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रिश्तों की बदलती तस्वीर: कपल रिलेशनशिप में संवाद और भरोसा बन रहे सबसे बड़ी जरूरत
लाइफस्टाइल डेस्क
तेज़ रफ्तार जीवन और डिजिटल दबाव के बीच रिश्तों को संतुलन में रखने की चुनौती, विशेषज्ञों ने बताए मजबूत रिश्ते के संकेत
आज के दौर में कपल रिलेशनशिप केवल भावनात्मक जुड़ाव तक सीमित नहीं रह गए हैं। बदलती जीवनशैली, करियर का दबाव और डिजिटल दुनिया की बढ़ती दखलअंदाजी ने रिश्तों की प्रकृति को नई चुनौतियों के सामने खड़ा कर दिया है। देश के कई शहरों में सामने आ रहे सामाजिक और पारिवारिक मामलों से साफ है कि रिश्तों में संवाद की कमी और भरोसे की दरार सबसे बड़ी वजह बन रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बीते कुछ वर्षों में कपल्स के बीच गलतफहमी, इमोशनल दूरी और समय की कमी जैसे मुद्दे तेजी से बढ़े हैं। खासकर वर्किंग कपल्स के बीच वर्क-लाइफ बैलेंस बिगड़ने से रिश्तों पर सीधा असर पड़ रहा है। सुबह से देर रात तक काम, मोबाइल और सोशल मीडिया पर ज्यादा समय बिताने की आदत रिश्तों में संवाद को सीमित कर रही है।
क्यों बढ़ रही हैं रिलेशनशिप समस्याएं
काउंसलर्स का कहना है कि रिश्तों में अपेक्षाएं पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई हैं। हर पार्टनर चाहता है कि दूसरा उसकी भावनाओं, जरूरतों और सोच को बिना कहे समझे। जब ऐसा नहीं होता, तो निराशा और तनाव जन्म लेता है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर दिखने वाली “परफेक्ट कपल” की छवि भी वास्तविक रिश्तों पर अनावश्यक दबाव बना रही है।
कैसे बदल रहा है कपल्स का नजरिया
हालांकि तस्वीर पूरी तरह नकारात्मक नहीं है। महानगरों के साथ-साथ छोटे शहरों में भी कपल्स अब रिलेशनशिप काउंसलिंग को लेकर खुलकर सामने आ रहे हैं। आपसी बातचीत, सीमाएं तय करना और एक-दूसरे के स्पेस का सम्मान करना अब रिश्ते की मजबूती का आधार बन रहा है।
दिल्ली की रिलेशनशिप काउंसलर डॉ. सीमा अग्रवाल के मुताबिक, “आज के कपल्स पहले से ज्यादा जागरूक हैं। वे समझने लगे हैं कि प्यार के साथ-साथ संवाद, धैर्य और भरोसा भी जरूरी है। छोटी-छोटी बातों पर चुप्पी साधने के बजाय खुलकर बातचीत करना रिश्तों को बचा सकता है।”
युवाओं में बदलती सोच
युवा पीढ़ी अब रिश्तों को बोझ नहीं, बल्कि साझेदारी के रूप में देखने लगी है। फैसले मिलकर लेना, जिम्मेदारियां बांटना और मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना इस बदलाव का संकेत है। यही कारण है कि लाइफस्टाइल एक्सपर्ट्स कपल्स को “क्वालिटी टाइम” और “डिजिटल डिटॉक्स” अपनाने की सलाह दे रहे हैं।
विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले समय में कपल रिलेशनशिप से जुड़ी जागरूकता और बढ़ेगी। अगर समय रहते संवाद और समझ को प्राथमिकता दी जाए, तो रिश्ते न सिर्फ टिकाऊ बन सकते हैं, बल्कि जीवन को भी संतुलित और सकारात्मक दिशा दे सकते हैं।
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