- Hindi News
- बिजनेस
- विधि कासलीवाल ने पुरस्कृत डॉक्यूमेंट्री ‘कपड़ा उद्योग के भिष्म पितः मः’ का टीज़र किया रिलीज़
विधि कासलीवाल ने पुरस्कृत डॉक्यूमेंट्री ‘कपड़ा उद्योग के भिष्म पितः मः’ का टीज़र किया रिलीज़
Digital desk
भारत के प्रतिष्ठित कपड़ा उद्योगपति व दूरदर्शी श्री शंभु कुमार कासलीवाल के असाधारण जीवन और विरासत पर आधारित पुरस्कृत लघु वृत्तचित्र (डॉक्यूमेंट्री) ‘कपड़ा उद्योग के भिष्म पितः मः’ का टीज़र फिल्ममेकर और निर्माता विधि कासलीवाल ने रिलीज़ किया।
इस डॉक्यूमेंट्री ने हाल ही में जर्मनी के होहे (HOHE) इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री फिल्म का पुरस्कार जीता। प्रभावशाली कहानी और भारत की एक प्रेरणादायी विरासत को संवेदनशीलता से प्रस्तुत करने के लिए मिली यह अंतरराष्ट्रीय पहचान पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।
विधि कासलीवाल द्वारा निर्मित, यश गायकवाड द्वारा निर्देशित, गौतम पेम्माराजू द्वारा लिखी और क्रिएटिव डायरेक्ट की गई, तथा लॅन्डमार्क फिल्म्स द्वारा प्रस्तुत यह डॉक्यूमेंट्री उस महान व्यक्तित्व की उल्लेखनीय यात्रा को सामने लाती है, जिनकी दूरदृष्टि और अथक परिश्रम ने एस.कुमार्स को भारत के सबसे प्रतिष्ठित टेक्सटाइल ब्रांडों में से एक बनाया।
टीज़र दर्शकों को दृढ़ संकल्प, उद्यमशीलता, संघर्ष, साहस और गहरे मानवीय मूल्यों से बुनी एक प्रेरक कहानी की झलक देता है। यह उनके जीवन और सिद्धांतों को गहराई से प्रस्तुत करता है, जिन्होंने एक युवा कपड़ा व्यापारी से भारत के कपड़ा उद्योग के सबसे सम्मानित व्यक्तित्वों में से एक बनने तक की यात्रा तय की।
श्री शंभु कुमार कासलीवाल ने अपने बड़े भाई के साथ मिलकर एस.कुमार्स को घर-घर में पहचाना जाने वाला नाम बनाया। उन्होंने भारत में किफायती और टिकाऊ पॉलिएस्टर-मिश्रित कपड़ों की शुरुआत की, जिससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों तक गुणवत्तापूर्ण वस्त्रों की पहुंच संभव हो सकी। उनका मूल मंत्र सरल, लेकिन अत्यंत प्रभावशाली था—कम से कम कीमत में सर्वोत्तम गुणवत्ता उपलब्ध कराना।
विधि कासलीवाल के लिए यह ना केवल डॉक्यूमेंट्री है, यह उसके दादाजी और उनके जीवन से मिलने वाली सीख को समर्पित एक श्रद्धांजलि भी है।
विधि कासलीवाल कहती हैं, “इस डॉक्यूमेंट्री का निर्माण मेरे लिए एक अत्यंत व्यक्तिगत और भावनात्मक अनुभव रहा है। मेरे दादाजी की यात्रा केवल एक कपड़ा व्यवसाय स्थापित करने की कहानी नहीं है। यह सच्चाई, साहस, रिश्तों और कुछ ऐसा बनाने की कहानी है, जो लोगों के रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा बन सके। इस फिल्म के माध्यम से हमें आशा है कि दर्शक इस असाधारण भारतीय विरासत के पीछे के इंसान को जान पाएंगे।”
केवल एक सफल व्यावसायिक संस्थान की उपलब्धियों को प्रस्तुत करने के बजाय, ‘कपड़ा उद्योग के भिष्म पितः मः’ उन व्यक्तिगत मान्यताओं, चुनौतियों और रिश्तों को उजागर करती है, जिन्होंने श्री शंभु कुमार कासलीवाल की यात्रा को आकार दिया। यह एक ऐसे व्यक्ति का चित्रण है, जिनकी महत्वाकांक्षाएं सादगी, नैतिकता और भारतीय उपभोक्ताओं की सच्ची सेवा की भावना से जुड़ी रहीं।
निर्देशक यश गायकवाड ने इस डॉक्यूमेंट्री को संयमित, आत्मीय और संवेदनशील दृश्यात्मक रूप दिया है, जबकि लेखक और क्रिएटिव डायरेक्टर गौतम पेम्माराजू ने इसकी कहानी श्री शंभु कुमार कासलीवाल, उनके परिवार और इस प्रतिष्ठित कपड़ा संस्थान की स्थायी विचारधारा के इर्द-गिर्द बुनी है।
प्रभावशाली दृश्यों और भावनात्मक कहानी के माध्यम से यह टीज़र ऐसी डॉक्यूमेंट्री की भूमिका तैयार करता है, जो केवल कपड़े या व्यवसाय की कहानी नहीं है। यह उस व्यक्ति की कहानी है, जिसकी दूरदृष्टि भारत की सामाजिक और औद्योगिक यात्रा के ताने-बाने में हमेशा के लिए जुड़ गई।
लॅन्डमार्क फिल्म्स द्वारा प्रस्तुत, ‘कपड़ा उद्योग के भिष्म पितः मः’ का निर्माण विधि कासलीवाल ने किया है। इसका निर्देशन यश गायकवाड ने किया है तथा इसे गौतम पेम्माराजू ने लिखा और क्रिएटिव डायरेक्ट किया है।
