- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद इंदौर में छात्रों ने मनाई खुशी, 25 दिन पुराना धरना समाप्त करने का...
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद इंदौर में छात्रों ने मनाई खुशी, 25 दिन पुराना धरना समाप्त करने का ऐलान
भोपाल,(म.प्र.)
मिठाई बांटी, तिरंगा लहराया और देशभक्ति गीतों पर झूमे छात्र; परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग आगे भी जारी रखने की बात
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद मध्य प्रदेश के इंदौर में पिछले 25 दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों के बीच खुशी का माहौल देखने को मिला। शहर के टंट्या भील चौराहे पर धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी जाहिर की और लंबे समय से चल रहे धरने को समाप्त करने की घोषणा की। इस दौरान पूरे परिसर में देशभक्ति का माहौल नजर आया। छात्रों ने हाथों में तिरंगा लेकर देशभक्ति गीतों पर नृत्य किया और छात्र एकता के समर्थन में नारे लगाए।
पिछले कई दिनों से इंदौर में बड़ी संख्या में छात्र परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। आंदोलन में शामिल छात्रों का कहना था कि उनकी प्राथमिक चिंता देश के युवाओं का भविष्य और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना है। जैसे ही शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की जानकारी मिली, प्रदर्शन स्थल पर मौजूद विद्यार्थियों ने इसे अपने लंबे संघर्ष का एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।
छात्रों ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और भरोसा कायम करना है। उनका कहना था कि सरकार द्वारा शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा परीक्षाओं को निष्पक्ष बनाने की दिशा में जो भी सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे, उनका वे स्वागत करेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और छात्रों के हितों से जुड़े अन्य मुद्दों पर उनकी आवाज आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से उठती रहेगी।
धरना समाप्त करने की घोषणा के दौरान प्रदर्शन स्थल पर उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। कई छात्र हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर पहुंचे और देशभक्ति गीतों पर थिरकते नजर आए। प्रदर्शनकारियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया। कई अभिभावक भी मौके पर मौजूद रहे और उन्होंने छात्रों के अनुशासित व्यवहार की सराहना की।
इंदौर के अलावा मध्य प्रदेश के अन्य जिलों में भी छात्रों ने विभिन्न तरीकों से अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। बालाघाट में छात्र-छात्राओं ने काले कपड़े पहनकर रैली निकाली और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग दोहराई। वहीं कुछ स्थानों पर छात्रों ने प्रतीकात्मक प्रदर्शन कर अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया।
इंदौर के प्रदर्शन में महक नाम की एक छात्रा अपने साथ नीम की पत्तियां लेकर पहुंची। उसने कहा कि नीम अपने औषधीय और एंटी-बैक्टीरियल गुणों के लिए जानी जाती है। प्रतीकात्मक रूप से वह यह संदेश देना चाहती है कि जिस प्रकार नीम संक्रमण को दूर करने में मदद करती है, उसी तरह शिक्षा व्यवस्था में मौजूद कमियों को भी दूर किया जाना चाहिए ताकि विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित रह सके। महक का यह अनोखा प्रदर्शन वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्र विभिन्न संदेशों वाले पोस्टर लेकर भी पहुंचे। इन पोस्टरों के माध्यम से उन्होंने परीक्षा प्रणाली में सुधार, पारदर्शिता और छात्रों के हितों की रक्षा जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। पूरे कार्यक्रम के दौरान छात्र संगठनों ने शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखा और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचने का प्रयास किया।
आंदोलन में शामिल विद्यार्थियों का कहना है कि उनका संघर्ष केवल किसी परीक्षा तक सीमित नहीं है। उनका उद्देश्य ऐसी व्यवस्था बनाना है जिसमें मेहनत करने वाले प्रत्येक छात्र को निष्पक्ष अवसर मिले और परीक्षा प्रक्रिया पर सभी का भरोसा कायम रहे। उन्होंने कहा कि शिक्षा देश के विकास की सबसे महत्वपूर्ण आधारशिला है और इसमें पारदर्शिता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों ने सरकार द्वारा हाल के समय में परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि यदि सुधारात्मक प्रयास लगातार जारी रहते हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित होती है तो इससे विद्यार्थियों का विश्वास और मजबूत होगा। छात्रों ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में ऐसी व्यवस्था विकसित होगी जिससे पेपर लीक जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
शहर में पूरे दिन आंदोलन और उसके समापन को लेकर लोगों के बीच चर्चा बनी रही। बड़ी संख्या में राहगीरों ने भी छात्रों की अनुशासित और शांतिपूर्ण अभिव्यक्ति की सराहना की। पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद इंदौर में छात्रों ने मनाई खुशी, 25 दिन पुराना धरना समाप्त करने का ऐलान
भोपाल,(म.प्र.)
