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भोपाल बनेगा राष्ट्रीय विरासत विमर्श का केंद्र, 9 से 11 जनवरी तक होगी पुरातत्व व संग्रहालय विज्ञान पर राष्ट्रीय संगोष्ठी
Bhopal, MP
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल 9 जनवरी से देश के प्रमुख पुरातत्वविदों, इतिहासकारों और विरासत विशेषज्ञों की मेजबानी करने जा रही है।
संस्कृति विभाग, मध्यप्रदेश शासन के अंतर्गत संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय द्वारा कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं ‘डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह’ का आयोजन किया जाएगा।
इस दौरान प्रसिद्ध पुरातत्वविद् और पद्मश्री सम्मानित डॉ. यशोधर मठपाल को पुरातत्व के क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए वाकणकर राष्ट्रीय पुरस्कार से अलंकृत किया जाएगा। डॉ. मठपाल अब तक 400 से अधिक प्राचीन गुफाओं की खोज कर चुके हैं और शैलचित्र संरक्षण की वैज्ञानिक पद्धतियों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिला चुके हैं।
विरासत संरक्षण पर राष्ट्रीय मंथन
इस आयोजन के अंतर्गत “पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय विज्ञान में अद्यतन प्रगतियां” विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित होगी। इसमें देशभर से आए विषय विशेषज्ञ, वरिष्ठ प्रशासक, शोधकर्ता और अकादमिक जगत के प्रतिनिधि विरासत संरक्षण की चुनौतियों, तकनीकी नवाचारों और भविष्य की रणनीतियों पर मंथन करेंगे।
संगोष्ठी का उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। कार्यक्रम में पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी की विशिष्ट उपस्थिति रहेगी।
ASI और राष्ट्रीय अभिलेखागार के विशेषज्ञ होंगे शामिल
तकनीकी सत्रों में कल्याण कुमार चक्रवर्ती (आईएएस), प्रो. रवि कोरिसेट्टर, अरुण सिंघल (सेवानिवृत्त आईएएस), हर सहाय मीणा (आईएएस), प्रो. आलोक निपाठी और डॉ. राजेंद्र यादव जैसे नामी विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और राष्ट्रीय अभिलेखागार से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी भी सत्रों का संचालन करेंगे।
डिजिटल क्यूरेशन से लेकर नीति निर्माण तक चर्चा
संगोष्ठी में पुरातत्वमिति, अभिलेख प्रबंधन की आधुनिक तकनीकें, विरासत स्थलों का वैज्ञानिक संरक्षण, डिजिटल क्यूरेशन और जनसहभागिता जैसे विषयों पर केंद्रित सत्र होंगे। साथ ही नीति निर्माण से जुड़े व्यावहारिक सुझावों पर भी संवाद होगा।
आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में विरासत संरक्षण के क्षेत्र में नए विमर्श और नई दिशा तय करने वाला साबित होगा।
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