टीज़र अब रिलीज़ हो चुका है:
https://youtu.be/4VRaam5mTuQ?si=rhbJMrMKZGLJsl_C
Recommended for You
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
विधि कासलीवाल ने पुरस्कृत डॉक्यूमेंट्री ‘कपड़ा उद्योग के भिष्म पितः मः’ का टीज़र किया रिलीज़
Digital desk
इस डॉक्यूमेंट्री ने हाल ही में जर्मनी के होहे (HOHE) इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री फिल्म का पुरस्कार जीता। प्रभावशाली कहानी और भारत की एक प्रेरणादायी विरासत को संवेदनशीलता से प्रस्तुत करने के लिए मिली यह अंतरराष्ट्रीय पहचान पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।
विधि कासलीवाल द्वारा निर्मित, यश गायकवाड द्वारा निर्देशित, गौतम पेम्माराजू द्वारा लिखी और क्रिएटिव डायरेक्ट की गई, तथा लॅन्डमार्क फिल्म्स द्वारा प्रस्तुत यह डॉक्यूमेंट्री उस महान व्यक्तित्व की उल्लेखनीय यात्रा को सामने लाती है, जिनकी दूरदृष्टि और अथक परिश्रम ने एस.कुमार्स को भारत के सबसे प्रतिष्ठित टेक्सटाइल ब्रांडों में से एक बनाया।
टीज़र दर्शकों को दृढ़ संकल्प, उद्यमशीलता, संघर्ष, साहस और गहरे मानवीय मूल्यों से बुनी एक प्रेरक कहानी की झलक देता है। यह उनके जीवन और सिद्धांतों को गहराई से प्रस्तुत करता है, जिन्होंने एक युवा कपड़ा व्यापारी से भारत के कपड़ा उद्योग के सबसे सम्मानित व्यक्तित्वों में से एक बनने तक की यात्रा तय की।
श्री शंभु कुमार कासलीवाल ने अपने बड़े भाई के साथ मिलकर एस.कुमार्स को घर-घर में पहचाना जाने वाला नाम बनाया। उन्होंने भारत में किफायती और टिकाऊ पॉलिएस्टर-मिश्रित कपड़ों की शुरुआत की, जिससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों तक गुणवत्तापूर्ण वस्त्रों की पहुंच संभव हो सकी। उनका मूल मंत्र सरल, लेकिन अत्यंत प्रभावशाली था—कम से कम कीमत में सर्वोत्तम गुणवत्ता उपलब्ध कराना।
विधि कासलीवाल के लिए यह ना केवल डॉक्यूमेंट्री है, यह उसके दादाजी और उनके जीवन से मिलने वाली सीख को समर्पित एक श्रद्धांजलि भी है।
विधि कासलीवाल कहती हैं, “इस डॉक्यूमेंट्री का निर्माण मेरे लिए एक अत्यंत व्यक्तिगत और भावनात्मक अनुभव रहा है। मेरे दादाजी की यात्रा केवल एक कपड़ा व्यवसाय स्थापित करने की कहानी नहीं है। यह सच्चाई, साहस, रिश्तों और कुछ ऐसा बनाने की कहानी है, जो लोगों के रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा बन सके। इस फिल्म के माध्यम से हमें आशा है कि दर्शक इस असाधारण भारतीय विरासत के पीछे के इंसान को जान पाएंगे।”
केवल एक सफल व्यावसायिक संस्थान की उपलब्धियों को प्रस्तुत करने के बजाय, ‘कपड़ा उद्योग के भिष्म पितः मः’ उन व्यक्तिगत मान्यताओं, चुनौतियों और रिश्तों को उजागर करती है, जिन्होंने श्री शंभु कुमार कासलीवाल की यात्रा को आकार दिया। यह एक ऐसे व्यक्ति का चित्रण है, जिनकी महत्वाकांक्षाएं सादगी, नैतिकता और भारतीय उपभोक्ताओं की सच्ची सेवा की भावना से जुड़ी रहीं।
निर्देशक यश गायकवाड ने इस डॉक्यूमेंट्री को संयमित, आत्मीय और संवेदनशील दृश्यात्मक रूप दिया है, जबकि लेखक और क्रिएटिव डायरेक्टर गौतम पेम्माराजू ने इसकी कहानी श्री शंभु कुमार कासलीवाल, उनके परिवार और इस प्रतिष्ठित कपड़ा संस्थान की स्थायी विचारधारा के इर्द-गिर्द बुनी है।
प्रभावशाली दृश्यों और भावनात्मक कहानी के माध्यम से यह टीज़र ऐसी डॉक्यूमेंट्री की भूमिका तैयार करता है, जो केवल कपड़े या व्यवसाय की कहानी नहीं है। यह उस व्यक्ति की कहानी है, जिसकी दूरदृष्टि भारत की सामाजिक और औद्योगिक यात्रा के ताने-बाने में हमेशा के लिए जुड़ गई।
लॅन्डमार्क फिल्म्स द्वारा प्रस्तुत, ‘कपड़ा उद्योग के भिष्म पितः मः’ का निर्माण विधि कासलीवाल ने किया है। इसका निर्देशन यश गायकवाड ने किया है तथा इसे गौतम पेम्माराजू ने लिखा और क्रिएटिव डायरेक्ट किया है।
टीज़र अब रिलीज़ हो चुका है:
https://youtu.be/4VRaam5mTuQ?si=rhbJMrMKZGLJsl_C
