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ग्वालियर में 116 ईदगाह-मस्जिदों में अदा हुई ईद की नमाज, भाईचारे के साथ मनाया गया पर्व
ग्वालियर (म.प्र.)
सुबह 7:30 से 9:30 बजे तक विशेष नमाज, लोगों ने गले मिलकर दी मुबारकबाद; बाजारों में दिखी रौनक, 1500 जवान रहे तैनात
मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में ईद-उल-फितर का पर्व शनिवार को शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण माहौल में मनाया गया। शहर की 116 ईदगाहों और मस्जिदों में सुबह 7:30 से 9:30 बजे के बीच मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सामूहिक रूप से विशेष नमाज अदा की। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी और देश-दुनिया में अमन-चैन की दुआ मांगी।
नमाज में बड़ी संख्या में युवा, बच्चे और बुजुर्ग शामिल हुए। आयोजन के दौरान धार्मिक अनुशासन और सामाजिक सौहार्द की झलक साफ दिखाई दी।
सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश
ईद के मौके पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सामाजिक एकता का संदेश देते हुए हिंदू समाज के लोगों को भी सिवैयों पर आमंत्रित किया। लोगों ने कहा कि वे दीपावली और होली की तरह इस त्योहार को भी आपसी भाईचारे के साथ मना रहे हैं।
कुछ लोगों ने अन्य शहरों में सामने आई घटनाओं का जिक्र करते हुए स्पष्ट किया कि ग्वालियर में ईद पूरी तरह शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाई गई। नमाज के दौरान किसी प्रकार की नारेबाजी या विवाद की स्थिति नहीं बनी।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
ईद के अवसर पर प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार शहरभर में करीब 1500 पुलिसकर्मी और अधिकारी तैनात किए गए थे।
संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी गई, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अफवाह को रोका जा सके। प्रशासन ने बताया कि सभी स्थानों पर नमाज शांतिपूर्वक संपन्न हुई और कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
बाजारों में दिखी रौनक
ईद के त्योहार का असर शहर के बाजारों में भी साफ नजर आया। ईद से पहले ही बाजारों में फैनी, सेवइयां, कपड़े और गहनों की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई थी।
त्योहार के दिन भी लोग खरीदारी करते नजर आए। व्यापारियों के अनुसार इस बार बिक्री में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। बाजारों में उत्साह और चहल-पहल का माहौल बना रहा, जिससे स्थानीय कारोबार को भी फायदा मिला।
क्यों मनाई जाती है ईद
ईद-उल-फितर रमजान के महीने के रोजों के समापन के बाद मनाई जाती है। इस दिन मुस्लिम समुदाय के लोग अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हैं और जरूरतमंदों को फित्रा देकर सामाजिक समानता का संदेश देते हैं।मीठी सेवइयां खिलाकर खुशियां साझा करना इस पर्व की प्रमुख परंपरा है, जो आपसी प्रेम और सौहार्द को मजबूत बनाती है।
प्रशासन ने बताया कि शहर में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी जारी रहेगी। त्योहार के बाद भी पुलिस सतर्क रहेगी, ताकि सामाजिक सौहार्द बना रहे।
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ग्वालियर में 116 ईदगाह-मस्जिदों में अदा हुई ईद की नमाज, भाईचारे के साथ मनाया गया पर्व
ग्वालियर (म.प्र.)
मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में ईद-उल-फितर का पर्व शनिवार को शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण माहौल में मनाया गया। शहर की 116 ईदगाहों और मस्जिदों में सुबह 7:30 से 9:30 बजे के बीच मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सामूहिक रूप से विशेष नमाज अदा की। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी और देश-दुनिया में अमन-चैन की दुआ मांगी।
नमाज में बड़ी संख्या में युवा, बच्चे और बुजुर्ग शामिल हुए। आयोजन के दौरान धार्मिक अनुशासन और सामाजिक सौहार्द की झलक साफ दिखाई दी।
सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश
ईद के मौके पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सामाजिक एकता का संदेश देते हुए हिंदू समाज के लोगों को भी सिवैयों पर आमंत्रित किया। लोगों ने कहा कि वे दीपावली और होली की तरह इस त्योहार को भी आपसी भाईचारे के साथ मना रहे हैं।
कुछ लोगों ने अन्य शहरों में सामने आई घटनाओं का जिक्र करते हुए स्पष्ट किया कि ग्वालियर में ईद पूरी तरह शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाई गई। नमाज के दौरान किसी प्रकार की नारेबाजी या विवाद की स्थिति नहीं बनी।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
ईद के अवसर पर प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार शहरभर में करीब 1500 पुलिसकर्मी और अधिकारी तैनात किए गए थे।
संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी गई, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अफवाह को रोका जा सके। प्रशासन ने बताया कि सभी स्थानों पर नमाज शांतिपूर्वक संपन्न हुई और कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
बाजारों में दिखी रौनक
ईद के त्योहार का असर शहर के बाजारों में भी साफ नजर आया। ईद से पहले ही बाजारों में फैनी, सेवइयां, कपड़े और गहनों की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई थी।
त्योहार के दिन भी लोग खरीदारी करते नजर आए। व्यापारियों के अनुसार इस बार बिक्री में अच्छी बढ़ोतरी हुई है। बाजारों में उत्साह और चहल-पहल का माहौल बना रहा, जिससे स्थानीय कारोबार को भी फायदा मिला।
क्यों मनाई जाती है ईद
ईद-उल-फितर रमजान के महीने के रोजों के समापन के बाद मनाई जाती है। इस दिन मुस्लिम समुदाय के लोग अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हैं और जरूरतमंदों को फित्रा देकर सामाजिक समानता का संदेश देते हैं।मीठी सेवइयां खिलाकर खुशियां साझा करना इस पर्व की प्रमुख परंपरा है, जो आपसी प्रेम और सौहार्द को मजबूत बनाती है।
प्रशासन ने बताया कि शहर में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी जारी रहेगी। त्योहार के बाद भी पुलिस सतर्क रहेगी, ताकि सामाजिक सौहार्द बना रहे।
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