चीन में असहमति पर सख्ती तेज, नागरिक समाज की आवाज़ें दबाने में जुटी शी जिनपिंग सरकार

अंतराष्ट्रीय न्यूज

On

मजदूर संगठनों, छात्रों और मानवाधिकार वकीलों पर बढ़ती कार्रवाई से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता, न्यायिक प्रक्रिया पर उठे सवाल

चीन में नागरिक स्वतंत्रताओं का दायरा लगातार सिमटता जा रहा है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व में सरकार ने असहमति की हर आवाज़ पर शिकंजा कस दिया है। मजदूर अधिकार कार्यकर्ताओं, छात्र समूहों, मानवाधिकार वकीलों और ऑनलाइन टिप्पणी करने वालों के खिलाफ हालिया कार्रवाइयों ने यह संकेत दिया है कि चीनी प्रशासन किसी भी तरह की स्वतंत्र अभिव्यक्ति या संगठित गतिविधि को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि देश में नागरिक समाज अब भय और चुप्पी के माहौल में जीने को मजबूर है।

मानवाधिकार से जुड़े क्षेत्रीय मीडिया और संगठनों की रिपोर्टों के मुताबिक, हाल के महीनों में चीन में दमन की कार्रवाई एक व्यवस्थित स्वरूप ले चुकी है। यह सिर्फ अलग-अलग घटनाएं नहीं हैं, बल्कि ऐसी नीति का हिस्सा हैं, जिसमें असहमति को अपराध की श्रेणी में डाल दिया गया है। अधिकारियों पर आरोप है कि वे अस्पष्ट और व्यापक कानूनों का इस्तेमाल कर आलोचकों को जेल भेज रहे हैं।

हेनान का मामला बना प्रतीक
चीन के हेनान प्रांत में श्रमिक अधिकारों के लिए काम करने वाले शिंग वांगली को तीन साल की सजा दिए जाने का मामला इस दमन का ताजा उदाहरण माना जा रहा है। अदालत ने उनकी सजा को बरकरार रखते हुए उन्हें “झगड़ा भड़काने और उपद्रव करने” जैसे आरोपों में दोषी ठहराया। परिवार और समर्थकों का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद उन्हें लंबे समय तक वकीलों और परिजनों से मिलने की अनुमति नहीं दी गई, जिससे निष्पक्ष न्याय की प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं।

मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, शिंग वांगली इससे पहले भी कई बार हिरासत में लिए जा चुके हैं और कुल मिलाकर एक दशक से अधिक समय जेल में बिता चुके हैं। उनका मामला यह दिखाता है कि कैसे एक ही तरह के आरोपों के तहत कार्यकर्ताओं को बार-बार निशाना बनाया जा रहा है।

छात्रों और वकीलों पर भी दबाव
रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि विश्वविद्यालयों में सक्रिय छात्र समूहों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। श्रमिक आंदोलनों या सामाजिक मुद्दों से जुड़े छात्रों को पूछताछ और अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, मानवाधिकार मामलों की पैरवी करने वाले वकीलों को लाइसेंस रद्द करने, नजरबंदी और पेशेवर प्रतिबंधों जैसी कार्रवाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

अंतरराष्ट्रीय चिंता 
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने चेतावनी दी है कि चीन में न्यायिक पारदर्शिता कमजोर हो रही है और कानून का इस्तेमाल राजनीतिक नियंत्रण के औजार के रूप में किया जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि शी जिनपिंग सरकार सामाजिक स्थिरता और राजनीतिक नियंत्रण को प्राथमिकता दे रही है, भले ही इसके लिए नागरिक स्वतंत्रताओं की कीमत क्यों न चुकानी पड़े।

विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा रुझान जारी रहे तो चीन में स्वतंत्र नागरिक गतिविधियों के लिए जगह और सीमित हो सकती है। अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद बीजिंग का रुख सख्त बना हुआ है, जिससे यह सवाल और गहराता जा रहा है कि क्या आने वाले समय में चीन में असहमति के लिए कोई सुरक्षित मंच बच पाएगा।

----------------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!

खबरें और भी हैं

लोक निर्माण विभाग में डिजिटल बदलाव की शुरुआत, सीएम डॉ. मोहन यादव ने लोकपथ 2.0 और कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क-2026 किया लॉन्च

टाप न्यूज

लोक निर्माण विभाग में डिजिटल बदलाव की शुरुआत, सीएम डॉ. मोहन यादव ने लोकपथ 2.0 और कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क-2026 किया लॉन्च

भोपाल में राज्य स्तरीय कार्यशाला में मुख्यमंत्री ने कहा— अधोसंरचना विकास में इंजीनियरों की भूमिका होगी निर्णायक
मध्य प्रदेश  भोपाल 
लोक निर्माण विभाग में डिजिटल बदलाव की शुरुआत, सीएम डॉ. मोहन यादव ने लोकपथ 2.0 और कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क-2026 किया लॉन्च

बॉक्स ऑफिस पर ‘धुरंधर’ का दबदबा कायम, सारा अर्जुन की नई तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर बढ़ाई चर्चा

36वें दिन भी करोड़ों की कमाई, वहीं फिल्म की लीड एक्ट्रेस इंटरनेट पर बनीं ट्रेंडिंग टॉपिक
बालीवुड 
बॉक्स ऑफिस पर ‘धुरंधर’ का दबदबा कायम, सारा अर्जुन की नई तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर बढ़ाई चर्चा

रामानन्दाचार्य जी का संदेश आज भी प्रासंगिक, कर्म और भक्ति से तय होती है मनुष्य की पहचान: सीएम डॉ. मोहन यादव

स्वामी रामानन्दाचार्य जी की 726वीं जयंती पर मुख्यमंत्री ने वर्चुअल संबोधन में सामाजिक समरसता और रामभक्ति पर दिया जोर
मध्य प्रदेश 
रामानन्दाचार्य जी का संदेश आज भी प्रासंगिक, कर्म और भक्ति से तय होती है मनुष्य की पहचान: सीएम डॉ. मोहन यादव

बॉक्स ऑफिस पर ‘अवतार 3’ की पकड़ बरकरार: प्रभास की ‘द राजा साब’ की रिकॉर्ड ओपनिंग के बावजूद रफ्तार नहीं थमी

22वें दिन भी स्थिर कमाई, भारत में हॉलीवुड फिल्म को नहीं हुआ बड़ा नुकसान
बालीवुड 
बॉक्स ऑफिस पर ‘अवतार 3’ की पकड़ बरकरार: प्रभास की ‘द राजा साब’ की रिकॉर्ड ओपनिंग के बावजूद रफ्तार नहीं थमी

बिजनेस

Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.
Powered By Vedanta Software