निफ्टी ने बनाया नया इतिहास, बाजार सपाट; आईटी और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली

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5 जनवरी को निफ्टी 26,358 तक पहुंचा, सेंसेक्स हल्की गिरावट के साथ 85,750 के आसपास टिका

भारतीय शेयर बाजार में आज 5 जनवरी को सीमित दायरे में कारोबार देखने को मिला। कारोबार के दौरान निफ्टी 50 ने 26,358 का स्तर छूकर नया रिकॉर्ड बनाया, हालांकि ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली के चलते यह बढ़त टिक नहीं सकी। दिन के अंत तक निफ्टी 26,300 के आसपास कारोबार करता नजर आया। वहीं सेंसेक्स करीब 50 अंकों की कमजोरी के साथ 85,750 के स्तर पर बना रहा। बाजार पर आज आईटी और बैंकिंग शेयरों की गिरावट का साफ असर दिखा।

क्या रहा बाजार का हाल
शुरुआती कारोबार में बाजार ने सकारात्मक संकेत दिए थे, लेकिन जैसे-जैसे निफ्टी रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंचा, निवेशकों ने मुनाफा वसूलना शुरू कर दिया। इसके चलते प्रमुख सूचकांकों में तेज उतार-चढ़ाव देखा गया। बैंकिंग और आईटी शेयरों में दबाव रहने से सेंसेक्स की चाल सीमित रही।

कहां से मिला समर्थन
वैश्विक बाजारों से आज भारतीय बाजार को सहारा मिला। एशियाई बाजारों में मजबूती देखने को मिली, जिसका असर घरेलू निवेशकों की धारणा पर पड़ा। जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2% से ज्यादा की तेजी में रहे। हांगकांग और चीन के बाजार भी हरे निशान में कारोबार करते दिखे। अमेरिकी बाजारों में भी पिछले सत्र में सकारात्मक रुख रहा था, जिससे वैश्विक संकेत मजबूत बने।

क्यों नहीं टिक पाई तेजी
विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी का रिकॉर्ड हाई घरेलू निवेशकों की लगातार खरीदारी और बीते हफ्तों की तेजी का नतीजा है। हालांकि, आईटी सेक्टर में कमजोर आउटलुक और बैंकिंग शेयरों में दबाव के कारण निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। ऊपरी स्तरों पर वैल्यूएशन को लेकर भी चिंता बनी हुई है।

निवेशकों का रुख क्या कहता है
संस्थागत निवेश के आंकड़े बाजार की मौजूदा स्थिति को स्पष्ट करते हैं। 1 जनवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 3,268 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि 2 जनवरी को 544 करोड़ रुपये की सीमित खरीदारी की। इसके उलट, घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) लगातार बाजार को सहारा दे रहे हैं। दिसंबर 2025 में DIIs ने बड़े पैमाने पर खरीदारी कर बाजार में स्थिरता बनाए रखी।

बीते हफ्ते की तेजी का असर
गौरतलब है कि पिछले सप्ताह बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली थी। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने नए रिकॉर्ड बनाए थे, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। उसी तेजी का असर आज भी दिखा, हालांकि गति कुछ धीमी रही।

बाजार जानकारों का मानना है कि निकट भविष्य में बाजार की चाल वैश्विक संकेतों, कॉरपोरेट नतीजों और ब्याज दरों से जुड़े संकेतों पर निर्भर करेगी। रिकॉर्ड स्तरों पर पहुंचने के बाद मुनाफावसूली और चुनिंदा सेक्टरों में दबाव बना रह सकता है, लेकिन घरेलू निवेशकों की मजबूती बाजार को गिरने से रोक सकती है।

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