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भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं को प्रदेश अध्यक्ष की दो टूक - कहा सोशल मीडिया पर हम पिछड़ रहे हैं, जनता तक पहुंचाए सरकार का काम
Digital desk
नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के आगामी चुनाव को लेकर भाजपा ने तैयारियां तेज कर दी हैं। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने पार्टी के नेताओं का और कार्यकर्ताओं को दो टूक नसीहत दी है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सोशल मीडिया पर हम काफी पिछड़ गए हैं। हमे सरकार का काम ज्यादा से ज्यादा सोशल मीडिया के जरिये लोगों तक पहुंचाना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सोशल मीडिया पर सक्रियता बढ़ाने के साथ ही नागरिकों से प्रत्यक्ष संपर्क मजबूत करने का आह्वान किया। चव्हाण ने नागपुर और वर्धा जिलों में करीब 12 लाख शिक्षित स्नातक मतदाताओं में से कम से कम 50 हजार नए मतदाताओं का पंजीकरण कराने का लक्ष्य भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि आगामी नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव लगभग चार महीने दूर है और इसे देखते हुए संगठन को अभी से बूथ स्तर तक सक्रिय होना होगा।
सोशल मीडिया पर हम फिसड्डी, सक्रियता बढ़ाने की जरूरत
नागपुर एयरपोर्ट के बैंक्वेट हॉल में हुई बैठक में नागपुर शहर, नागपुर ग्रामीण और वर्धा के प्रमुख पदाधिकारी, नगरसेवक और नेता मौजूद थे। बैठक की शुरुआत में ही रविंद्र चव्हाण ने कार्यकर्ताओं से सीधा सवाल किया—‘हमें यह चुनाव जीतना है या नहीं?’ इसके बाद उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भाजपा सोशल मीडिया के क्षेत्र में पीछे है और इस कमी को दूर करने के लिए गंभीरता से काम करने की जरूरत है। चव्हाण ने कार्यकर्ताओं से कहा कि प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्री और राज्य के मंत्रियों द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों तथा सरकार के विकास कार्यों की जानकारी जुटाकर उसके आधार पर सोशल मीडिया पोस्ट और डिजाइन तैयार किए जाएं।
‘सोशल मीडिया विशेषज्ञों की पहचान करें’
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि संगठन में सोशल मीडिया के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले लोगों की पहचान की जानी चाहिए। उनके अनुभव और सुझावों का उपयोग कर व्यवस्थित डिजिटल अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी कार्यकर्ता इस दिशा में योजनाबद्ध तरीके से काम करेंगे तो इसका असर जल्द दिखाई देगा। उन्होंने नगरसेवकों, बूथ प्रमुखों, शक्ति केंद्र प्रमुखों और अन्य प्रमुख कार्यकर्ताओं से भी जनता के साथ सीधा संवाद बढ़ाने को कहा।
‘भाजपा कार्यकर्ता की अलग पहचान होनी चाहिए’
रविंद्र चव्हाण ने कहा कि राजनीतिक दलों और विरोधी ताकतों की ओर से अलग-अलग एजेंडे जनता के सामने रखे जाएंगे। ऐसे में भाजपा कार्यकर्ताओं को तय करना होगा कि जनता के सवालों का जवाब किस तरह दिया जाए। उन्होंने कहा कि भाजपा की राजनीति केवल सत्ता हासिल करने के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रहित के लिए काम करने के उद्देश्य से है। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पार्टी का मूल एजेंडा राष्ट्रहित और विकास रहा है।
सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने पर जोर
चव्हाण ने कार्यकर्ताओं से कहा कि महाराष्ट्र में विकास, बिजली, उद्योग, जीएसटी, सूखे की स्थिति और विभिन्न सरकारी योजनाओं में हुए बदलाव की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं को पहले केवल कागजों पर बताया जाता था, उन्हें जमीन पर उतारने की दिशा में हुए काम को जनता के सामने रखना जरूरी है। उन्होंने ‘वन नेशन, वन ग्रिड’ जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि बिजली व्यवस्था में हुए बदलाव और उपलब्धता बढ़ाने के प्रयासों की जानकारी भी लोगों को दी जानी चाहिए। इसी तरह उद्योग क्षेत्र में हो रहे बदलाव और जीएसटी जैसे विषयों पर पार्टी कार्यकर्ताओं को तथ्यों के साथ अपनी बात जनता तक पहुंचानी चाहिए।
‘तिरंगा रैली का उद्देश्य भी लोगों को बताएं’
रविंद्र चव्हाण ने कहा कि किसी भी कार्यक्रम के पीछे के उद्देश्य और उसके महत्व को जनता तक पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने तिरंगा रैली का उदाहरण देते हुए कहा कि केवल रैली निकालना पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसके पीछे की भावना और राष्ट्रीय महत्व भी लोगों को समझाना चाहिए। उन्होंने भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की बढ़ती ताकत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते प्रभाव को भी जनता के सामने रखना चाहिए। साथ ही वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में महाराष्ट्र की भूमिका और राज्य सरकार की दिशा के बारे में भी नागरिकों को जानकारी देने पर उन्होंने जोर दिया।
चार महीने पहले से चुनावी तैयारी
नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के पिछले चुनाव में भाजपा को पहली बार हार का सामना करना पड़ा था। इसी पृष्ठभूमि में पार्टी ने आगामी चुनाव के लिए अभी से संगठनात्मक तैयारी शुरू कर दी है। पूर्व विदर्भ के दौरे के दौरान रविंद्र चव्हाण ने दो दिनों में छह बैठकें कीं और अंतिम बैठक नागपुर में आयोजित हुई।बैठक में राज्यमंत्री डॉ. पंकज भोयर, भाजपा विधायक प्रवीण दटके, कृष्णा खोपडे, परिणय फुके और नागपुर शहर अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी सहित पार्टी के प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे।
भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं को प्रदेश अध्यक्ष की दो टूक - कहा सोशल मीडिया पर हम पिछड़ रहे हैं, जनता तक पहुंचाए सरकार का काम
Digital desk
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सोशल मीडिया पर हम काफी पिछड़ गए हैं। हमे सरकार का काम ज्यादा से ज्यादा सोशल मीडिया के जरिये लोगों तक पहुंचाना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सोशल मीडिया पर सक्रियता बढ़ाने के साथ ही नागरिकों से प्रत्यक्ष संपर्क मजबूत करने का आह्वान किया। चव्हाण ने नागपुर और वर्धा जिलों में करीब 12 लाख शिक्षित स्नातक मतदाताओं में से कम से कम 50 हजार नए मतदाताओं का पंजीकरण कराने का लक्ष्य भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि आगामी नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव लगभग चार महीने दूर है और इसे देखते हुए संगठन को अभी से बूथ स्तर तक सक्रिय होना होगा।
सोशल मीडिया पर हम फिसड्डी, सक्रियता बढ़ाने की जरूरत
नागपुर एयरपोर्ट के बैंक्वेट हॉल में हुई बैठक में नागपुर शहर, नागपुर ग्रामीण और वर्धा के प्रमुख पदाधिकारी, नगरसेवक और नेता मौजूद थे। बैठक की शुरुआत में ही रविंद्र चव्हाण ने कार्यकर्ताओं से सीधा सवाल किया—‘हमें यह चुनाव जीतना है या नहीं?’ इसके बाद उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भाजपा सोशल मीडिया के क्षेत्र में पीछे है और इस कमी को दूर करने के लिए गंभीरता से काम करने की जरूरत है। चव्हाण ने कार्यकर्ताओं से कहा कि प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्री और राज्य के मंत्रियों द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों तथा सरकार के विकास कार्यों की जानकारी जुटाकर उसके आधार पर सोशल मीडिया पोस्ट और डिजाइन तैयार किए जाएं।
‘सोशल मीडिया विशेषज्ञों की पहचान करें’
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि संगठन में सोशल मीडिया के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले लोगों की पहचान की जानी चाहिए। उनके अनुभव और सुझावों का उपयोग कर व्यवस्थित डिजिटल अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी कार्यकर्ता इस दिशा में योजनाबद्ध तरीके से काम करेंगे तो इसका असर जल्द दिखाई देगा। उन्होंने नगरसेवकों, बूथ प्रमुखों, शक्ति केंद्र प्रमुखों और अन्य प्रमुख कार्यकर्ताओं से भी जनता के साथ सीधा संवाद बढ़ाने को कहा।
‘भाजपा कार्यकर्ता की अलग पहचान होनी चाहिए’
रविंद्र चव्हाण ने कहा कि राजनीतिक दलों और विरोधी ताकतों की ओर से अलग-अलग एजेंडे जनता के सामने रखे जाएंगे। ऐसे में भाजपा कार्यकर्ताओं को तय करना होगा कि जनता के सवालों का जवाब किस तरह दिया जाए। उन्होंने कहा कि भाजपा की राजनीति केवल सत्ता हासिल करने के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रहित के लिए काम करने के उद्देश्य से है। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पार्टी का मूल एजेंडा राष्ट्रहित और विकास रहा है।
सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने पर जोर
चव्हाण ने कार्यकर्ताओं से कहा कि महाराष्ट्र में विकास, बिजली, उद्योग, जीएसटी, सूखे की स्थिति और विभिन्न सरकारी योजनाओं में हुए बदलाव की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं को पहले केवल कागजों पर बताया जाता था, उन्हें जमीन पर उतारने की दिशा में हुए काम को जनता के सामने रखना जरूरी है। उन्होंने ‘वन नेशन, वन ग्रिड’ जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि बिजली व्यवस्था में हुए बदलाव और उपलब्धता बढ़ाने के प्रयासों की जानकारी भी लोगों को दी जानी चाहिए। इसी तरह उद्योग क्षेत्र में हो रहे बदलाव और जीएसटी जैसे विषयों पर पार्टी कार्यकर्ताओं को तथ्यों के साथ अपनी बात जनता तक पहुंचानी चाहिए।
‘तिरंगा रैली का उद्देश्य भी लोगों को बताएं’
रविंद्र चव्हाण ने कहा कि किसी भी कार्यक्रम के पीछे के उद्देश्य और उसके महत्व को जनता तक पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने तिरंगा रैली का उदाहरण देते हुए कहा कि केवल रैली निकालना पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसके पीछे की भावना और राष्ट्रीय महत्व भी लोगों को समझाना चाहिए। उन्होंने भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की बढ़ती ताकत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते प्रभाव को भी जनता के सामने रखना चाहिए। साथ ही वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में महाराष्ट्र की भूमिका और राज्य सरकार की दिशा के बारे में भी नागरिकों को जानकारी देने पर उन्होंने जोर दिया।
चार महीने पहले से चुनावी तैयारी
नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के पिछले चुनाव में भाजपा को पहली बार हार का सामना करना पड़ा था। इसी पृष्ठभूमि में पार्टी ने आगामी चुनाव के लिए अभी से संगठनात्मक तैयारी शुरू कर दी है। पूर्व विदर्भ के दौरे के दौरान रविंद्र चव्हाण ने दो दिनों में छह बैठकें कीं और अंतिम बैठक नागपुर में आयोजित हुई।बैठक में राज्यमंत्री डॉ. पंकज भोयर, भाजपा विधायक प्रवीण दटके, कृष्णा खोपडे, परिणय फुके और नागपुर शहर अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी सहित पार्टी के प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे।
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