मानसून में मीठी और रसीली नाशपाती खरीदने से पहले जान लें ये जरूरी बातें

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बारिश के मौसम में सही नाशपाती चुनने के आसान टिप्स, स्वाद के साथ मिलेगा भरपूर पोषण और लंबे समय तक रहेगी ताजगी।

मानसून का मौसम अपने साथ हरियाली, ठंडी फुहारें और ताजे फलों की भरमार लेकर आता है। इन्हीं फलों में नाशपाती भी एक ऐसा फल है, जो स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है। मीठी और रसीली नाशपाती शरीर को हाइड्रेट रखने, पाचन बेहतर बनाने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करती है। हालांकि बारिश के मौसम में बाजार में कई बार कच्ची, बासी या खराब नाशपाती भी बिकने लगती है। ऐसे में अगर खरीदते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखा जाए तो आप स्वादिष्ट और ताजी नाशपाती आसानी से चुन सकते हैं।

सबसे पहले नाशपाती के रंग पर ध्यान देना जरूरी है। अच्छी गुणवत्ता वाली नाशपाती का रंग हल्का हरा, पीला या सुनहरा होता है। यदि फल पर गहरे काले धब्बे, सड़न या ज्यादा झुर्रियां दिखाई दें तो उसे खरीदने से बचना चाहिए। हल्के प्राकृतिक निशान सामान्य हो सकते हैं, लेकिन बड़े धब्बे यह संकेत देते हैं कि फल ज्यादा पुराना हो चुका है या खराब होने लगा है।

नाशपाती खरीदते समय उसे हल्के हाथ से दबाकर जरूर देखें। अगर फल थोड़ा नरम महसूस हो और दबाने पर हल्का सा झुके, तो इसका मतलब है कि वह पक चुका है और खाने के लिए तैयार है। वहीं यदि फल बहुत ज्यादा सख्त हो तो वह अभी कच्चा हो सकता है। दूसरी ओर अगर वह बहुत ज्यादा मुलायम हो जाए तो समझ लें कि फल अधिक पक चुका है और जल्दी खराब हो सकता है।

फल की खुशबू भी उसकी गुणवत्ता बताने का आसान तरीका है। पकी हुई नाशपाती से हल्की मीठी और ताजी खुशबू आती है। अगर किसी फल से बदबू या खट्टी गंध आ रही हो तो उसे बिल्कुल नहीं खरीदना चाहिए। ऐसी नाशपाती अंदर से खराब हो सकती है, भले ही बाहर से ठीक दिखाई दे।

मानसून में नमी अधिक होने के कारण फलों में फफूंदी लगने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए खरीदते समय डंठल वाले हिस्से और नीचे के भाग को अच्छी तरह देखकर ही फल चुनें। यदि वहां सफेद या काले रंग की फफूंदी दिखाई दे तो वह फल खाने योग्य नहीं होता। ऐसे फल स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं।

अगर आप नाशपाती कुछ दिनों बाद खाने के लिए खरीद रहे हैं तो हल्की कच्ची नाशपाती लेना बेहतर रहेगा। इन्हें घर पर सामान्य तापमान में दो से तीन दिन रखने पर यह धीरे-धीरे पक जाती हैं। वहीं अगर उसी दिन या अगले दिन खाना हो तो पहले से पकी हुई नाशपाती खरीद सकते हैं। इससे स्वाद भी बेहतर मिलेगा और फल जल्दी खराब भी नहीं होगा।

खुले बाजार से फल खरीदते समय विश्वसनीय दुकानदार का चुनाव करना भी जरूरी है। कई बार सस्ते दाम के लालच में लोग ऐसे स्थानों से फल खरीद लेते हैं जहां उनकी गुणवत्ता पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता। कोशिश करें कि साफ-सुथरी दुकान या भरोसेमंद विक्रेता से ही खरीदारी करें। इससे ताजे और सुरक्षित फल मिलने की संभावना अधिक रहती है।

