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तमिलनाडु के विरुदुनगर में पटाखा फैक्ट्री हुआ बड़ा धमाका, 16 की मौत, कई घायल
नेशनल डेस्क
तमिलनाडु के विरुदुनगर में पटाखा फैक्ट्री धमाका, 16 लोगों की मौत और 6 घायल। हादसे के बाद जांच जारी, सुरक्षा पर उठे सवाल।
तमिलनाडु के विरुदुनगर जिले के कट्टनार पट्टी क्षेत्र में स्थित एक पटाखा निर्माण इकाई में मंगलवार दोपहर अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। यह पटाखा फैक्ट्री धमाका उस समय हुआ जब मजदूर नियमित काम के तहत पटाखों की लड़ियां पिरो रहे थे।
सूत्रों के मुताबिक, विस्फोट इतना तेज था कि पूरी यूनिट में आग फैल गई और कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत दमकल विभाग और पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद राहत कार्य शुरू किया गया।
16 की मौत, कई घायल
अग्निशमन एवं बचाव विभाग के अनुसार इस हादसे में अब तक 16 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 6 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को तत्काल विरुदुनगर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
अधिकारियों का कहना है कि पटाखा फैक्ट्री धमाका इतनी भीषण स्थिति में हुआ कि कई शवों की पहचान करना भी मुश्किल हो रहा है। आशंका जताई जा रही है कि मलबे में अभी और लोग फंसे हो सकते हैं।
जांच और प्रशासनिक कार्रवाई
स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, पटाखा फैक्ट्री का संचालन मुथु मानिकम नामक व्यक्ति द्वारा किया जा रहा था, जो गोविंदनाल्लूर का निवासी बताया जा रहा है। हादसे के बाद यूनिट को सील कर दिया गया है और फॉरेंसिक टीम को जांच के लिए बुलाया गया है।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
देश में पटाखा फैक्ट्री धमाका कोई नई घटना नहीं है। इससे पहले फरवरी 2026 में आंध्र प्रदेश के काकीनाडा जिले में भी ऐसा ही हादसा हुआ था, जिसमें 21 लोगों की मौत हुई थी।
लगातार हो रहे ऐसे हादसे सुरक्षा मानकों और औद्योगिक नियमों पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे उद्योगों में निगरानी की कमी ऐसी घटनाओं को बढ़ावा देती है।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
इस पटाखा फैक्ट्री धमाका ने एक बार फिर देश में औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई और जिम्मेदारों पर कड़ी सजा की मांग की है।
सरकारी स्तर पर ऐसे उद्योगों के लिए सुरक्षा ऑडिट और नियमित निरीक्षण की आवश्यकता पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
आगे क्या?
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि हादसे की विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की प्रक्रिया पर भी विचार किया जा रहा है।
विरुदुनगर में हुआ यह पटाखा फैक्ट्री धमाका एक बार फिर यह सवाल छोड़ गया है कि क्या देश में औद्योगिक सुरक्षा नियमों को और सख्त करने की जरूरत है।
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तमिलनाडु के विरुदुनगर में पटाखा फैक्ट्री हुआ बड़ा धमाका, 16 की मौत, कई घायल
नेशनल डेस्क
तमिलनाडु के विरुदुनगर जिले के कट्टनार पट्टी क्षेत्र में स्थित एक पटाखा निर्माण इकाई में मंगलवार दोपहर अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। यह पटाखा फैक्ट्री धमाका उस समय हुआ जब मजदूर नियमित काम के तहत पटाखों की लड़ियां पिरो रहे थे।
सूत्रों के मुताबिक, विस्फोट इतना तेज था कि पूरी यूनिट में आग फैल गई और कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत दमकल विभाग और पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद राहत कार्य शुरू किया गया।
16 की मौत, कई घायल
अग्निशमन एवं बचाव विभाग के अनुसार इस हादसे में अब तक 16 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 6 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को तत्काल विरुदुनगर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
अधिकारियों का कहना है कि पटाखा फैक्ट्री धमाका इतनी भीषण स्थिति में हुआ कि कई शवों की पहचान करना भी मुश्किल हो रहा है। आशंका जताई जा रही है कि मलबे में अभी और लोग फंसे हो सकते हैं।
जांच और प्रशासनिक कार्रवाई
स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, पटाखा फैक्ट्री का संचालन मुथु मानिकम नामक व्यक्ति द्वारा किया जा रहा था, जो गोविंदनाल्लूर का निवासी बताया जा रहा है। हादसे के बाद यूनिट को सील कर दिया गया है और फॉरेंसिक टीम को जांच के लिए बुलाया गया है।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
देश में पटाखा फैक्ट्री धमाका कोई नई घटना नहीं है। इससे पहले फरवरी 2026 में आंध्र प्रदेश के काकीनाडा जिले में भी ऐसा ही हादसा हुआ था, जिसमें 21 लोगों की मौत हुई थी।
लगातार हो रहे ऐसे हादसे सुरक्षा मानकों और औद्योगिक नियमों पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे उद्योगों में निगरानी की कमी ऐसी घटनाओं को बढ़ावा देती है।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
इस पटाखा फैक्ट्री धमाका ने एक बार फिर देश में औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई और जिम्मेदारों पर कड़ी सजा की मांग की है।
सरकारी स्तर पर ऐसे उद्योगों के लिए सुरक्षा ऑडिट और नियमित निरीक्षण की आवश्यकता पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
आगे क्या?
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि हादसे की विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की प्रक्रिया पर भी विचार किया जा रहा है।
विरुदुनगर में हुआ यह पटाखा फैक्ट्री धमाका एक बार फिर यह सवाल छोड़ गया है कि क्या देश में औद्योगिक सुरक्षा नियमों को और सख्त करने की जरूरत है।
