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राजस्थान को मिली तीन बड़ी विकास परियोजनाएं, PM मोदी बोले- ऊर्जा संकट से भारत मजबूती से उबरा
Digital Desk
बालोतरा में देश की आधुनिक रिफाइनरी राष्ट्र को समर्पित, जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का लोकार्पण और जयपुर मेट्रो फेज-2 की आधारशिला; प्रधानमंत्री ने ऊर्जा सुरक्षा, विकास और आत्मनिर्भर भारत पर रखा जोर।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान को विकास और आधारभूत ढांचे से जुड़ी तीन बड़ी परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने बालोतरा के पचपदरा में देश की सबसे आधुनिक रिफाइनरी का उद्घाटन किया, जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का लोकार्पण किया और जयपुर मेट्रो फेज-2 परियोजना की वर्चुअल आधारशिला रखी। इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने वैश्विक परिस्थितियों के बीच उत्पन्न हुए बड़े ऊर्जा संकट का सफलतापूर्वक सामना किया और बेहतर प्रबंधन के कारण आम नागरिकों पर उसका बोझ कम पड़ने दिया।प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध और अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण पूरी दुनिया ऊर्जा संकट से जूझ रही थी। यदि समय पर प्रभावी रणनीति नहीं बनाई जाती, तो घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत करीब 2 हजार रुपये तक पहुंच सकती थी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने समय पर निर्णय लेकर ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखा, जिसके कारण देश में गैस सिलेंडर की कीमतों को नियंत्रित रखने में सफलता मिली।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक संकट के दौरान भारत की विदेश नीति और कूटनीतिक संबंध देश के लिए बड़ी ताकत बनकर उभरे। उन्होंने बताया कि पहले भारत लगभग 25 से 26 देशों से ईंधन आयात करता था, लेकिन परिस्थितियों को देखते हुए यह संख्या बढ़ाकर करीब 40 देशों तक पहुंचाई गई। इससे ऊर्जा आपूर्ति बाधित नहीं हुई और देश की जरूरतों को लगातार पूरा किया जा सका। उन्होंने कहा कि भारत ने कठिन समय में भी अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित कर दुनिया के सामने एक मजबूत उदाहरण प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अप्रैल से जून के बीच पेट्रोल और डीजल की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए तेल विपणन कंपनियों को लगभग 75 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि यह राशि इतनी बड़ी थी कि इससे एक नई रिफाइनरी का निर्माण किया जा सकता था। सरकार ने यह आर्थिक भार स्वयं वहन किया ताकि आम नागरिकों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े और महंगाई को नियंत्रित रखा जा सके।
राजस्थान के विकास का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पचपदरा रिफाइनरी केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं है, बल्कि यह पश्चिमी राजस्थान की अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाली ऐतिहासिक उपलब्धि है। इससे हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा, पेट्रोकेमिकल उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और राज्य में औद्योगिक निवेश के नए अवसर विकसित होंगे। उन्होंने कहा कि यह परियोजना राजस्थान को देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों की श्रेणी में और मजबूत बनाएगी। प्रधानमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी की कार्यशैली का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा सरकार केवल परियोजनाओं की घोषणा नहीं करती, बल्कि उन्हें समय पर पूरा भी करती है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल शिलान्यास करना नहीं, बल्कि जनता को परियोजनाओं का लाभ पहुंचाना है। पचपदरा रिफाइनरी इसका बड़ा उदाहरण है, जो अनेक चुनौतियों के बावजूद निर्धारित दिशा में आगे बढ़ी और आज राष्ट्र को समर्पित की गई।
उन्होंने रिफाइनरी में कुछ महीने पहले हुई दुर्घटना का भी उल्लेख किया और कहा कि उस घटना के बाद परियोजना से जुड़े इंजीनियरों, विशेषज्ञों और कर्मचारियों ने तेज गति से काम कर सभी चुनौतियों को पार किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि नया भारत कठिन परिस्थितियों से घबराता नहीं, बल्कि चुनौतियों को अवसर में बदलने की क्षमता रखता है। यही आत्मविश्वास विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने राजस्थान और गुजरात के बीच नर्मदा जल परियोजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे और राजस्थान में वसुंधरा राजे मुख्यमंत्री थीं, तब दोनों राज्यों ने बिना किसी विवाद के नर्मदा का पानी राजस्थान तक पहुंचाने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि भाजपा की राजनीति क्षेत्रवाद या टकराव की नहीं, बल्कि सहयोग और राष्ट्रहित की राजनीति है। आज राजस्थान के अनेक गांवों तक नर्मदा का पानी पहुंच रहा है, जिससे लाखों लोगों को लाभ मिल रहा है।
इससे पहले प्रधानमंत्री सुबह जोधपुर पहुंचे, जहां उन्होंने नए एयरपोर्ट टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया। उन्होंने आधुनिक सुविधाओं से लैस टर्मिनल का निरीक्षण किया और क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत बनाने वाली 'उड़ान-2.0' योजना की शुरुआत भी की। इसके बाद वे बालोतरा पहुंचे, जहां रिफाइनरी के कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर विशेषज्ञों से तकनीकी जानकारी ली। उन्होंने परियोजना की कार्यप्रणाली, उत्पादन क्षमता और भविष्य की योजनाओं की भी समीक्षा की। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। रिफाइनरी परिसर में बनाए गए विशाल डोम में हजारों लोगों ने जनसभा में भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