नाशपाती खरीदने के बाद उसे अच्छी तरह साफ करना भी बेहद जरूरी है। बारिश के मौसम में फलों पर धूल, मिट्टी, कीटनाशक या अन्य अशुद्धियां चिपकी हो सकती हैं। खाने से पहले बहते पानी में अच्छी तरह धोएं। चाहें तो कुछ मिनट के लिए हल्के नमक वाले पानी में भी भिगो सकते हैं। इससे फल अधिक साफ हो जाता है।

पोषण की बात करें तो नाशपाती फाइबर, विटामिन सी, विटामिन के, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट का अच्छा स्रोत है। इसमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और कब्ज की समस्या से राहत दिलाने में मदद करता है। विटामिन सी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होता है, जबकि एंटीऑक्सीडेंट कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में मदद करते हैं।

मानसून के दौरान मौसमी फलों का सेवन शरीर को जरूरी पोषक तत्व प्रदान करता है। हालांकि किसी भी फल का सेवन संतुलित मात्रा में करना चाहिए। मधुमेह के मरीजों या किसी विशेष स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे लोगों को अपनी डाइट में बदलाव करने से पहले डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है।

अगर आप नाशपाती को लंबे समय तक सुरक्षित रखना चाहते हैं तो पूरी तरह पके फलों को फ्रिज में रखें। वहीं कच्ची नाशपाती को कमरे के तापमान पर रखें ताकि वह प्राकृतिक रूप से पक सके। कटे हुए फल को ज्यादा देर तक खुला न छोड़ें और जल्द से जल्द खा लें, क्योंकि हवा के संपर्क में आने पर उसका रंग और स्वाद बदल सकता है।

मानसून में सही नाशपाती का चुनाव केवल स्वाद के लिए ही नहीं, बल्कि अच्छी सेहत के लिए भी जरूरी है। थोड़ी सी सावधानी और सही पहचान के जरिए आप बाजार से मीठी, ताजी और रसीली नाशपाती खरीद सकते हैं। इससे न केवल आपके परिवार को पौष्टिक फल मिलेगा, बल्कि बारिश के मौसम में स्वास्थ्य भी बेहतर बना रहेगा।

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25 Jul 2026 By Vaishnavi.J

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मानसून का मौसम अपने साथ हरियाली, ठंडी फुहारें और ताजे फलों की भरमार लेकर आता है। इन्हीं फलों में नाशपाती भी एक ऐसा फल है, जो स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है। मीठी और रसीली नाशपाती शरीर को हाइड्रेट रखने, पाचन बेहतर बनाने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करती है। हालांकि बारिश के मौसम में बाजार में कई बार कच्ची, बासी या खराब नाशपाती भी बिकने लगती है। ऐसे में अगर खरीदते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखा जाए तो आप स्वादिष्ट और ताजी नाशपाती आसानी से चुन सकते हैं।

सबसे पहले नाशपाती के रंग पर ध्यान देना जरूरी है। अच्छी गुणवत्ता वाली नाशपाती का रंग हल्का हरा, पीला या सुनहरा होता है। यदि फल पर गहरे काले धब्बे, सड़न या ज्यादा झुर्रियां दिखाई दें तो उसे खरीदने से बचना चाहिए। हल्के प्राकृतिक निशान सामान्य हो सकते हैं, लेकिन बड़े धब्बे यह संकेत देते हैं कि फल ज्यादा पुराना हो चुका है या खराब होने लगा है।

नाशपाती खरीदते समय उसे हल्के हाथ से दबाकर जरूर देखें। अगर फल थोड़ा नरम महसूस हो और दबाने पर हल्का सा झुके, तो इसका मतलब है कि वह पक चुका है और खाने के लिए तैयार है। वहीं यदि फल बहुत ज्यादा सख्त हो तो वह अभी कच्चा हो सकता है। दूसरी ओर अगर वह बहुत ज्यादा मुलायम हो जाए तो समझ लें कि फल अधिक पक चुका है और जल्दी खराब हो सकता है।

