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प्रेमानंद महाराज के जीवन मंत्र: राधा नाम जप से धैर्य, भक्ति और आंतरिक शांति का मार्ग
जीवन के मंत्र
वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज ने बताया— निरंतर ‘राधा राधा’ नाम स्मरण, निस्वार्थ समर्पण और पवित्र आचरण से कैसे जीवन की विपत्तियों पर पाया जा सकता है विजय
आध्यात्मिक जगत में अपनी सादगी और स्पष्ट विचारों के लिए पहचाने जाने वाले संत प्रेमानंद महाराज ने जीवन को संतुलित और शांत बनाने के लिए जिन मूल मंत्रों पर बल दिया है, वे आज के तनावग्रस्त समय में व्यापक जनहित से जुड़े माने जा रहे हैं। महाराज के अनुसार, जीवन की हर समस्या का मूल समाधान “राधा नाम” के निरंतर जप, निस्वार्थ भक्ति और धैर्यपूर्ण आचरण में निहित है।
प्रेमानंद महाराज वृंदावन स्थित अपने प्रवचनों में बार-बार इस बात को दोहराते हैं कि “राधा राधा” केवल एक नाम नहीं, बल्कि चेतना को शुद्ध करने वाला साधन है। उनका कहना है कि नाम जप से मन स्थिर होता है और विपरीत परिस्थितियों में भी व्यक्ति संतुलन नहीं खोता।
1. राधा नाम जप: जीवन का मूल आधार
महाराज के अनुसार, हर समय ‘राधा राधा’ का स्मरण करना सबसे बड़ा मंत्र है। यह न केवल मानसिक अशांति को दूर करता है, बल्कि व्यक्ति को नकारात्मक प्रवृत्तियों से भी मुक्त करता है।
2. पूर्ण शरणागति का भाव
वे कहते हैं कि जीवन को भगवान के प्रति पूर्ण रूप से समर्पित करना ही सच्ची भक्ति है। “यह जीवन केवल श्यामा-श्याम को समर्पित है”—इस भाव से किया गया प्रत्येक कर्म अहंकार को कम करता है।
3. विपत्ति में धैर्य रखने की सीख
प्रेमानंद महाराज मानते हैं कि संकट के समय रोने या शिकायत करने के बजाय नाम जप के साथ धैर्य रखना चाहिए। उनके अनुसार, विपत्तियाँ आत्मशुद्धि का माध्यम बनती हैं।
4. दैनिक कष्ट नाशक मंत्र
संकटों से मुक्ति के लिए वे नियमित रूप से एक वैदिक मंत्र के जाप की सलाह देते हैं, जिसे वे मानसिक और आध्यात्मिक बल का स्रोत बताते हैं।
5. संसार की वास्तविकता पर दृष्टि
महाराज का कहना है कि संसार स्वार्थ पर आधारित है। इसे स्वीकार कर अपेक्षाओं को सीमित करने से मानसिक पीड़ा स्वतः कम हो जाती है।
6. पवित्र आचरण पर ज़ोर
मन, वाणी और कर्म की शुद्धता को वे साधना का अनिवार्य अंग मानते हैं। उनके अनुसार, सात्विक जीवन ही स्थायी शांति देता है।
7. अहंकार त्याग का संदेश
वे स्वयं को भगवान का माध्यम मानकर कार्य करने की शिक्षा देते हैं, जिससे व्यक्ति में विनम्रता और सेवा भाव विकसित होता है।
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