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राजस्थान को मिली तीन बड़ी विकास परियोजनाएं, PM मोदी बोले- ऊर्जा संकट से भारत मजबूती से उबरा
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान को विकास और आधारभूत ढांचे से जुड़ी तीन बड़ी परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने बालोतरा के पचपदरा में देश की सबसे आधुनिक रिफाइनरी का उद्घाटन किया, जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का लोकार्पण किया और जयपुर मेट्रो फेज-2 परियोजना की वर्चुअल आधारशिला रखी। इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने वैश्विक परिस्थितियों के बीच उत्पन्न हुए बड़े ऊर्जा संकट का सफलतापूर्वक सामना किया और बेहतर प्रबंधन के कारण आम नागरिकों पर उसका बोझ कम पड़ने दिया।प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध और अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण पूरी दुनिया ऊर्जा संकट से जूझ रही थी। यदि समय पर प्रभावी रणनीति नहीं बनाई जाती, तो घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत करीब 2 हजार रुपये तक पहुंच सकती थी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने समय पर निर्णय लेकर ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखा, जिसके कारण देश में गैस सिलेंडर की कीमतों को नियंत्रित रखने में सफलता मिली।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक संकट के दौरान भारत की विदेश नीति और कूटनीतिक संबंध देश के लिए बड़ी ताकत बनकर उभरे। उन्होंने बताया कि पहले भारत लगभग 25 से 26 देशों से ईंधन आयात करता था, लेकिन परिस्थितियों को देखते हुए यह संख्या बढ़ाकर करीब 40 देशों तक पहुंचाई गई। इससे ऊर्जा आपूर्ति बाधित नहीं हुई और देश की जरूरतों को लगातार पूरा किया जा सका। उन्होंने कहा कि भारत ने कठिन समय में भी अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित कर दुनिया के सामने एक मजबूत उदाहरण प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अप्रैल से जून के बीच पेट्रोल और डीजल की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए तेल विपणन कंपनियों को लगभग 75 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि यह राशि इतनी बड़ी थी कि इससे एक नई रिफाइनरी का निर्माण किया जा सकता था। सरकार ने यह आर्थिक भार स्वयं वहन किया ताकि आम नागरिकों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े और महंगाई को नियंत्रित रखा जा सके।
राजस्थान के विकास का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पचपदरा रिफाइनरी केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं है, बल्कि यह पश्चिमी राजस्थान की अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाली ऐतिहासिक उपलब्धि है। इससे हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा, पेट्रोकेमिकल उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और राज्य में औद्योगिक निवेश के नए अवसर विकसित होंगे। उन्होंने कहा कि यह परियोजना राजस्थान को देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों की श्रेणी में और मजबूत बनाएगी। प्रधानमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी की कार्यशैली का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा सरकार केवल परियोजनाओं की घोषणा नहीं करती, बल्कि उन्हें समय पर पूरा भी करती है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल शिलान्यास करना नहीं, बल्कि जनता को परियोजनाओं का लाभ पहुंचाना है। पचपदरा रिफाइनरी इसका बड़ा उदाहरण है, जो अनेक चुनौतियों के बावजूद निर्धारित दिशा में आगे बढ़ी और आज राष्ट्र को समर्पित की गई।
उन्होंने रिफाइनरी में कुछ महीने पहले हुई दुर्घटना का भी उल्लेख किया और कहा कि उस घटना के बाद परियोजना से जुड़े इंजीनियरों, विशेषज्ञों और कर्मचारियों ने तेज गति से काम कर सभी चुनौतियों को पार किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि नया भारत कठिन परिस्थितियों से घबराता नहीं, बल्कि चुनौतियों को अवसर में बदलने की क्षमता रखता है। यही आत्मविश्वास विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने राजस्थान और गुजरात के बीच नर्मदा जल परियोजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे और राजस्थान में वसुंधरा राजे मुख्यमंत्री थीं, तब दोनों राज्यों ने बिना किसी विवाद के नर्मदा का पानी राजस्थान तक पहुंचाने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि भाजपा की राजनीति क्षेत्रवाद या टकराव की नहीं, बल्कि सहयोग और राष्ट्रहित की राजनीति है। आज राजस्थान के अनेक गांवों तक नर्मदा का पानी पहुंच रहा है, जिससे लाखों लोगों को लाभ मिल रहा है।
इससे पहले प्रधानमंत्री सुबह जोधपुर पहुंचे, जहां उन्होंने नए एयरपोर्ट टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया। उन्होंने आधुनिक सुविधाओं से लैस टर्मिनल का निरीक्षण किया और क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत बनाने वाली 'उड़ान-2.0' योजना की शुरुआत भी की। इसके बाद वे बालोतरा पहुंचे, जहां रिफाइनरी के कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर विशेषज्ञों से तकनीकी जानकारी ली। उन्होंने परियोजना की कार्यप्रणाली, उत्पादन क्षमता और भविष्य की योजनाओं की भी समीक्षा की। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। रिफाइनरी परिसर में बनाए गए विशाल डोम में हजारों लोगों ने जनसभा में भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
