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सोना ₹678 और चांदी ₹2,980 सस्ती, ऑल टाइम हाई से कीमतों में बड़ी गिरावट
बिजनेस डेस्क
24 कैरेट सोना 1.45 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा, चांदी 2.22 लाख रुपये प्रति किलो हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि साल के अंत तक फिर तेजी लौट सकती है।
सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर गिरावट दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के ताजा आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत में 678 रुपये प्रति 10 ग्राम की कमी आई है। इसके बाद सोना घटकर 1.45 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं चांदी भी आज कमजोर रही और इसकी कीमत में 2,980 रुपये प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद एक किलो चांदी का भाव 2.22 लाख रुपये पर आ गया। पिछले कुछ महीनों से बुलियन बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है और निवेशकों की नजरें अब आने वाले दिनों की चाल पर टिकी हुई हैं।
वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, डॉलर इंडेक्स में बदलाव, ब्याज दरों की उम्मीदों और अंतरराष्ट्रीय बाजार की हलचल का असर घरेलू सर्राफा बाजार पर भी लगातार दिखाई दे रहा है। यही वजह है कि सोना और चांदी दोनों की कीमतों में कभी तेजी तो कभी गिरावट देखने को मिल रही है। हालांकि मौजूदा गिरावट के बावजूद दोनों की कीमतें पिछले वर्षों की तुलना में अब भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।
अगर इस साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो सोने ने पहले तेज रफ्तार से नई ऊंचाई हासिल की थी। 31 दिसंबर 2025 को 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1.33 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम था। इसके बाद लगातार खरीदारी बढ़ने और वैश्विक बाजार में तेजी के चलते 29 जनवरी को सोना बढ़कर 1.76 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के अपने ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया। लेकिन इसके बाद बाजार में मुनाफावसूली और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में बदलाव के कारण सोने की कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिली। मौजूदा स्तर पर देखा जाए तो सोना अपने रिकॉर्ड स्तर से 31,516 रुपये तक सस्ता हो चुका है। इससे उन निवेशकों को राहत मिली है जो ऊंचे दाम के कारण खरीदारी नहीं कर पा रहे थे।
चांदी की कीमतों में भी इसी तरह का उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। वर्ष 2025 के अंत में चांदी का भाव करीब 2.30 लाख रुपये प्रति किलो था। इसके बाद तेजी का दौर शुरू हुआ और 29 जनवरी को चांदी ने 3.86 लाख रुपये प्रति किलो का रिकॉर्ड स्तर छू लिया। हालांकि इसके बाद कीमतों में लगातार गिरावट का सिलसिला शुरू हुआ। अब लगभग 175 दिनों के भीतर चांदी अपने उच्चतम स्तर से करीब 1.63 लाख रुपये प्रति किलो सस्ती हो चुकी है। आज की गिरावट के बाद चांदी का भाव 2.22 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया है। यह बदलाव बुलियन बाजार में बढ़ती अस्थिरता को भी दर्शाता है।
कीमतों में आई इस गिरावट को केवल कमजोरी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। कई निवेशक इसे लंबी अवधि के निवेश के लिए बेहतर अवसर मान रहे हैं। खासकर वे लोग जो नियमित अंतराल पर निवेश करते हैं, उनके लिए मौजूदा स्तर आकर्षक माना जा रहा है। निवेशकों को एकमुश्त बड़ी राशि लगाने से बचना चाहिए और चरणबद्ध तरीके से निवेश करना अधिक सुरक्षित रहेगा। इससे बाजार में उतार-चढ़ाव का जोखिम कम किया जा सकता है
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सोना ₹678 और चांदी ₹2,980 सस्ती, ऑल टाइम हाई से कीमतों में बड़ी गिरावट
बिजनेस डेस्क
सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर गिरावट दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के ताजा आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत में 678 रुपये प्रति 10 ग्राम की कमी आई है। इसके बाद सोना घटकर 1.45 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं चांदी भी आज कमजोर रही और इसकी कीमत में 2,980 रुपये प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद एक किलो चांदी का भाव 2.22 लाख रुपये पर आ गया। पिछले कुछ महीनों से बुलियन बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है और निवेशकों की नजरें अब आने वाले दिनों की चाल पर टिकी हुई हैं।
वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, डॉलर इंडेक्स में बदलाव, ब्याज दरों की उम्मीदों और अंतरराष्ट्रीय बाजार की हलचल का असर घरेलू सर्राफा बाजार पर भी लगातार दिखाई दे रहा है। यही वजह है कि सोना और चांदी दोनों की कीमतों में कभी तेजी तो कभी गिरावट देखने को मिल रही है। हालांकि मौजूदा गिरावट के बावजूद दोनों की कीमतें पिछले वर्षों की तुलना में अब भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।
अगर इस साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो सोने ने पहले तेज रफ्तार से नई ऊंचाई हासिल की थी। 31 दिसंबर 2025 को 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1.33 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम था। इसके बाद लगातार खरीदारी बढ़ने और वैश्विक बाजार में तेजी के चलते 29 जनवरी को सोना बढ़कर 1.76 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के अपने ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया। लेकिन इसके बाद बाजार में मुनाफावसूली और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में बदलाव के कारण सोने की कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिली। मौजूदा स्तर पर देखा जाए तो सोना अपने रिकॉर्ड स्तर से 31,516 रुपये तक सस्ता हो चुका है। इससे उन निवेशकों को राहत मिली है जो ऊंचे दाम के कारण खरीदारी नहीं कर पा रहे थे।
चांदी की कीमतों में भी इसी तरह का उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। वर्ष 2025 के अंत में चांदी का भाव करीब 2.30 लाख रुपये प्रति किलो था। इसके बाद तेजी का दौर शुरू हुआ और 29 जनवरी को चांदी ने 3.86 लाख रुपये प्रति किलो का रिकॉर्ड स्तर छू लिया। हालांकि इसके बाद कीमतों में लगातार गिरावट का सिलसिला शुरू हुआ। अब लगभग 175 दिनों के भीतर चांदी अपने उच्चतम स्तर से करीब 1.63 लाख रुपये प्रति किलो सस्ती हो चुकी है। आज की गिरावट के बाद चांदी का भाव 2.22 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया है। यह बदलाव बुलियन बाजार में बढ़ती अस्थिरता को भी दर्शाता है।
कीमतों में आई इस गिरावट को केवल कमजोरी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। कई निवेशक इसे लंबी अवधि के निवेश के लिए बेहतर अवसर मान रहे हैं। खासकर वे लोग जो नियमित अंतराल पर निवेश करते हैं, उनके लिए मौजूदा स्तर आकर्षक माना जा रहा है। निवेशकों को एकमुश्त बड़ी राशि लगाने से बचना चाहिए और चरणबद्ध तरीके से निवेश करना अधिक सुरक्षित रहेगा। इससे बाजार में उतार-चढ़ाव का जोखिम कम किया जा सकता है
