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दैनिक पंचांग 04 जुलाई 2026: शनिवार को बन रहा प्रीति योग, जानें आज का शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पंचक का समय
राशिफल
आषाढ़ कृष्ण चतुर्थी पर भगवान गणेश और शनि देव की कृपा: आज दोपहर तक चतुर्थी तिथि के बाद पंचमी की शुरुआत होगी, जानिए आज के दिन कौन से कार्य रहेंगे शुभ और कहाँ बरतना होगा संयम।
वैदिक ज्योतिष में पंचांग का विशेष महत्व है। पंचांग के मुख्य पांच अंग— तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण हमें दिन की ऊर्जा और सही समय के चयन में मदद करते हैं। आज शनिवार, को आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है, जो दोपहर 12 बजकर 39 मिनट तक रहेगी और इसके बाद पंचमी तिथि शुरू हो जाएगी। आज का दिन भगवान गणेश की आराधना और शनि देव की शांति के लिए बेहद उत्तम माना जा रहा है।
पंचांग के अनुसार, आज पूरे दिन पंचक का प्रभाव रहेगा, इसलिए कुछ विशेष कार्यों को करते समय सावधानी बरतनी होगी। आइए जानते हैं आज के सूर्योदय, सूर्यास्त, शुभ मुहूर्त और राहुकाल का विस्तृत विवरण।
आज के मुख्य पंचांग घटक (Main Panchang Elements)
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मास व पक्ष: आषाढ़ मास, कृष्ण पक्ष
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तिथि: चतुर्थी (दोपहर 12:39 बजे तक), तत्पश्चात पंचमी तिथि
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दिन (वार): शनिवार (Saturday)
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नक्षत्र: धनिष्ठा नक्षत्र (दोपहर 01 बजकर 43 मिनट तक), इसके बाद शतभिषा नक्षत्र प्रारंभ होगा।
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योग: प्रीति योग (शाम 05 बजकर 02 मिनट तक), उसके बाद आयुष्मान योग की शुरुआत होगी।
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करण: बालव करण (दोपहर 12:39 बजे तक), उसके बाद कौलव करण मध्यरात्रि 01:09 बजे तक रहेगा।
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चंद्र राशि: कुंभ राशि (Aquarius) में चंद्रमा का संचरण रहेगा।
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सूर्य राशि: मिथुन राशि (Gemini) में सूर्य देव विराजमान रहेंगे।
सूर्य और चंद्र का समय (Sunrise & Sunset Timings)
देश के अधिकांश हिस्सों में आज सूर्य और चंद्र की स्थिति इस प्रकार रहेगी:
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सूर्योदय (Sunrise): प्रातः 05 बजकर 28 मिनट पर
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सूर्यास्त (Sunset): सायं 07 बजकर 23 मिनट पर
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चंद्रोदय (Moonrise): रात्रि 10 बजकर 23 मिनट पर
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चंद्रास्त (Moonset): सुबह 09 बजकर 04 मिनट (अगले दिन)
आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
यदि आप आज के दिन कोई महत्वपूर्ण चर्चा, पूजा या नया काम शुरू करना चाहते हैं, तो इन शुभ समयों का सदुपयोग कर सकते हैं:
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अभिजित मुहूर्त (Abhijit Muhurat): दोपहर 11 बजकर 57 मिनट से दोपहर 12 बजकर 53 मिनट तक। (यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है जब सभी प्रकार के दोष दूर हो जाते हैं)।
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ब्रह्म मुहूर्त (Brahma Muhurat): प्रातः 04 बजकर 07 मिनट से प्रातः 04 बजकर 47 मिनट तक। (ध्यान और ईश्वर आराधना के लिए सर्वोत्तम)।
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गोधूलि मुहूर्त (Godhuli Muhurat): सायं 07 बजकर 21 मिनट से सायं 07 बजकर 41 मिनट तक।
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प्रीति योग का महत्व: आज शाम 5:02 बजे तक रहने वाला प्रीति योग आपसी मेलजोल बढ़ाने, प्रेम संबंधों को सुधारने और पुराने विवादों को सुलझाने के लिए बहुत फलदायी है।
आज के अशुभ मुहूर्त और वर्जित समय (Inauspicious Timings)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अशुभ समय या राहुकाल के दौरान महत्वपूर्ण और मांगलिक कार्यों की शुरुआत से बचना चाहिए:
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राहुकाल (Rahu Kaal): प्रातः 08 बजकर 57 मिनट से प्रातः 10 बजकर 41 मिनट तक। (इस समय नया व्यापार या यात्रा शुरू न करें)।
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यमगण्ड (Yamaganda): दोपहर 02 बजकर 10 मिनट से सायं 03 बजकर 54 मिनट तक।
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गुलिक काल (Gulika Kaal): प्रातः 05 बजकर 28 मिनट से प्रातः 07 बजकर 12 मिनट तक।
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दिशा शूल (Disha Shool): शनिवार को पूर्व दिशा में दिशाशूल रहता है। यदि इस दिशा में यात्रा करना बहुत जरूरी हो, तो अदरक या घी खाकर ही घर से निकलें।
विशेष धार्मिक महत्व और पंचक विचार
आज आषाढ़ कृष्ण चतुर्थी होने के कारण भगवान गणेश की पूजा-अर्चना का विशेष संयोग है। चूंकि आज शनिवार भी है, इसलिए शनि देव को प्रसन्न करने के लिए पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना और 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का जाप करना आपके कष्टों को कम करेगा।
आज पूरे दिन पंचक का प्रभाव रहेगा। धनिष्ठा और शतभिषा नक्षत्र के दौरान लगने वाले पंचक में दक्षिण दिशा की यात्रा करना, घर की छत डलवाना, लकड़ी या ईंधन इकट्ठा करना और चारपाई या बेड बनाना वर्जित माना जाता है। इन नियमों का पालन करने से किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सकता है।
