नर्सिंग फैकल्टी भर्ती पर हाईकोर्ट की सख्ती, जबलपुर से उठे सवाल; सरकार और चयन मंडल को नोटिस

जबलपुर (म.प्र.)

On

गजट नियमों के उल्लंघन के आरोपों पर हाईकोर्ट ने चार सप्ताह में मांगा जवाब, 67 नर्सिंग अधिकारियों की याचिका पर भर्ती प्रक्रिया न्यायिक निगरानी में

मध्य प्रदेश में नर्सिंग फैकल्टी भर्ती को लेकर जारी विवाद पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। जबलपुर स्थित उच्च न्यायालय ने मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी), स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग और अन्य संबंधित विभागों को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह के भीतर जवाब तलब किया है। यह आदेश नर्सिंग ऑफिसरों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित किया गया।

मामले की सुनवाई एकलपीठ न्यायमूर्ति विशाल धगत के समक्ष हुई। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि नर्सिंग फैकल्टी से जुड़ी विवादित भर्ती प्रक्रिया याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी। इससे यह साफ हो गया है कि चयन मंडल द्वारा जारी भर्ती अधिसूचना पर फिलहाल न्यायिक निगरानी रहेगी।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि ईएसबी भोपाल द्वारा जारी नर्सिंग फैकल्टी भर्ती विज्ञापन वर्ष 2024 की राजपत्र अधिसूचना के प्रावधानों के विपरीत है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि गजट अधिसूचना के अनुसार एसोसिएट प्रोफेसर के पद पूरी तरह पदोन्नति के माध्यम से भरे जाने थे, लेकिन इसके बावजूद चयन मंडल ने 40 पदों को सीधी भर्ती के लिए विज्ञापित कर दिया।

इसी तरह असिस्टेंट प्रोफेसर पदों को लेकर भी नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। गजट में जहां 60 प्रतिशत पद पदोन्नति और 40 प्रतिशत पद सीधी भर्ती से भरने का प्रावधान है, वहीं याचिका के अनुसार सभी पदों को सीधे भर्ती के जरिए भरने का निर्णय लिया गया, जिससे वर्षों से कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों को अवसर से वंचित कर दिया गया।

याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय और अंशुल तिवारी ने अदालत को बताया कि सीबीआई जांच के बाद स्वास्थ्य विभाग में फैकल्टी का गंभीर संकट उत्पन्न हुआ था। उस समय शासन ने इन्हीं अनुभवी नर्सिंग ऑफिसरों को अस्थायी प्रभार देकर असिस्टेंट प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर जैसे पदों पर कार्य कराया। कई अधिकारी वर्षों तक शिक्षण और प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाते रहे, लेकिन न तो उन्हें नियमित किया गया और न ही पदोन्नति दी गई।

याचिका में शामिल 67 नर्सिंग अधिकारियों का कहना है कि उनके पास 10 से 25 वर्षों तक का अनुभव है। लंबे समय तक सेवा देने के बावजूद अब सीधी भर्ती के जरिए नए उम्मीदवारों को मौका देकर उनके अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। उनका तर्क है कि यह न केवल सेवा नियमों का उल्लंघन है, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर भी असंतुलन पैदा कर सकता है।

हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की भर्ती नीति पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब चार सप्ताह में सरकार और चयन मंडल को अपना पक्ष स्पष्ट करना होगा। इसके बाद ही यह तय होगा कि नर्सिंग फैकल्टी भर्ती प्रक्रिया में संशोधन होगा या वर्तमान व्यवस्था जारी रहेगी। फिलहाल, यह मामला प्रदेश के स्वास्थ्य शिक्षा तंत्र के लिए एक अहम कानूनी परीक्षा बन गया है।

------------------------------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!

-----------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए

www.dainikjagranmpcg.com
10 Jan 2026 By Nitin Trivedi

नर्सिंग फैकल्टी भर्ती पर हाईकोर्ट की सख्ती, जबलपुर से उठे सवाल; सरकार और चयन मंडल को नोटिस

जबलपुर (म.प्र.)

