जबलपुर में शव दफन को लेकर टकराव: चारागाह या कब्रिस्तान पर विवाद, प्रशासन ने शुरू करवाई जमीन की नपती

जबलपुर (म.प्र.)

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चरगंवा गांव में अंतिम संस्कार को लेकर तनाव, हिंदू संगठनों का चक्काजाम, SDM की मौजूदगी में सीमांकन जारी

जिले के चरगंवा क्षेत्र में शव दफनाने को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद गहरा गया है। मामला तब सामने आया, जब गांव में एक बुजुर्ग महिला के निधन के बाद उसके अंतिम संस्कार को लेकर जमीन के स्वामित्व पर सवाल खड़े हो गए। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि पुलिस-प्रशासन को मौके पर पहुंचकर हस्तक्षेप करना पड़ा और फिलहाल प्रशासन ने जमीन की नपती शुरू कर दी है।

यह घटना जबलपुर से लगभग 60 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम चरगंवा की है। मंगलवार को गांव की एक बुजुर्ग महिला की लंबी बीमारी के बाद मौत हो गई थी। बुधवार सुबह जब परिजन शव को दफनाने के लिए गांव के एक भूखंड पर पहुंचे, तभी स्थानीय हिंदू संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। उनका दावा है कि जिस जमीन पर शव दफनाया जा रहा है, वह चारागाह की भूमि है और वहां किसी भी तरह का दफन या निर्माण अवैध है।

वहीं, दूसरे पक्ष का कहना है कि यह जमीन वर्षों से कब्रिस्तान के रूप में उपयोग की जा रही है और उनके पूर्वज भी यहीं दफनाए गए हैं। दोनों पक्षों के दावों के चलते मौके पर कहासुनी बढ़ती चली गई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण और संगठन के कार्यकर्ता वहां जमा हो गए।

सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया। एएसपी अंजना तिवारी, एसडीएम शहपुरा और तहसीलदार ने दोनों पक्षों से बातचीत कर शांति बनाए रखने की अपील की। प्रशासन ने विवाद के स्थायी समाधान के लिए जमीन का सीमांकन कराने का फैसला लिया।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, विवादित भूमि पर पहले एक सरकारी स्कूल संचालित होता था। स्कूल भवन जर्जर होने के बाद उसे दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया गया। इसके बाद से इस जमीन को लेकर गांव में असमंजस की स्थिति बनी रही। वर्ष 2022 में विशेष समुदाय के लोगों ने इस स्थान पर तारबंदी कर बोर्ड लगाया था, जिस पर आपत्ति जताई गई थी। तब जिला प्रशासन ने वहां ताला लगाकर जमीन को अपने नियंत्रण में ले लिया था।

हिंदू संगठनों का आरोप है कि हाल ही में मृतका के परिजन कथित रूप से ताला खुलवाकर शव दफनाने की तैयारी कर रहे थे। इसी बात को लेकर विरोध तेज हुआ। प्रशासनिक कार्रवाई से असंतुष्ट कुछ संगठनों ने जबलपुर–गोटेगांव मार्ग पर चक्काजाम भी किया, जिससे कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित रहा।

एसडीएम ने पटवारी और राजस्व निरीक्षक को बुलाकर जमीन की नपती शुरू करवा दी है। प्रशासन का कहना है कि सीमांकन रिपोर्ट आने के बाद ही जमीन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी और उसी आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल इलाके में पुलिस बल तैनात है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।

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