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दैनिक पंचांग 04 जुलाई 2026: शनिवार को बन रहा प्रीति योग, जानें आज का शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पंचक का समय
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वैदिक ज्योतिष में पंचांग का विशेष महत्व है। पंचांग के मुख्य पांच अंग— तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण हमें दिन की ऊर्जा और सही समय के चयन में मदद करते हैं। आज शनिवार, को आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है, जो दोपहर 12 बजकर 39 मिनट तक रहेगी और इसके बाद पंचमी तिथि शुरू हो जाएगी। आज का दिन भगवान गणेश की आराधना और शनि देव की शांति के लिए बेहद उत्तम माना जा रहा है।
पंचांग के अनुसार, आज पूरे दिन पंचक का प्रभाव रहेगा, इसलिए कुछ विशेष कार्यों को करते समय सावधानी बरतनी होगी। आइए जानते हैं आज के सूर्योदय, सूर्यास्त, शुभ मुहूर्त और राहुकाल का विस्तृत विवरण।
आज के मुख्य पंचांग घटक (Main Panchang Elements)
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मास व पक्ष: आषाढ़ मास, कृष्ण पक्ष
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तिथि: चतुर्थी (दोपहर 12:39 बजे तक), तत्पश्चात पंचमी तिथि
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दिन (वार): शनिवार (Saturday)
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नक्षत्र: धनिष्ठा नक्षत्र (दोपहर 01 बजकर 43 मिनट तक), इसके बाद शतभिषा नक्षत्र प्रारंभ होगा।
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योग: प्रीति योग (शाम 05 बजकर 02 मिनट तक), उसके बाद आयुष्मान योग की शुरुआत होगी।
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करण: बालव करण (दोपहर 12:39 बजे तक), उसके बाद कौलव करण मध्यरात्रि 01:09 बजे तक रहेगा।
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चंद्र राशि: कुंभ राशि (Aquarius) में चंद्रमा का संचरण रहेगा।
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सूर्य राशि: मिथुन राशि (Gemini) में सूर्य देव विराजमान रहेंगे।
सूर्य और चंद्र का समय (Sunrise & Sunset Timings)
देश के अधिकांश हिस्सों में आज सूर्य और चंद्र की स्थिति इस प्रकार रहेगी:
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सूर्योदय (Sunrise): प्रातः 05 बजकर 28 मिनट पर
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सूर्यास्त (Sunset): सायं 07 बजकर 23 मिनट पर
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चंद्रोदय (Moonrise): रात्रि 10 बजकर 23 मिनट पर
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चंद्रास्त (Moonset): सुबह 09 बजकर 04 मिनट (अगले दिन)
आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
यदि आप आज के दिन कोई महत्वपूर्ण चर्चा, पूजा या नया काम शुरू करना चाहते हैं, तो इन शुभ समयों का सदुपयोग कर सकते हैं:
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अभिजित मुहूर्त (Abhijit Muhurat): दोपहर 11 बजकर 57 मिनट से दोपहर 12 बजकर 53 मिनट तक। (यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है जब सभी प्रकार के दोष दूर हो जाते हैं)।
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ब्रह्म मुहूर्त (Brahma Muhurat): प्रातः 04 बजकर 07 मिनट से प्रातः 04 बजकर 47 मिनट तक। (ध्यान और ईश्वर आराधना के लिए सर्वोत्तम)।
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गोधूलि मुहूर्त (Godhuli Muhurat): सायं 07 बजकर 21 मिनट से सायं 07 बजकर 41 मिनट तक।
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प्रीति योग का महत्व: आज शाम 5:02 बजे तक रहने वाला प्रीति योग आपसी मेलजोल बढ़ाने, प्रेम संबंधों को सुधारने और पुराने विवादों को सुलझाने के लिए बहुत फलदायी है।
आज के अशुभ मुहूर्त और वर्जित समय (Inauspicious Timings)
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अशुभ समय या राहुकाल के दौरान महत्वपूर्ण और मांगलिक कार्यों की शुरुआत से बचना चाहिए:
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राहुकाल (Rahu Kaal): प्रातः 08 बजकर 57 मिनट से प्रातः 10 बजकर 41 मिनट तक। (इस समय नया व्यापार या यात्रा शुरू न करें)।
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यमगण्ड (Yamaganda): दोपहर 02 बजकर 10 मिनट से सायं 03 बजकर 54 मिनट तक।
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गुलिक काल (Gulika Kaal): प्रातः 05 बजकर 28 मिनट से प्रातः 07 बजकर 12 मिनट तक।
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दिशा शूल (Disha Shool): शनिवार को पूर्व दिशा में दिशाशूल रहता है। यदि इस दिशा में यात्रा करना बहुत जरूरी हो, तो अदरक या घी खाकर ही घर से निकलें।
विशेष धार्मिक महत्व और पंचक विचार
आज आषाढ़ कृष्ण चतुर्थी होने के कारण भगवान गणेश की पूजा-अर्चना का विशेष संयोग है। चूंकि आज शनिवार भी है, इसलिए शनि देव को प्रसन्न करने के लिए पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना और 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का जाप करना आपके कष्टों को कम करेगा।
आज पूरे दिन पंचक का प्रभाव रहेगा। धनिष्ठा और शतभिषा नक्षत्र के दौरान लगने वाले पंचक में दक्षिण दिशा की यात्रा करना, घर की छत डलवाना, लकड़ी या ईंधन इकट्ठा करना और चारपाई या बेड बनाना वर्जित माना जाता है। इन नियमों का पालन करने से किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सकता है।
