नींद सुधारें, ऊर्जा बढ़ाएं: सही स्लीपिंग हैबिट्स से दिनभर ताजगी और फोकस हासिल करें

लाइफस्टाइल डेस्क

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विशेषज्ञों का सुझाव – नियमित नींद, स्क्रीन टाइम कंट्रोल और हल्की एक्सरसाइज से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार संभव

व्यस्त जीवनशैली और डिजिटल स्क्रीन के लगातार इस्तेमाल के कारण आज कई लोग पर्याप्त नींद नहीं ले पाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नींद की गुणवत्ता सीधे व्यक्ति के एनर्जी लेवल, मूड और कामकाज की क्षमता से जुड़ी होती है। सही स्लीपिंग हैबिट्स अपनाकर न केवल थकान कम की जा सकती है, बल्कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य भी बेहतर किया जा सकता है।

हाल ही में एक सर्वे में पता चला कि 18 से 45 वर्ष के लगभग 60% लोग रोजाना सात घंटे से कम सोते हैं। लगातार कम नींद लेने से दिनभर सुस्ती, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई और मूड स्विंग जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि नींद का प्रभाव केवल शरीर पर ही नहीं, बल्कि मस्तिष्क के कार्यों और इम्यून सिस्टम पर भी पड़ता है।

स्लीप एक्सपर्ट्स के अनुसार, नींद की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए कुछ आसान लेकिन प्रभावी आदतें अपनाई जा सकती हैं। इनमें नियमित समय पर सोना और जागना, सोने से पहले मोबाइल या लैपटॉप का उपयोग कम करना, कमरे का तापमान और रोशनी नियंत्रित करना, और हल्का भोजन लेना शामिल है। इसके अलावा, दिन के समय हल्की एक्सरसाइज और प्राकृतिक रोशनी में समय बिताना भी नींद को बेहतर बनाने में मदद करता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि नींद के दौरान शरीर अपने सेल्स को रिपेयर करता है और मस्तिष्क की स्मृति और सीखने की क्षमता बेहतर होती है। पर्याप्त नींद लेने से हॉर्मोन संतुलन भी बनता है और शरीर में ऊर्जा का स्तर दिनभर स्थिर रहता है। इसके विपरीत, लगातार कम नींद लेने से थकान, तनाव, चिंता और हृदय संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है।

हाल के शोध में यह भी सामने आया कि नींद की खराब आदतों से वजन बढ़ने, ब्लड शुगर लेवल में असंतुलन और त्वचा की समस्या जैसी परेशानियां भी हो सकती हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि 7 से 9 घंटे की नींद रोजाना आवश्यक है और इसे नियमित बनाए रखना सबसे प्रभावी तरीका है।

स्लीप हैबिट्स को सुधारने के लिए छोटे बदलाव भी असर दिखाते हैं। उदाहरण के लिए, सोने से एक घंटा पहले स्क्रीन का उपयोग बंद करना, गहरी सांस और मेडिटेशन करना, और कैफीन का सेवन शाम के समय कम करना मददगार साबित हो सकता है। इन आदतों को अपनाकर व्यक्ति दिनभर ऊर्जावान, मानसिक रूप से सतर्क और तनावमुक्त रह सकता है।

विशेषज्ञों का निष्कर्ष है कि नींद और ऊर्जा का आपसी संबंध सीधे जीवन की गुणवत्ता से जुड़ा है। सही स्लीपिंग हैबिट्स को अपनी दिनचर्या में शामिल करना न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखता है, बल्कि कार्यकुशलता और जीवन में खुशी भी बढ़ाता है।

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