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फेंग शुई और इंटीरियर डिजाइन का बढ़ता चलन: घर को सुंदर ही नहीं, सकारात्मक बनाने पर जोर
लाइफस्टाइल डेस्क
शहरी जीवन में तनाव और अव्यवस्थित दिनचर्या के बीच लोग घरों में संतुलन, शांति और ऊर्जा के लिए अपना रहे हैं फेंग शुई आधारित डिजाइन
तेज़ रफ्तार जिंदगी, काम का दबाव और सीमित निजी समय के बीच लोग अब अपने घर को केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि मानसिक सुकून का केंद्र बनाने पर ध्यान देने लगे हैं। इसी कड़ी में फेंग शुई और इंटीरियर डिजाइन का मेल एक नया ट्रेंड बनकर उभरा है। विशेषज्ञों का कहना है कि सही डिजाइन और ऊर्जा संतुलन से घर का माहौल न केवल सुंदर दिखता है, बल्कि सकारात्मकता भी बढ़ती है।
इंटीरियर डिजाइनरों और फेंग शुई कंसल्टेंट्स के अनुसार, बीते कुछ वर्षों में खासकर शहरी क्षेत्रों में लोग अपने घरों की योजना बनाते समय ऊर्जा प्रवाह, रोशनी और दिशा पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। आज की ताज़ा ख़बरें और भारत समाचार अपडेट में रियल एस्टेट और होम डिजाइन से जुड़े सेक्टर में इस बढ़ते रुझान की झलक साफ दिखाई देती है।
फेंग शुई क्या कहता है
फेंग शुई एक प्राचीन चीनी पद्धति मानी जाती है, जिसका उद्देश्य घर और आसपास के वातावरण में संतुलन बनाना है। इसका आधार यह मान्यता है कि सही दिशा, रंग और वस्तुओं की व्यवस्था से सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा मिलता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि इसका प्रभाव लोगों के मूड, नींद और आपसी संबंधों पर भी पड़ सकता है।
इंटीरियर डिजाइन में संतुलन की भूमिका
आधुनिक इंटीरियर डिजाइन अब केवल सजावट तक सीमित नहीं है। डिजाइनर मानते हैं कि खुली जगह, प्राकृतिक रोशनी और सादे रंग मानसिक शांति में मदद करते हैं। फेंग शुई के सिद्धांतों के अनुसार, घर में अव्यवस्था नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ा सकती है, इसलिए मिनिमल डिजाइन को प्राथमिकता दी जा रही है।
प्रवेश द्वार और लिविंग एरिया पर खास ध्यान
विशेषज्ञों का कहना है कि घर का मुख्य दरवाजा ऊर्जा का प्रवेश बिंदु माना जाता है। साफ-सुथरा और रोशनी से भरा प्रवेश द्वार सकारात्मक प्रभाव डालता है। वहीं लिविंग रूम में फर्नीचर की सही व्यवस्था और पर्याप्त जगह बनाए रखना जरूरी माना जाता है।
रंग और रोशनी का प्रभाव
फेंग शुई और इंटीरियर दोनों में रंगों की अहम भूमिका मानी जाती है। हल्के और प्राकृतिक रंग शांति का एहसास कराते हैं, जबकि पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी ऊर्जा स्तर को बेहतर बनाती है। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय समाचारों में भी वेलनेस से जुड़े ट्रेंड्स में प्राकृतिक तत्वों के उपयोग पर जोर देखा जा रहा है।
बेडरूम और किचन की योजना
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बेडरूम में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की संख्या सीमित रखी जाए, ताकि नींद प्रभावित न हो। वहीं किचन में साफ-सफाई और व्यवस्थित डिजाइन को स्वास्थ्य और सकारात्मकता से जोड़ा जाता है।
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