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आज का पंचांग 21 जून 2026: तिथि, नक्षत्र, राहुकाल और शुभ मुहूर्त
Digital Desk
21 जून 2026 का पंचांग देखें - शुक्ल अष्टमी तिथि, उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र, राहुकाल समय और शुभ मुहूर्त की पूरी डिटेल। दिल्ली सहित पूरे भारत के लिए महत्वपूर्ण जानकारियां।
आज रविवार को ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष में सूर्य की उत्तरायण स्थिति के साथ दिन सबसे लंबा हो गया है। लाखों हिंदू भक्त और ज्योतिष प्रेमी सुबह से ही आज का पंचांग देख रहे हैं। विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थी) और शक संवत 1948 (पराभव) चल रहा है।
पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ मास पूर्णिमांत और अमांत दोनों ही गणना में है। सुबह से दोपहर 3:20 बजे तक शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि रहेगी। इसके बाद शुक्ल पक्ष अष्टमी शुरू हो जाएगी, जो 22 जून को शाम तक चलेगी।
चंद्रमा पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में सुबह 9:31 बजे तक रहेगा। उसके बाद उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र लगेगा, जो पूरे दिन प्रभावी रहेगा। योग की बात करें तो सुबह 11:21 बजे तक सिद्धि योग रहेगा। इसके बाद व्यातिपात योग शुरू होगा।
ज्योतिषियों का कहना है कि इन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति आज के वित्तीय फैसलों, यात्रा और नए काम शुरू करने में खास भूमिका निभा रही है।
उत्तर भारत सहित दिल्ली में राहुकाल दोपहर 5:37 बजे से शाम 7:22 बजे तक रहेगा। इस दौरान कोई नया काम, शुभ कार्य या महत्वपूर्ण लेन-देन टालने की सलाह दी जा रही है।
अभिजीत मुहूर्त दोपहर में पड़ेगा, जिसे कई शुभ कामों के लिए उत्तम माना जाता है। इसके अलावा आज सरवार्थ सिद्धि योग जैसे कुछ खास योग भी बन रहे हैं, जो ज्योतिषियों के मुताबिक सकारात्मक परिणाम दे सकते हैं।
21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस भी मनाया जा रहा है। ग्रीष्म संक्रांति के साथ लंबे दिन और पंचांग के शुभ मुहूर्तों को मिलाकर कई लोग घर पर पूजा-पाठ, योगाभ्यास और आउटडोर धार्मिक गतिविधियां कर रहे हैं।
दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु समेत बड़े शहरों में सुबह-सुबह पंचांग ऐप्स और वेबसाइट्स पर ट्रैफिक सबसे ज्यादा रहता है। लोग घरेलू पूजा, व्यापार शुरू करने, वाहन खरीद या ग्रह प्रवेश जैसे कामों के लिए शुभ समय देख रहे हैं।
स्थानीय सूर्योदय और चंद्रोदय के अनुसार अलग-अलग शहरों में समय में थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए लोग अपने शहर के अनुसार पंचांग देखने की सलाह देते हैं।
ज्येष्ठ मास में आने वाले व्रत-त्योहारों की तैयारी भी इन पंचांग विवरणों से शुरू हो जाती है। कई परिवार इन जानकारियों के आधार पर अगले दिनों के कार्यक्रम तय कर रहे हैं।
पंचांग आज भी आधुनिक व्यस्त जीवन में पारंपरिक मार्गदर्शन की भूमिका निभा रहा है। सूर्य के उत्तर दिशा में सबसे ऊंचे बिंदु पर पहुंचने के साथ आज का दिन खगोलीय और ज्योतिषीय दोनों ही दृष्टि से खास माना जा रहा है।
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आज का पंचांग 21 जून 2026: तिथि, नक्षत्र, राहुकाल और शुभ मुहूर्त
Digital Desk
आज रविवार को ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष में सूर्य की उत्तरायण स्थिति के साथ दिन सबसे लंबा हो गया है। लाखों हिंदू भक्त और ज्योतिष प्रेमी सुबह से ही आज का पंचांग देख रहे हैं। विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थी) और शक संवत 1948 (पराभव) चल रहा है।
पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ मास पूर्णिमांत और अमांत दोनों ही गणना में है। सुबह से दोपहर 3:20 बजे तक शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि रहेगी। इसके बाद शुक्ल पक्ष अष्टमी शुरू हो जाएगी, जो 22 जून को शाम तक चलेगी।
चंद्रमा पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में सुबह 9:31 बजे तक रहेगा। उसके बाद उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र लगेगा, जो पूरे दिन प्रभावी रहेगा। योग की बात करें तो सुबह 11:21 बजे तक सिद्धि योग रहेगा। इसके बाद व्यातिपात योग शुरू होगा।
ज्योतिषियों का कहना है कि इन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति आज के वित्तीय फैसलों, यात्रा और नए काम शुरू करने में खास भूमिका निभा रही है।
उत्तर भारत सहित दिल्ली में राहुकाल दोपहर 5:37 बजे से शाम 7:22 बजे तक रहेगा। इस दौरान कोई नया काम, शुभ कार्य या महत्वपूर्ण लेन-देन टालने की सलाह दी जा रही है।
अभिजीत मुहूर्त दोपहर में पड़ेगा, जिसे कई शुभ कामों के लिए उत्तम माना जाता है। इसके अलावा आज सरवार्थ सिद्धि योग जैसे कुछ खास योग भी बन रहे हैं, जो ज्योतिषियों के मुताबिक सकारात्मक परिणाम दे सकते हैं।
21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस भी मनाया जा रहा है। ग्रीष्म संक्रांति के साथ लंबे दिन और पंचांग के शुभ मुहूर्तों को मिलाकर कई लोग घर पर पूजा-पाठ, योगाभ्यास और आउटडोर धार्मिक गतिविधियां कर रहे हैं।
दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु समेत बड़े शहरों में सुबह-सुबह पंचांग ऐप्स और वेबसाइट्स पर ट्रैफिक सबसे ज्यादा रहता है। लोग घरेलू पूजा, व्यापार शुरू करने, वाहन खरीद या ग्रह प्रवेश जैसे कामों के लिए शुभ समय देख रहे हैं।
स्थानीय सूर्योदय और चंद्रोदय के अनुसार अलग-अलग शहरों में समय में थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए लोग अपने शहर के अनुसार पंचांग देखने की सलाह देते हैं।
ज्येष्ठ मास में आने वाले व्रत-त्योहारों की तैयारी भी इन पंचांग विवरणों से शुरू हो जाती है। कई परिवार इन जानकारियों के आधार पर अगले दिनों के कार्यक्रम तय कर रहे हैं।
पंचांग आज भी आधुनिक व्यस्त जीवन में पारंपरिक मार्गदर्शन की भूमिका निभा रहा है। सूर्य के उत्तर दिशा में सबसे ऊंचे बिंदु पर पहुंचने के साथ आज का दिन खगोलीय और ज्योतिषीय दोनों ही दृष्टि से खास माना जा रहा है।
