर्ष और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों का असर, निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह
आज सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹549 की गिरावट के साथ ₹1.47 लाख पर आ गया। वहीं, एक किलो चांदी ₹3,727 बढ़कर ₹2.34 लाख पर पहुंच गई। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनावपूर्ण हालात और निवेशकों की नकदी सुरक्षा प्राथमिकता ने सोने की मांग पर असर डाला।
सोने और चांदी की कीमतें पिछले आठ दिनों में लगातार उतार-चढ़ाव का सामना कर रही हैं। सोने की कीमत में इस दौरान ₹12,963 की गिरावट और चांदी में ₹34,701 की कमी आई है। इसका मुख्य कारण अमेरिका-ईरान संघर्ष और वैश्विक निवेशकों द्वारा नकद में सुरक्षित रहने की प्रवृत्ति है। इसके अलावा तेल की बढ़ती कीमत और वैश्विक शेयर बाजार में बिकवाली भी सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव डाल रही है।
अलग-अलग शहरों में अलग दाम
IBJA के अनुसार, भारत के विभिन्न शहरों में सोने के दाम अलग-अलग होने के चार प्रमुख कारण हैं। पहला, ट्रांसपोर्टेशन और सुरक्षा लागत: सोने को शहर से शहर ले जाने में ईंधन और सुरक्षा पर खर्च बढ़ता है। दूसरा, खरीदारी की मात्रा: दक्षिण भारत में खपत अधिक होने के कारण ज्वेलर्स बड़े पैमाने पर सोना खरीदते हैं, जिससे ग्राहकों को कम दाम मिलते हैं। तीसरा, स्थानीय ज्वेलरी एसोसिएशन: राज्य और शहर के ज्वेलरी एसोसिएशन अपने क्षेत्र की मांग-सप्लाई के आधार पर रेट तय करते हैं। चौथा, पुराने स्टॉक का असर: जिन ज्वेलर्स ने सोना सस्ते दर पर खरीदा हो, वे ग्राहकों को कम दाम में बेच सकते हैं।
साल की शुरुआत से अब तक का रुझान
31 दिसंबर 2025 को सोने की कीमत 1.33 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 1.76 लाख तक पहुंच गई। तब से अब तक सोना 28,781 रुपए सस्ता हुआ। चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख पर थी, जो जनवरी में 3.86 लाख रुपए के ऑल-टाइम हाई तक पहुंच गई। पिछले 50 दिनों में चांदी में 1.52 लाख रुपए की गिरावट दर्ज हुई है।
विशेषज्ञों की सलाह
विशेषज्ञों ने निवेशकों को सर्टिफाइड गोल्ड खरीदने और कीमतें विभिन्न विश्वसनीय स्रोतों से क्रॉस-चेक करने की सलाह दी है। चांदी खरीदते समय मैग्नेट टेस्ट, आइस टेस्ट, स्मेल टेस्ट और क्लॉथ टेस्ट जैसे उपाय अपनाने की सिफारिश की गई है, ताकि नकली धातु से बचा जा सके।
विशेषज्ञ मानते हैं कि वैश्विक राजनीतिक तनाव और मुद्रास्फीति के संकेत आने तक सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। घरेलू बाजार में ज्वेलर्स और निवेशकों को कीमतों की ताजा स्थिति पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
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सोने-चांदी की कीमतों में बड़ा उतार-चढ़ाव: सोना ₹549 सस्ता, चांदी ₹3,727 महंगी
बिजनेस न्यूज
आज सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹549 की गिरावट के साथ ₹1.47 लाख पर आ गया। वहीं, एक किलो चांदी ₹3,727 बढ़कर ₹2.34 लाख पर पहुंच गई। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनावपूर्ण हालात और निवेशकों की नकदी सुरक्षा प्राथमिकता ने सोने की मांग पर असर डाला।
सोने और चांदी की कीमतें पिछले आठ दिनों में लगातार उतार-चढ़ाव का सामना कर रही हैं। सोने की कीमत में इस दौरान ₹12,963 की गिरावट और चांदी में ₹34,701 की कमी आई है। इसका मुख्य कारण अमेरिका-ईरान संघर्ष और वैश्विक निवेशकों द्वारा नकद में सुरक्षित रहने की प्रवृत्ति है। इसके अलावा तेल की बढ़ती कीमत और वैश्विक शेयर बाजार में बिकवाली भी सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव डाल रही है।
अलग-अलग शहरों में अलग दाम
IBJA के अनुसार, भारत के विभिन्न शहरों में सोने के दाम अलग-अलग होने के चार प्रमुख कारण हैं। पहला, ट्रांसपोर्टेशन और सुरक्षा लागत: सोने को शहर से शहर ले जाने में ईंधन और सुरक्षा पर खर्च बढ़ता है। दूसरा, खरीदारी की मात्रा: दक्षिण भारत में खपत अधिक होने के कारण ज्वेलर्स बड़े पैमाने पर सोना खरीदते हैं, जिससे ग्राहकों को कम दाम मिलते हैं। तीसरा, स्थानीय ज्वेलरी एसोसिएशन: राज्य और शहर के ज्वेलरी एसोसिएशन अपने क्षेत्र की मांग-सप्लाई के आधार पर रेट तय करते हैं। चौथा, पुराने स्टॉक का असर: जिन ज्वेलर्स ने सोना सस्ते दर पर खरीदा हो, वे ग्राहकों को कम दाम में बेच सकते हैं।
साल की शुरुआत से अब तक का रुझान
31 दिसंबर 2025 को सोने की कीमत 1.33 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 1.76 लाख तक पहुंच गई। तब से अब तक सोना 28,781 रुपए सस्ता हुआ। चांदी 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख पर थी, जो जनवरी में 3.86 लाख रुपए के ऑल-टाइम हाई तक पहुंच गई। पिछले 50 दिनों में चांदी में 1.52 लाख रुपए की गिरावट दर्ज हुई है।
विशेषज्ञों की सलाह
विशेषज्ञों ने निवेशकों को सर्टिफाइड गोल्ड खरीदने और कीमतें विभिन्न विश्वसनीय स्रोतों से क्रॉस-चेक करने की सलाह दी है। चांदी खरीदते समय मैग्नेट टेस्ट, आइस टेस्ट, स्मेल टेस्ट और क्लॉथ टेस्ट जैसे उपाय अपनाने की सिफारिश की गई है, ताकि नकली धातु से बचा जा सके।
विशेषज्ञ मानते हैं कि वैश्विक राजनीतिक तनाव और मुद्रास्फीति के संकेत आने तक सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। घरेलू बाजार में ज्वेलर्स और निवेशकों को कीमतों की ताजा स्थिति पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
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