- Hindi News
- लाइफ स्टाइल
- बिना सर्जरी और कीमो: लकवा व कैंसर में होम्योपैथी की नई किरण - डॉ. प्रिंस कुमार मिश्रा
बिना सर्जरी और कीमो: लकवा व कैंसर में होम्योपैथी की नई किरण - डॉ. प्रिंस कुमार मिश्रा
Digital Desk
आधुनिक चिकित्सा पद्धति में लकवा और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का नाम आते ही मन में सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडिएशन जैसे कष्टकारी उपचारों का चित्र उभरता है। लेकिन लकवा व कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रिंस कुमार मिश्रा, जो कि एक प्रसिद्ध होम्योपैथी विशेषज्ञ (BHMS,MD) हैं, एवं कई वर्षों से “डॉ.मिश्रा होमियोताज क्लीनिक” की शाखा प्रयागराज और लखनऊ में पीड़ित मरीजों को नया सामान्य जीवन दे रहे है, और अनुसार होम्योपैथी में लकवा और कैंसर रोग का सुरक्षित प्रभावी, दर्द रहित सफल उपचार संभव है। और अब तक हजारों मरीजों को नया जीवन दे चुके है जो आधुनिक चिकित्सा से निराश हो चुके थे। एवं अपनी इन्हीं उपलब्धियों से कई बार राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है।
1. कीमो, रेडिएशन और सर्जरी से क्यों बेहतर विकल्प है होम्योपैथी - डॉ. प्रिंस कुमार मिश्रा
डॉ. मिश्रा का मानना है कि कैंसर के पारंपरिक उपचार जैसे कीमोथेरेपी और रेडिएशन अक्सर शरीर पर गंभीर दुष्प्रभाव (Side-effects) छोड़ते हैं, जिसके बाद आंखों का कमजोर होना या दिखाई कम देना, कमजोरी या चक्कर आना, सिर से बाल झड़ना, वास्तविक उम्र से ज्यादा उम्र का दिखाई देना, बीमारी का पहले से भी ज्यादा बिगड़ जाना निम्न दुष्प्रभाव देखने को मिलता है।
लेकिन डॉ प्रिंस कुमार मिश्रा ने हानिरहित होम्योपैथी से बिना किसी कीमो, रेडिएशन और चीर-फाड़ के रोग को जड़ से खत्म किया है।
डॉ.मिश्रा का कहना है कि जहाँ आधुनिक पद्धतियाँ रोग के लक्षणों को दबाने या प्रभावित अंग को हटाने पर जोर देती हैं, वहीं होम्योपैथी शरीर की 'हीलिंग रिस्पांस' (स्वयं ठीक होने की क्षमता) को सक्रिय करती है। और इसमें किसी भी प्रकार की नशे वाली दवाओं का उपयोग नहीं किया जाता।
डॉ. प्रिंस कुमार मिश्रा अपनी "डॉ. मिश्रा होमियोताज क्लीनिक" के माध्यम से प्रयागराज और लखनऊ में मरीजों की सेवा कर रहे हैं। उनके उपचार का मूल मंत्र "सिमिलिया सिमिलिबस क्यूरेंटर" (Like cures like) है। वे कहते हैं कि यह केवल एक मिथक है कि होम्योपैथी कैंसर जैसे रोगों में काम नहीं करती; आधुनिक शोध और उनकी क्लिनिक के सफल परिणाम बताते हैं कि गंभीर बीमारियों में भी यह पद्धति अत्यंत प्रभावशाली है।
राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां
.jpg)
.jpg)
.jpg)
डॉ. प्रिंस कुमार मिश्रा की उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया है|
इंटरनेशनल आयुष कॉन्फ्रेंस (दुबई 2024): अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित इस सम्मेलन में डॉ. मिश्रा ने वक्ता (Speaker) के रूप में भाग लेकर होम्योपैथी की शक्ति का प्रदर्शन किया।.jpg)
भारत गौरव सम्मान अवॉर्ड: स्वास्थ्य क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए भारत सरकार द्वारा प्रदन किया गया।.jpg)
कोरोना वॉरियर अवार्ड: महामारी के कठिन समय में निस्वार्थ सेवा के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और प्रयागराज पुलिस प्रशासन द्वारा सम्मानित।
.jpg)
विज़नरी इंडियन अवार्ड: मशहूर अभिनेत्री पूनम ढिल्लों द्वारा आकाशवाणी भवन, दिल्ली में प्रदान किया गया।
.jpg)
G20 और आयुष मंत्रालय में भागीदारी
डॉ. मिश्रा की विद्वता का प्रमाण इसी से मिलता है कि उन्होंने G20 इंडिया के दौरान नई दिल्ली में होम्योपैथी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। साथ ही, वे आयुष मंत्रालय द्वारा आयोजित विभिन्न राष्ट्रीय सेमिनारों में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होते रहे हैं।.jpg)
सेवा ही एकमात्र लक्ष्य
