ठंड में बढ़ा मिट्टी के बर्तन में खाना बनाने का क्रेज, सेहत के लिए भी साबित हो रहा लाभकारी

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सर्दियों में पारंपरिक मिट्टी के बर्तनों का उपयोग बढ़ा, स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी इसे दे रहे हैं समर्थन

सर्दियों में स्वास्थ्य और स्वाद दोनों को ध्यान में रखते हुए लोग अब पारंपरिक मिट्टी के बर्तनों में खाना पकाने की ओर लौट रहे हैं। राजधानी दिल्ली सहित देश के कई शहरों में मिट्टी के बर्तनों की मांग पिछले साल के मुकाबले इस सीजन में 40% बढ़ी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि मिट्टी के बर्तन में खाना पकाने से भोजन में पोषक तत्व और प्राकृतिक फ्लेवर बने रहते हैं। न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. साक्षी वर्मा के अनुसार, "मिट्टी में खाना धीमी आंच पर पकता है, जिससे विटामिन और मिनरल्स का नुकसान कम होता है। यह हड्डियों और पाचन तंत्र के लिए भी लाभकारी है।"

आधुनिक रसोई गैस और इलेक्ट्रिक कुकिंग उपकरणों के बावजूद लोग ठंड में मिट्टी के बर्तन क्यों चुन रहे हैं, इसका कारण मुख्य रूप से स्वास्थ्य और स्वाद में अंतर है। बाजार में उपलब्ध मिट्टी के बर्तनों की नई डिज़ाइन और हल्के वजन ने इसे और आकर्षक बना दिया है। दिल्ली, मुंबई, पुणे और बेंगलुरु के बर्तन विक्रेताओं के अनुसार, दिसंबर से जनवरी तक इन बर्तनों की बिक्री में उल्लेखनीय उछाल देखा गया है।

मिट्टी के बर्तन में खाना पकाने से भोजन में प्राकृतिक खनिजों का स्तर बढ़ता है। साथ ही, ये बर्तन पेट की एसिडिटी और गैस जैसी समस्याओं को कम करने में मददगार होते हैं। आयुर्वेदिक दृष्टि से भी मिट्टी के बर्तन गर्म भोजन को हल्का, सुपाच्य और शरीर को ठंड से बचाने वाला बनाते हैं।

दिल्ली की गृहिणी रीना शर्मा कहती हैं, "पहले हम तांबे और स्टील के बर्तनों का ही इस्तेमाल करते थे। लेकिन जब से मिट्टी के बर्तन से खाना बनाना शुरू किया, स्वाद में फर्क और हल्कापन महसूस हुआ।" मुंबई के रेस्टोरेंट व्यवसायी विकास पाटिल ने भी अपने कुछ व्यंजन मिट्टी के बर्तन में परोसने शुरू कर दिए हैं, और ग्राहकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सर्दियों में मिट्टी के बर्तनों की मांग आगे भी बढ़ सकती है। ऑनलाइन ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म पर भी इस समय बर्तन की बिक्री में 30-50% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके साथ ही किचन डिजाइन और इंटीरियर में भी पारंपरिक मिट्टी के बर्तनों को शामिल करने का ट्रेंड उभर रहा है।

ठंड के मौसम में मिट्टी के बर्तनों का क्रेज केवल फैशन या ट्रेंड नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और स्वाद का एक संयोजन बनकर उभरा है। विशेषज्ञ और आम लोग दोनों ही इसे सुरक्षित, पोषक और पारंपरिक विकल्प के रूप में अपनाने की सलाह दे रहे हैं।

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