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शादी का झांसा देकर तीन साल तक दुष्कर्म का आरोप, बिलासपुर में आरक्षक गिरफ्तार
Digital Desk
सोशल मीडिया पर हुई थी पहचान, युवती का आरोप- शादी का भरोसा देकर बनाए संबंध, बाद में खुद को शादीशुदा और दो बच्चों का पिता बताया; पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को भेजा जेल।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक आरक्षक पर शादी का झांसा देकर युवती के साथ लंबे समय तक दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप लगा है। पुलिस के अनुसार शिकायत मिलने के बाद आरोपी आरक्षक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। युवती का आरोप है कि आरोपी ने पहले सोशल मीडिया के माध्यम से उससे दोस्ती की, फिर शादी का वादा कर करीब तीन वर्षों तक शारीरिक संबंध बनाए। जब उसने विवाह की बात को लेकर दबाव बनाया तो आरोपी ने खुद को पहले से शादीशुदा और दो बच्चों का पिता बताते हुए शादी से इनकार कर दिया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि इसके बाद आरोपी ने युवती को धमकाना शुरू कर दिया। मामला तखतपुर थाना क्षेत्र का है और पुलिस पूरे प्रकरण की जांच में जुटी हुई है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023 में 22 वर्षीय युवती की पहचान सोशल मीडिया के जरिए तखतपुर में पदस्थ आरक्षक सुमंत मिरी से हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत होती रही, लेकिन समय के साथ दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। युवती का आरोप है कि इसी दौरान आरक्षक ने उससे शादी करने का वादा किया और भरोसा दिलाया कि वह भविष्य में उससे विवाह करेगा। युवती का कहना है कि इसी भरोसे के आधार पर दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने। शिकायत के मुताबिक आरोपी लगातार शादी का आश्वासन देता रहा, जिससे उसे विश्वास था कि दोनों का रिश्ता जल्द ही विवाह में बदल जाएगा।
युवती का आरोप है कि यह सिलसिला करीब तीन साल तक चलता रहा। इस दौरान आरोपी आरक्षक अलग-अलग मौकों पर उससे मिलता रहा और हर बार शादी की बात दोहराता रहा। पुलिस के अनुसार, शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि बाद में आरक्षक का तबादला बिलासपुर पुलिस लाइन हो गया, लेकिन इसके बावजूद उसने युवती से संपर्क नहीं तोड़ा। वह उससे मिलता रहा और शादी का भरोसा देता रहा। युवती का कहना है कि उसे लंबे समय तक इस बात का पता नहीं था कि आरोपी पहले से विवाहित है।
मामले में नया मोड़ तब आया जब युवती ने शादी को लेकर स्पष्ट जवाब मांगा। शिकायत के अनुसार, इस दौरान आरोपी ने बताया कि वह पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं। युवती का आरोप है कि आरोपी ने यह तथ्य शुरुआत से उससे छिपाकर रखा था। जब उसे सच्चाई का पता चला तो उसने इसका विरोध किया और शादी के वादे की याद दिलाई। आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने शादी से साफ इनकार कर दिया और उससे दूरी बनाने लगा।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि सच्चाई सामने आने के बाद आरोपी ने युवती को धमकाना शुरू कर दिया। लगातार मानसिक दबाव और कथित धमकियों से परेशान होकर युवती ने अंततः तखतपुर थाने पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रारंभिक जांच की और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी आरक्षक के खिलाफ मामला दर्ज किया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी आरक्षक सुमंत मिरी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी तथ्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों, बयान और अन्य कानूनी पहलुओं के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी आरक्षक के खिलाफ विभागीय जांच की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। साथ ही उसके निलंबन की कार्रवाई भी नियमों के अनुसार की जा रही है। विभाग का कहना है कि यदि किसी पुलिसकर्मी के खिलाफ गंभीर आरोप सामने आते हैं तो विभागीय नियमों के तहत स्वतंत्र जांच भी कराई जाती है। शादी का झांसा देकर बनाए गए संबंधों से जुड़े मामलों में जांच के दौरान परिस्थितियों, उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों के बयानों का विस्तार से परीक्षण किया जाता है। ऐसे मामलों में न्यायालय और जांच एजेंसियां प्रत्येक तथ्य का कानूनी आधार पर मूल्यांकन करती हैं। इसलिए मामले की अंतिम स्थिति न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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शादी का झांसा देकर तीन साल तक दुष्कर्म का आरोप, बिलासपुर में आरक्षक गिरफ्तार