फल की खुशबू भी उसकी गुणवत्ता बताने का आसान तरीका है। पकी हुई नाशपाती से हल्की मीठी और ताजी खुशबू आती है। अगर किसी फल से बदबू या खट्टी गंध आ रही हो तो उसे बिल्कुल नहीं खरीदना चाहिए। ऐसी नाशपाती अंदर से खराब हो सकती है, भले ही बाहर से ठीक दिखाई दे।

मानसून में नमी अधिक होने के कारण फलों में फफूंदी लगने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए खरीदते समय डंठल वाले हिस्से और नीचे के भाग को अच्छी तरह देखकर ही फल चुनें। यदि वहां सफेद या काले रंग की फफूंदी दिखाई दे तो वह फल खाने योग्य नहीं होता। ऐसे फल स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं।

अगर आप नाशपाती कुछ दिनों बाद खाने के लिए खरीद रहे हैं तो हल्की कच्ची नाशपाती लेना बेहतर रहेगा। इन्हें घर पर सामान्य तापमान में दो से तीन दिन रखने पर यह धीरे-धीरे पक जाती हैं। वहीं अगर उसी दिन या अगले दिन खाना हो तो पहले से पकी हुई नाशपाती खरीद सकते हैं। इससे स्वाद भी बेहतर मिलेगा और फल जल्दी खराब भी नहीं होगा।

खुले बाजार से फल खरीदते समय विश्वसनीय दुकानदार का चुनाव करना भी जरूरी है। कई बार सस्ते दाम के लालच में लोग ऐसे स्थानों से फल खरीद लेते हैं जहां उनकी गुणवत्ता पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता। कोशिश करें कि साफ-सुथरी दुकान या भरोसेमंद विक्रेता से ही खरीदारी करें। इससे ताजे और सुरक्षित फल मिलने की संभावना अधिक रहती है।

नाशपाती खरीदने के बाद उसे अच्छी तरह साफ करना भी बेहद जरूरी है। बारिश के मौसम में फलों पर धूल, मिट्टी, कीटनाशक या अन्य अशुद्धियां चिपकी हो सकती हैं। खाने से पहले बहते पानी में अच्छी तरह धोएं। चाहें तो कुछ मिनट के लिए हल्के नमक वाले पानी में भी भिगो सकते हैं। इससे फल अधिक साफ हो जाता है।

पोषण की बात करें तो नाशपाती फाइबर, विटामिन सी, विटामिन के, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट का अच्छा स्रोत है। इसमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और कब्ज की समस्या से राहत दिलाने में मदद करता है। विटामिन सी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होता है, जबकि एंटीऑक्सीडेंट कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में मदद करते हैं।

मानसून के दौरान मौसमी फलों का सेवन शरीर को जरूरी पोषक तत्व प्रदान करता है। हालांकि किसी भी फल का सेवन संतुलित मात्रा में करना चाहिए। मधुमेह के मरीजों या किसी विशेष स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे लोगों को अपनी डाइट में बदलाव करने से पहले डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है।

अगर आप नाशपाती को लंबे समय तक सुरक्षित रखना चाहते हैं तो पूरी तरह पके फलों को फ्रिज में रखें। वहीं कच्ची नाशपाती को कमरे के तापमान पर रखें ताकि वह प्राकृतिक रूप से पक सके। कटे हुए फल को ज्यादा देर तक खुला न छोड़ें और जल्द से जल्द खा लें, क्योंकि हवा के संपर्क में आने पर उसका रंग और स्वाद बदल सकता है।

मानसून में सही नाशपाती का चुनाव केवल स्वाद के लिए ही नहीं, बल्कि अच्छी सेहत के लिए भी जरूरी है। थोड़ी सी सावधानी और सही पहचान के जरिए आप बाजार से मीठी, ताजी और रसीली नाशपाती खरीद सकते हैं। इससे न केवल आपके परिवार को पौष्टिक फल मिलेगा, बल्कि बारिश के मौसम में स्वास्थ्य भी बेहतर बना रहेगा।

https://www.dainikjagranmpcg.com/life-style/know-these-important-things-before-buying-sweet-and-juicy-pears/article-59798

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