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तीन दिन में चांदी 1.60 लाख टूटी, सोना भी 1.40 लाख पर फिसला; मुनाफा वसूली से कीमती धातुओं में तेज गिरावट
बिजनेस न्यूज
बजट के बाद लगातार तीसरे दिन कमजोरी, MCX और सर्राफा बाजार में भारी दबाव; मार्जिन बढ़ोतरी और कमजोर मांग बनी वजह
बजट पेश होने के एक दिन बाद देश के गोल्ड और सिल्वर मार्केट में तेज गिरावट का दौर जारी है। आज 2 फरवरी को लगातार तीसरे कारोबारी दिन कीमती धातुओं के दाम फिसले। वायदा बाजार में चांदी करीब 23 हजार रुपए टूटकर ₹2.41 लाख प्रति किलो पर आ गई, जबकि सोना करीब ₹7 हजार गिरकर ₹1.40 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद मुनाफा वसूली और मार्जिन बढ़ोतरी ने कीमतों पर दबाव बढ़ा दिया है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) के आंकड़ों के अनुसार, 29 जनवरी को चांदी ₹4.01 लाख प्रति किलो के ऑल-टाइम हाई पर थी, जो अब तीन दिनों में ₹1.60 लाख गिर चुकी है। इसी तरह सोना भी दो दिनों में करीब ₹30 हजार टूट चुका है। 29 जनवरी को जहां सोना ₹1.69 लाख प्रति 10 ग्राम पर था, वहीं अब यह ₹1.40 लाख के आसपास कारोबार कर रहा है।
सर्राफा बाजार में भी गिरावट साफ नजर आई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, सोमवार को एक किलो चांदी ₹29,255 सस्ती होकर ₹2,36,496 पर आ गई। वहीं 24 कैरेट सोना ₹6,427 टूटकर ₹1,42,270 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। ज्वेलर्स का कहना है कि ऊंचे दामों के चलते ग्राहकों की फिजिकल खरीदारी कमजोर पड़ी है, जिसका असर खुदरा बाजार पर भी दिख रहा है।
क्यों गिर रहे हैं दाम?
कमोडिटी बाजार के जानकारों के अनुसार, हालिया गिरावट की दो बड़ी वजहें हैं। पहली, रिकॉर्ड स्तर के बाद निवेशकों द्वारा बड़े पैमाने पर मुनाफा वसूली। दूसरी, फिजिकल डिमांड में कमी और औद्योगिक उपयोग को लेकर बढ़ती चिंताएं। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मार्जिन नियमों में बदलाव ने भी दबाव बढ़ाया है।
सेबी-रजिस्टर्ड कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता बताते हैं कि शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज (CME) ने कॉपर के बाद सोने और चांदी पर भी मार्जिन बढ़ा दिया है। सोने का मार्जिन 6% से बढ़ाकर 8% और चांदी का 11% से 15% कर दिया गया है। मार्जिन बढ़ने से ट्रेडर्स को अतिरिक्त पूंजी लगानी पड़ती है। जिनके पास तुरंत फंड नहीं होता, वे अपनी पोजीशन काटते हैं, जिससे बिकवाली बढ़ जाती है और कीमतें गिरती हैं।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजारों में स्थिरता आती है और घरेलू मांग सुधरती है, तो दाम संभल सकते हैं। हालांकि फिलहाल निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
खरीदारी से पहले सावधानी जरूरी
ज्वेलर्स का कहना है कि मौजूदा हालात में सोना खरीदते समय BIS हॉलमार्क जरूर जांचें और कीमतों को IBJA जैसे विश्वसनीय स्रोतों से क्रॉस-चेक करें। चांदी खरीदते समय भी शुद्धता की जांच करना जरूरी है, ताकि गिरते बाजार में सही निवेश किया जा सके।
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