डॉ. मिश्रा का मानना है कि होम्योपैथी केवल दवा नहीं, बल्कि शरीर को प्राकृतिक रूप से स्वस्थ करने की एक कला है। उनके क्लिनिक में मरीजों के साथ सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार और सटीक निदान को प्राथमिकता दी जाती है। उनकी सफलता की कहानियां आज उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों में भी मशहूर हैं।
"मानवता की सेवा ही जीवन का एकमात्र लक्ष्य है। होम्योपैथी के माध्यम से हम जटिल से जटिल रोगों को जड़ से मिटाने का प्रयास कर रहे हैं।" — डॉ. प्रिंस कुमार मिश्रा
Website : https://www.drmishrahomeotaj.com/
Youtube :
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
बिना सर्जरी और कीमो: लकवा व कैंसर में होम्योपैथी की नई किरण - डॉ. प्रिंस कुमार मिश्रा
Digital Desk
1. कीमो, रेडिएशन और सर्जरी से क्यों बेहतर विकल्प है होम्योपैथी - डॉ. प्रिंस कुमार मिश्रा
डॉ. मिश्रा का मानना है कि कैंसर के पारंपरिक उपचार जैसे कीमोथेरेपी और रेडिएशन अक्सर शरीर पर गंभीर दुष्प्रभाव (Side-effects) छोड़ते हैं, जिसके बाद आंखों का कमजोर होना या दिखाई कम देना, कमजोरी या चक्कर आना, सिर से बाल झड़ना, वास्तविक उम्र से ज्यादा उम्र का दिखाई देना, बीमारी का पहले से भी ज्यादा बिगड़ जाना निम्न दुष्प्रभाव देखने को मिलता है।
लेकिन डॉ प्रिंस कुमार मिश्रा ने हानिरहित होम्योपैथी से बिना किसी कीमो, रेडिएशन और चीर-फाड़ के रोग को जड़ से खत्म किया है।
डॉ.मिश्रा का कहना है कि जहाँ आधुनिक पद्धतियाँ रोग के लक्षणों को दबाने या प्रभावित अंग को हटाने पर जोर देती हैं, वहीं होम्योपैथी शरीर की 'हीलिंग रिस्पांस' (स्वयं ठीक होने की क्षमता) को सक्रिय करती है। और इसमें किसी भी प्रकार की नशे वाली दवाओं का उपयोग नहीं किया जाता।
डॉ. प्रिंस कुमार मिश्रा अपनी "डॉ. मिश्रा होमियोताज क्लीनिक" के माध्यम से प्रयागराज और लखनऊ में मरीजों की सेवा कर रहे हैं। उनके उपचार का मूल मंत्र "सिमिलिया सिमिलिबस क्यूरेंटर" (Like cures like) है। वे कहते हैं कि यह केवल एक मिथक है कि होम्योपैथी कैंसर जैसे रोगों में काम नहीं करती; आधुनिक शोध और उनकी क्लिनिक के सफल परिणाम बताते हैं कि गंभीर बीमारियों में भी यह पद्धति अत्यंत प्रभावशाली है।
राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां
.jpg)
.jpg)
.jpg)
डॉ. प्रिंस कुमार मिश्रा की उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया है|
इंटरनेशनल आयुष कॉन्फ्रेंस (दुबई 2024): अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित इस सम्मेलन में डॉ. मिश्रा ने वक्ता (Speaker) के रूप में भाग लेकर होम्योपैथी की शक्ति का प्रदर्शन किया।.jpg)
भारत गौरव सम्मान अवॉर्ड: स्वास्थ्य क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए भारत सरकार द्वारा प्रदन किया गया।.jpg)
कोरोना वॉरियर अवार्ड: महामारी के कठिन समय में निस्वार्थ सेवा के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और प्रयागराज पुलिस प्रशासन द्वारा सम्मानित।
.jpg)
विज़नरी इंडियन अवार्ड: मशहूर अभिनेत्री पूनम ढिल्लों द्वारा आकाशवाणी भवन, दिल्ली में प्रदान किया गया।
.jpg)
G20 और आयुष मंत्रालय में भागीदारी
डॉ. मिश्रा की विद्वता का प्रमाण इसी से मिलता है कि उन्होंने G20 इंडिया के दौरान नई दिल्ली में होम्योपैथी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। साथ ही, वे आयुष मंत्रालय द्वारा आयोजित विभिन्न राष्ट्रीय सेमिनारों में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होते रहे हैं।.jpg)
सेवा ही एकमात्र लक्ष्य
डॉ. मिश्रा का मानना है कि होम्योपैथी केवल दवा नहीं, बल्कि शरीर को प्राकृतिक रूप से स्वस्थ करने की एक कला है। उनके क्लिनिक में मरीजों के साथ सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार और सटीक निदान को प्राथमिकता दी जाती है। उनकी सफलता की कहानियां आज उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों में भी मशहूर हैं।
"मानवता की सेवा ही जीवन का एकमात्र लक्ष्य है। होम्योपैथी के माध्यम से हम जटिल से जटिल रोगों को जड़ से मिटाने का प्रयास कर रहे हैं।" — डॉ. प्रिंस कुमार मिश्रा
Website : https://www.drmishrahomeotaj.com/
Youtube :
