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स्मृति मंधाना ने रचा इतिहास, टी20 क्रिकेट में पूरे किए 600 चौके
स्पोर्ट्स डेस्क
नीदरलैंड्स के खिलाफ 74 रन की शानदार पारी खेलकर बनाया बड़ा रिकॉर्ड, शेफाली वर्मा के साथ 115 रन की विस्फोटक साझेदारी; भारत ने बनाया महिला टी20 विश्व कप का अपना सर्वोच्च स्कोर
महिला टी20 विश्व कप में भारतीय टीम की स्टार बल्लेबाज और उपकप्तान स्मृति मंधाना ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। नीदरलैंड्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले में मंधाना ने न केवल शानदार अर्धशतकीय पारी खेली, बल्कि टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक ऐसा रिकॉर्ड भी बनाया, जिसे अब तक कोई पुरुष या महिला क्रिकेटर हासिल नहीं कर सका था। स्मृति मंधाना टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 600 चौके लगाने वाली दुनिया की पहली खिलाड़ी बन गई हैं। बाएं हाथ की इस शानदार बल्लेबाज ने अपनी बेहतरीन फॉर्म को जारी रखते हुए 47 गेंदों में 74 रन बनाए। उनकी पारी में आकर्षक चौके और बेहतरीन शॉट्स देखने को मिले। यह इस टूर्नामेंट में उनका लगातार दूसरा 50 से अधिक रन का स्कोर रहा। मंधाना की बल्लेबाजी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में से एक हैं। नीदरलैंड्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था, लेकिन भारतीय ओपनर्स ने उनके इस निर्णय को गलत साबित कर दिया। स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाया और विपक्षी गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए सिर्फ 70 गेंदों में 115 रन की विस्फोटक साझेदारी कर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
पावरप्ले के दौरान भारतीय टीम ने 59 रन बना लिए थे। इस दौरान शेफाली वर्मा ने आक्रामक बल्लेबाजी का जिम्मा संभाला जबकि स्मृति मंधाना ने शुरुआत में संयम दिखाने के बाद तेजी से रन बनाना शुरू किया। जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा, दोनों बल्लेबाजों का आत्मविश्वास भी बढ़ता गया और उन्होंने मैदान के चारों ओर शानदार शॉट लगाए। शेफाली वर्मा ने 38 गेंदों में 55 रन की तेजतर्रार पारी खेली। यह इस टूर्नामेंट में उनका पहला अर्धशतक था। उन्होंने कई शानदार चौके और बड़े शॉट लगाए, जिससे नीदरलैंड्स के गेंदबाज लगातार दबाव में रहे। दूसरी ओर मंधाना ने अपने अनुभव का पूरा उपयोग करते हुए पारी को संभाला और समय-समय पर आक्रामक शॉट खेलकर रनगति को बनाए रखा। नीदरलैंड्स की कप्तान बाबेट डी लीडे ने भारतीय बल्लेबाजों को रोकने के लिए लगातार गेंदबाजों में बदलाव किया, लेकिन कोई भी रणनीति सफल नहीं हो सकी। भारतीय ओपनिंग जोड़ी ने स्पिन और तेज गेंदबाजी दोनों के खिलाफ सहजता से रन बनाए। विशेष रूप से मध्य ओवरों में मंधाना ने अपने खेल का स्तर और ऊपर उठाया। उन्होंने एक ओवर में लगातार चार चौके लगाकर भारतीय टीम की स्थिति और मजबूत कर दी।
हालांकि दोनों ओपनर्स के आउट होने के बाद भारत को वैसी तेज फिनिशिंग नहीं मिल सकी, जिसकी उम्मीद की जा रही थी। जेमिमा रोड्रिग्स और कप्तान हरमनप्रीत कौर बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहीं। इसके बावजूद भारतीय बल्लेबाजों ने रनगति पर कोई असर नहीं पड़ने दिया। पारी के अंतिम ओवरों में विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष ने तेजी से रन जुटाए। उन्होंने सिर्फ आठ गेंदों में 20 रन बनाकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। वहीं दीप्ति शर्मा ने भी अंतिम क्षणों में विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए केवल दो गेंदों में 10 रन जोड़ दिए। इन तेज रनोंने भारत के स्कोर को और मजबूत बना दिया। भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 209 रन बनाए। यह महिला टी20 विश्व कप के इतिहास में भारत का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है। इस प्रदर्शन ने टीम की बल्लेबाजी क्षमता को एक बार फिर दुनिया के सामने साबित कर दिया है। 200 से अधिक का स्कोर किसी भी टी20 मुकाबले में चुनौतीपूर्ण माना जाता है और विश्व कप जैसे बड़े मंच पर ऐसा प्रदर्शन टीम के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई देता है। स्मृति मंधाना का रिकॉर्ड इस मुकाबले का सबसे बड़ा आकर्षण रहा। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 600 चौके पूरे करना उनकी निरंतरता और शानदार बल्लेबाजी का प्रमाण है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने यह रिकॉर्ड ऐसे दौर में बनाया है, जहां दुनिया भर की महिला क्रिकेट तेजी से प्रतिस्पर्धी होती जा रही है। भारतीय टीम के लिए यह जीत और प्रदर्शन दोनों ही बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। बल्लेबाजों ने जिस तरह जिम्मेदारी निभाई, उससे टीम के बाकी मुकाबलों के लिए भी सकारात्मक संकेत मिले हैं। यदि मंधाना, शेफाली और अन्य बल्लेबाज इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखते हैं, तो भारत महिला टी20 विश्व कप में खिताब की प्रबल दावेदार बनकर उभर सकता है।