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद मध्य प्रदेश के इंदौर में पिछले 25 दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों के बीच खुशी का माहौल देखने को मिला। शहर के टंट्या भील चौराहे पर धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी जाहिर की और लंबे समय से चल रहे धरने को समाप्त करने की घोषणा की। इस दौरान पूरे परिसर में देशभक्ति का माहौल नजर आया। छात्रों ने हाथों में तिरंगा लेकर देशभक्ति गीतों पर नृत्य किया और छात्र एकता के समर्थन में नारे लगाए।
पिछले कई दिनों से इंदौर में बड़ी संख्या में छात्र परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। आंदोलन में शामिल छात्रों का कहना था कि उनकी प्राथमिक चिंता देश के युवाओं का भविष्य और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना है। जैसे ही शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की जानकारी मिली, प्रदर्शन स्थल पर मौजूद विद्यार्थियों ने इसे अपने लंबे संघर्ष का एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।
छात्रों ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और भरोसा कायम करना है। उनका कहना था कि सरकार द्वारा शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा परीक्षाओं को निष्पक्ष बनाने की दिशा में जो भी सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे, उनका वे स्वागत करेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और छात्रों के हितों से जुड़े अन्य मुद्दों पर उनकी आवाज आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से उठती रहेगी।
धरना समाप्त करने की घोषणा के दौरान प्रदर्शन स्थल पर उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। कई छात्र हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर पहुंचे और देशभक्ति गीतों पर थिरकते नजर आए। प्रदर्शनकारियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया। कई अभिभावक भी मौके पर मौजूद रहे और उन्होंने छात्रों के अनुशासित व्यवहार की सराहना की।
इंदौर के अलावा मध्य प्रदेश के अन्य जिलों में भी छात्रों ने विभिन्न तरीकों से अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। बालाघाट में छात्र-छात्राओं ने काले कपड़े पहनकर रैली निकाली और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग दोहराई। वहीं कुछ स्थानों पर छात्रों ने प्रतीकात्मक प्रदर्शन कर अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया।
इंदौर के प्रदर्शन में महक नाम की एक छात्रा अपने साथ नीम की पत्तियां लेकर पहुंची। उसने कहा कि नीम अपने औषधीय और एंटी-बैक्टीरियल गुणों के लिए जानी जाती है। प्रतीकात्मक रूप से वह यह संदेश देना चाहती है कि जिस प्रकार नीम संक्रमण को दूर करने में मदद करती है, उसी तरह शिक्षा व्यवस्था में मौजूद कमियों को भी दूर किया जाना चाहिए ताकि विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित रह सके। महक का यह अनोखा प्रदर्शन वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्र विभिन्न संदेशों वाले पोस्टर लेकर भी पहुंचे। इन पोस्टरों के माध्यम से उन्होंने परीक्षा प्रणाली में सुधार, पारदर्शिता और छात्रों के हितों की रक्षा जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। पूरे कार्यक्रम के दौरान छात्र संगठनों ने शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखा और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचने का प्रयास किया।
आंदोलन में शामिल विद्यार्थियों का कहना है कि उनका संघर्ष केवल किसी परीक्षा तक सीमित नहीं है। उनका उद्देश्य ऐसी व्यवस्था बनाना है जिसमें मेहनत करने वाले प्रत्येक छात्र को निष्पक्ष अवसर मिले और परीक्षा प्रक्रिया पर सभी का भरोसा कायम रहे। उन्होंने कहा कि शिक्षा देश के विकास की सबसे महत्वपूर्ण आधारशिला है और इसमें पारदर्शिता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों ने सरकार द्वारा हाल के समय में परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि यदि सुधारात्मक प्रयास लगातार जारी रहते हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित होती है तो इससे विद्यार्थियों का विश्वास और मजबूत होगा। छात्रों ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में ऐसी व्यवस्था विकसित होगी जिससे पेपर लीक जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
शहर में पूरे दिन आंदोलन और उसके समापन को लेकर लोगों के बीच चर्चा बनी रही। बड़ी संख्या में राहगीरों ने भी छात्रों की अनुशासित और शांतिपूर्ण अभिव्यक्ति की सराहना की। पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
