- Hindi News
- बिजनेस
- परियोजनाओं के निर्माण में सुरक्षा और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं, एनएचएआई ने डिबार नहीं किया: पीएनसी...
परियोजनाओं के निर्माण में सुरक्षा और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं, एनएचएआई ने डिबार नहीं किया: पीएनसी इंफ्राटेक
Digital desk
पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई सूचना में कहा है कि कंपनी जिन परियोजनाओं का निर्माण, संचालन और रखरखाव करती है, उनमें सुरक्षा और गुणवत्ता हमेशा उसके व्यवसाय का प्रमुख आधार रही है।
कंपनी ने कहा कि इन दोनों पहलुओं से जुड़ी किसी भी चिंता को वह अत्यंत गंभीरता से लेती है। एक्सचेंज फाइलिंग में कहा गया है, “कंपनी ने वर्षों से देशभर में राजमार्ग और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का निर्माण और संचालन किया है तथा उन्हें निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा करना उसके उत्कृष्ट प्रदर्शन का अभिन्न हिस्सा रहा है।”
पीएनसी इंफ्राटेक ने स्पष्ट किया कि कंपनी को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा न तो ‘डिबार’ (प्रतिबंधित) किया गया है और न ही उसे ‘नॉन-परफॉर्मर’ घोषित किया गया है।
कंपनी ने यह स्पष्टीकरण कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के प्रोजेक्ट से संबंधित कुछ मीडिया रिपोर्टों और एनएचएआई द्वारा जारी संचार के संदर्भ में स्टॉक एक्सचेंज को दिया है।
पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड की सहायक कंपनी अवध एक्सप्रेसवे प्राइवेट लिमिटेड, जो इस परियोजना की कन्सेशनायर है, को उत्तर प्रदेश में हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के तहत विकसित किए गए कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे परियोजना (पैकेज-2) के 6 लेन (भविष्य में 8 लेन तक विस्तारित किए जा सकने वाले) निर्माण के लिए अंतिम पूर्णता प्रमाणपत्र (फाइनल कंप्लीशन सर्टिफिकेट) प्रदान किया गया था।
कंपनी ने प्रभावित हिस्सों की स्थिति का कारण हाल ही में हुई लगातार और भारी बारिश को बताया। उसके अनुसार, अत्यधिक वर्षा के कारण परियोजना के कुछ सीमित और स्थानीय हिस्से प्रभावित हुए।
कंपनी ने कहा, “नियमित रखरखाव दायित्वों के तहत कन्सेशनायर ने तुरंत आवश्यक कदम उठाए और अधिकांश प्रभावित हिस्सों की मरम्मत एवं सुधार कार्य पूरा कर लिया है। शेष कुछ हिस्सों में मरम्मत और रखरखाव का कार्य भी तेज़ी से जारी है।”
एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, कंसेशनर ने निर्माण के बाद की 15 साल की अवधि के दौरान अपने नियमित रखरखाव दायित्वों के हिस्से के रूप में जारी मरम्मत और सुधार कार्यों की लागत का बजट तय किया हुआ है।
यह भी उल्लेख किया गया कि "कंपनी के संचालन को जारी रखने की क्षमता या उसकी अन्य परियोजनाओं के निष्पादन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है। कंपनी नई परियोजनाओं की बोली में भाग लेना जारी रख सकती है।"
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह समाचार दैनिक जागरण की स्वतंत्र रिपोर्टिंग, संपादकीय राय, विश्लेषण या विशेषज्ञ सलाह पर आधारित नहीं है। इस समाचार में दी गई सभी जानकारी संबंधित संगठन/संस्था द्वारा उपलब्ध कराए गए आधिकारिक डेटा, प्रेस विज्ञप्ति अथवा दस्तावेज़ों पर आधारित है। इस सामग्री का उद्देश्य केवल सूचना प्रदान करना है। समाचार में व्यक्त तथ्य, दावे और आंकड़ों की जिम्मेदारी संबंधित संगठन/संस्था की है।
Recommended for You
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
परियोजनाओं के निर्माण में सुरक्षा और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं, एनएचएआई ने डिबार नहीं किया: पीएनसी इंफ्राटेक
Digital desk
कंपनी ने कहा कि इन दोनों पहलुओं से जुड़ी किसी भी चिंता को वह अत्यंत गंभीरता से लेती है। एक्सचेंज फाइलिंग में कहा गया है, “कंपनी ने वर्षों से देशभर में राजमार्ग और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का निर्माण और संचालन किया है तथा उन्हें निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा करना उसके उत्कृष्ट प्रदर्शन का अभिन्न हिस्सा रहा है।”
पीएनसी इंफ्राटेक ने स्पष्ट किया कि कंपनी को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा न तो ‘डिबार’ (प्रतिबंधित) किया गया है और न ही उसे ‘नॉन-परफॉर्मर’ घोषित किया गया है।
कंपनी ने यह स्पष्टीकरण कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के प्रोजेक्ट से संबंधित कुछ मीडिया रिपोर्टों और एनएचएआई द्वारा जारी संचार के संदर्भ में स्टॉक एक्सचेंज को दिया है।
पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड की सहायक कंपनी अवध एक्सप्रेसवे प्राइवेट लिमिटेड, जो इस परियोजना की कन्सेशनायर है, को उत्तर प्रदेश में हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के तहत विकसित किए गए कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे परियोजना (पैकेज-2) के 6 लेन (भविष्य में 8 लेन तक विस्तारित किए जा सकने वाले) निर्माण के लिए अंतिम पूर्णता प्रमाणपत्र (फाइनल कंप्लीशन सर्टिफिकेट) प्रदान किया गया था।
कंपनी ने प्रभावित हिस्सों की स्थिति का कारण हाल ही में हुई लगातार और भारी बारिश को बताया। उसके अनुसार, अत्यधिक वर्षा के कारण परियोजना के कुछ सीमित और स्थानीय हिस्से प्रभावित हुए।
कंपनी ने कहा, “नियमित रखरखाव दायित्वों के तहत कन्सेशनायर ने तुरंत आवश्यक कदम उठाए और अधिकांश प्रभावित हिस्सों की मरम्मत एवं सुधार कार्य पूरा कर लिया है। शेष कुछ हिस्सों में मरम्मत और रखरखाव का कार्य भी तेज़ी से जारी है।”
एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, कंसेशनर ने निर्माण के बाद की 15 साल की अवधि के दौरान अपने नियमित रखरखाव दायित्वों के हिस्से के रूप में जारी मरम्मत और सुधार कार्यों की लागत का बजट तय किया हुआ है।
यह भी उल्लेख किया गया कि "कंपनी के संचालन को जारी रखने की क्षमता या उसकी अन्य परियोजनाओं के निष्पादन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है। कंपनी नई परियोजनाओं की बोली में भाग लेना जारी रख सकती है।"
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह समाचार दैनिक जागरण की स्वतंत्र रिपोर्टिंग, संपादकीय राय, विश्लेषण या विशेषज्ञ सलाह पर आधारित नहीं है। इस समाचार में दी गई सभी जानकारी संबंधित संगठन/संस्था द्वारा उपलब्ध कराए गए आधिकारिक डेटा, प्रेस विज्ञप्ति अथवा दस्तावेज़ों पर आधारित है। इस सामग्री का उद्देश्य केवल सूचना प्रदान करना है। समाचार में व्यक्त तथ्य, दावे और आंकड़ों की जिम्मेदारी संबंधित संगठन/संस्था की है।