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स्मृति मंधाना ने रचा इतिहास, टी20 क्रिकेट में पूरे किए 600 चौके
स्पोर्ट्स डेस्क
महिला टी20 विश्व कप में भारतीय टीम की स्टार बल्लेबाज और उपकप्तान स्मृति मंधाना ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। नीदरलैंड्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले में मंधाना ने न केवल शानदार अर्धशतकीय पारी खेली, बल्कि टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक ऐसा रिकॉर्ड भी बनाया, जिसे अब तक कोई पुरुष या महिला क्रिकेटर हासिल नहीं कर सका था। स्मृति मंधाना टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 600 चौके लगाने वाली दुनिया की पहली खिलाड़ी बन गई हैं। बाएं हाथ की इस शानदार बल्लेबाज ने अपनी बेहतरीन फॉर्म को जारी रखते हुए 47 गेंदों में 74 रन बनाए। उनकी पारी में आकर्षक चौके और बेहतरीन शॉट्स देखने को मिले। यह इस टूर्नामेंट में उनका लगातार दूसरा 50 से अधिक रन का स्कोर रहा। मंधाना की बल्लेबाजी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में से एक हैं। नीदरलैंड्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था, लेकिन भारतीय ओपनर्स ने उनके इस निर्णय को गलत साबित कर दिया। स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाया और विपक्षी गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए सिर्फ 70 गेंदों में 115 रन की विस्फोटक साझेदारी कर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
पावरप्ले के दौरान भारतीय टीम ने 59 रन बना लिए थे। इस दौरान शेफाली वर्मा ने आक्रामक बल्लेबाजी का जिम्मा संभाला जबकि स्मृति मंधाना ने शुरुआत में संयम दिखाने के बाद तेजी से रन बनाना शुरू किया। जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा, दोनों बल्लेबाजों का आत्मविश्वास भी बढ़ता गया और उन्होंने मैदान के चारों ओर शानदार शॉट लगाए। शेफाली वर्मा ने 38 गेंदों में 55 रन की तेजतर्रार पारी खेली। यह इस टूर्नामेंट में उनका पहला अर्धशतक था। उन्होंने कई शानदार चौके और बड़े शॉट लगाए, जिससे नीदरलैंड्स के गेंदबाज लगातार दबाव में रहे। दूसरी ओर मंधाना ने अपने अनुभव का पूरा उपयोग करते हुए पारी को संभाला और समय-समय पर आक्रामक शॉट खेलकर रनगति को बनाए रखा। नीदरलैंड्स की कप्तान बाबेट डी लीडे ने भारतीय बल्लेबाजों को रोकने के लिए लगातार गेंदबाजों में बदलाव किया, लेकिन कोई भी रणनीति सफल नहीं हो सकी। भारतीय ओपनिंग जोड़ी ने स्पिन और तेज गेंदबाजी दोनों के खिलाफ सहजता से रन बनाए। विशेष रूप से मध्य ओवरों में मंधाना ने अपने खेल का स्तर और ऊपर उठाया। उन्होंने एक ओवर में लगातार चार चौके लगाकर भारतीय टीम की स्थिति और मजबूत कर दी।
हालांकि दोनों ओपनर्स के आउट होने के बाद भारत को वैसी तेज फिनिशिंग नहीं मिल सकी, जिसकी उम्मीद की जा रही थी। जेमिमा रोड्रिग्स और कप्तान हरमनप्रीत कौर बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहीं। इसके बावजूद भारतीय बल्लेबाजों ने रनगति पर कोई असर नहीं पड़ने दिया। पारी के अंतिम ओवरों में विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष ने तेजी से रन जुटाए। उन्होंने सिर्फ आठ गेंदों में 20 रन बनाकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। वहीं दीप्ति शर्मा ने भी अंतिम क्षणों में विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए केवल दो गेंदों में 10 रन जोड़ दिए। इन तेज रनोंने भारत के स्कोर को और मजबूत बना दिया। भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 209 रन बनाए। यह महिला टी20 विश्व कप के इतिहास में भारत का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है। इस प्रदर्शन ने टीम की बल्लेबाजी क्षमता को एक बार फिर दुनिया के सामने साबित कर दिया है। 200 से अधिक का स्कोर किसी भी टी20 मुकाबले में चुनौतीपूर्ण माना जाता है और विश्व कप जैसे बड़े मंच पर ऐसा प्रदर्शन टीम के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई देता है। स्मृति मंधाना का रिकॉर्ड इस मुकाबले का सबसे बड़ा आकर्षण रहा। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 600 चौके पूरे करना उनकी निरंतरता और शानदार बल्लेबाजी का प्रमाण है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने यह रिकॉर्ड ऐसे दौर में बनाया है, जहां दुनिया भर की महिला क्रिकेट तेजी से प्रतिस्पर्धी होती जा रही है। भारतीय टीम के लिए यह जीत और प्रदर्शन दोनों ही बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। बल्लेबाजों ने जिस तरह जिम्मेदारी निभाई, उससे टीम के बाकी मुकाबलों के लिए भी सकारात्मक संकेत मिले हैं। यदि मंधाना, शेफाली और अन्य बल्लेबाज इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखते हैं, तो भारत महिला टी20 विश्व कप में खिताब की प्रबल दावेदार बनकर उभर सकता है।