Digital Desk
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक आरक्षक पर शादी का झांसा देकर युवती के साथ लंबे समय तक दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप लगा है। पुलिस के अनुसार शिकायत मिलने के बाद आरोपी आरक्षक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। युवती का आरोप है कि आरोपी ने पहले सोशल मीडिया के माध्यम से उससे दोस्ती की, फिर शादी का वादा कर करीब तीन वर्षों तक शारीरिक संबंध बनाए। जब उसने विवाह की बात को लेकर दबाव बनाया तो आरोपी ने खुद को पहले से शादीशुदा और दो बच्चों का पिता बताते हुए शादी से इनकार कर दिया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि इसके बाद आरोपी ने युवती को धमकाना शुरू कर दिया। मामला तखतपुर थाना क्षेत्र का है और पुलिस पूरे प्रकरण की जांच में जुटी हुई है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023 में 22 वर्षीय युवती की पहचान सोशल मीडिया के जरिए तखतपुर में पदस्थ आरक्षक सुमंत मिरी से हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत होती रही, लेकिन समय के साथ दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। युवती का आरोप है कि इसी दौरान आरक्षक ने उससे शादी करने का वादा किया और भरोसा दिलाया कि वह भविष्य में उससे विवाह करेगा। युवती का कहना है कि इसी भरोसे के आधार पर दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने। शिकायत के मुताबिक आरोपी लगातार शादी का आश्वासन देता रहा, जिससे उसे विश्वास था कि दोनों का रिश्ता जल्द ही विवाह में बदल जाएगा।
युवती का आरोप है कि यह सिलसिला करीब तीन साल तक चलता रहा। इस दौरान आरोपी आरक्षक अलग-अलग मौकों पर उससे मिलता रहा और हर बार शादी की बात दोहराता रहा। पुलिस के अनुसार, शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि बाद में आरक्षक का तबादला बिलासपुर पुलिस लाइन हो गया, लेकिन इसके बावजूद उसने युवती से संपर्क नहीं तोड़ा। वह उससे मिलता रहा और शादी का भरोसा देता रहा। युवती का कहना है कि उसे लंबे समय तक इस बात का पता नहीं था कि आरोपी पहले से विवाहित है।
मामले में नया मोड़ तब आया जब युवती ने शादी को लेकर स्पष्ट जवाब मांगा। शिकायत के अनुसार, इस दौरान आरोपी ने बताया कि वह पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं। युवती का आरोप है कि आरोपी ने यह तथ्य शुरुआत से उससे छिपाकर रखा था। जब उसे सच्चाई का पता चला तो उसने इसका विरोध किया और शादी के वादे की याद दिलाई। आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने शादी से साफ इनकार कर दिया और उससे दूरी बनाने लगा।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि सच्चाई सामने आने के बाद आरोपी ने युवती को धमकाना शुरू कर दिया। लगातार मानसिक दबाव और कथित धमकियों से परेशान होकर युवती ने अंततः तखतपुर थाने पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रारंभिक जांच की और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी आरक्षक के खिलाफ मामला दर्ज किया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी आरक्षक सुमंत मिरी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी तथ्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों, बयान और अन्य कानूनी पहलुओं के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी आरक्षक के खिलाफ विभागीय जांच की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। साथ ही उसके निलंबन की कार्रवाई भी नियमों के अनुसार की जा रही है। विभाग का कहना है कि यदि किसी पुलिसकर्मी के खिलाफ गंभीर आरोप सामने आते हैं तो विभागीय नियमों के तहत स्वतंत्र जांच भी कराई जाती है। शादी का झांसा देकर बनाए गए संबंधों से जुड़े मामलों में जांच के दौरान परिस्थितियों, उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों के बयानों का विस्तार से परीक्षण किया जाता है। ऐसे मामलों में न्यायालय और जांच एजेंसियां प्रत्येक तथ्य का कानूनी आधार पर मूल्यांकन करती हैं। इसलिए मामले की अंतिम स्थिति न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