मध्य प्रदेश में नर्सिंग फैकल्टी भर्ती को लेकर जारी विवाद पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। जबलपुर स्थित उच्च न्यायालय ने मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी), स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग और अन्य संबंधित विभागों को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह के भीतर जवाब तलब किया है। यह आदेश नर्सिंग ऑफिसरों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित किया गया।

मामले की सुनवाई एकलपीठ न्यायमूर्ति विशाल धगत के समक्ष हुई। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि नर्सिंग फैकल्टी से जुड़ी विवादित भर्ती प्रक्रिया याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी। इससे यह साफ हो गया है कि चयन मंडल द्वारा जारी भर्ती अधिसूचना पर फिलहाल न्यायिक निगरानी रहेगी।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि ईएसबी भोपाल द्वारा जारी नर्सिंग फैकल्टी भर्ती विज्ञापन वर्ष 2024 की राजपत्र अधिसूचना के प्रावधानों के विपरीत है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि गजट अधिसूचना के अनुसार एसोसिएट प्रोफेसर के पद पूरी तरह पदोन्नति के माध्यम से भरे जाने थे, लेकिन इसके बावजूद चयन मंडल ने 40 पदों को सीधी भर्ती के लिए विज्ञापित कर दिया।

इसी तरह असिस्टेंट प्रोफेसर पदों को लेकर भी नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। गजट में जहां 60 प्रतिशत पद पदोन्नति और 40 प्रतिशत पद सीधी भर्ती से भरने का प्रावधान है, वहीं याचिका के अनुसार सभी पदों को सीधे भर्ती के जरिए भरने का निर्णय लिया गया, जिससे वर्षों से कार्यरत नर्सिंग अधिकारियों को अवसर से वंचित कर दिया गया।

याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय और अंशुल तिवारी ने अदालत को बताया कि सीबीआई जांच के बाद स्वास्थ्य विभाग में फैकल्टी का गंभीर संकट उत्पन्न हुआ था। उस समय शासन ने इन्हीं अनुभवी नर्सिंग ऑफिसरों को अस्थायी प्रभार देकर असिस्टेंट प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर जैसे पदों पर कार्य कराया। कई अधिकारी वर्षों तक शिक्षण और प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाते रहे, लेकिन न तो उन्हें नियमित किया गया और न ही पदोन्नति दी गई।

याचिका में शामिल 67 नर्सिंग अधिकारियों का कहना है कि उनके पास 10 से 25 वर्षों तक का अनुभव है। लंबे समय तक सेवा देने के बावजूद अब सीधी भर्ती के जरिए नए उम्मीदवारों को मौका देकर उनके अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। उनका तर्क है कि यह न केवल सेवा नियमों का उल्लंघन है, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर भी असंतुलन पैदा कर सकता है।

हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की भर्ती नीति पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब चार सप्ताह में सरकार और चयन मंडल को अपना पक्ष स्पष्ट करना होगा। इसके बाद ही यह तय होगा कि नर्सिंग फैकल्टी भर्ती प्रक्रिया में संशोधन होगा या वर्तमान व्यवस्था जारी रहेगी। फिलहाल, यह मामला प्रदेश के स्वास्थ्य शिक्षा तंत्र के लिए एक अहम कानूनी परीक्षा बन गया है।

------------------------------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!

https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/%E0%A4%A8%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%97-%E0%A4%AB%E0%A5%88%E0%A4%95%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%80-%E0%A4%AD%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%88%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%96%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A5%80--%E0%A4%9C%E0%A4%AC%E0%A4%B2%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%89%E0%A4%A0%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B2--%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%9A%E0%A4%AF%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%B8/article-42685

खबरें और भी हैं

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

टाप न्यूज

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

मझौली जनपद पंचायत के विभागीय ग्रुप में सामने आया मैसेज, प्रभारी मंत्री के दौरे से पहले सोशल मीडिया पर वायरल...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

प्रयागराज से रीवा लाई जा रही थी 1312 शीशी नशीली कफ सीरप, 19 वर्षीय तस्कर गिरफ्तार, पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए साझा की पुरानी यादें, भारत-न्यूजीलैंड साझेदारी, जनकल्याण और भविष्य के सहयोग पर दिया विशेष...
देश विदेश 
ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

संयुक्त संसदीय समिति का दावा- अधिकांश लोगों ने किया समर्थन, राज्यों से सुझाव लेकर तैयार हो रहा रोडमैप; संवैधानिक संशोधन...
देश विदेश 
2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

बिजनेस

ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप
एप्पल ने अमेरिका की अदालत में दायर याचिका में ओपनएआई, उसके हार्डवेयर सहयोगी और दो पूर्व कर्मचारियों पर गोपनीय तकनीकी...
पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल फिर महंगे, नई कीमतें 11 जुलाई से लागू
शेयर बाजार में शानदार तेजी: सेंसेक्स 828 अंक उछला, निफ्टी 24,200 के पार; बैंकिंग और रियल्टी शेयरों ने भरी उड़ान
BSNL ने लॉन्च किया सैटेलाइट फोन, बिना मोबाइल नेटवर्क भी होगी बातचीत; खरीदने के लिए सरकारी मंजूरी जरूरी
शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 700 अंक चढ़ा; आईटी और मेटल शेयरों में दिखी मजबूत खरीदारी
Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.