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Aaj Ka Panchang 20 April 2026: तृतीया तिथि, रोहिणी नक्षत्र और राहुकाल का समय
धर्म डेस्क
आज का पंचांग 20 अप्रैल 2026 में तृतीया तिथि, रोहिणी नक्षत्र, राहुकाल और शुभ मुहूर्त की पूरी जानकारी। जानें आज के धार्मिक और ज्योतिषीय योग।
Aaj Ka Panchang 20 April 2026: 20 अप्रैल 2026 का पंचांग धार्मिक और ज्योतिषीय गतिविधियों के लिहाज से विशेष माना जा रहा है। इस दिन चंद्रमा वृषभ राशि में गोचर कर रहा है, जबकि रोहिणी नक्षत्र का प्रभाव रात्रि तक रहेगा। सूर्य उत्तरायण और वसंत ऋतु का संयोग भी दिन की ऊर्जा को प्रभावित करेगा। पंचांग के अनुसार आज वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि प्रातः 07 बजकर 27 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद चतुर्थी तिथि का आरंभ होगा।
अधिकारियों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह दिन व्रत, पूजा और शुभ कार्यों के लिए महत्वपूर्ण है। वहीं, राहुकाल और अन्य अशुभ समय में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
तिथि और ग्रह स्थिति
पंचांग के अनुसार आज सौभाग्य योग दोपहर 04 बजकर 11 मिनट तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद शोभन योग का आरंभ होगा।
करण में गरज करण प्रातः 07:27 बजे तक रहेगा, इसके बाद वणिज और फिर विष्टि करण का प्रभाव रहेगा।
रोहिणी नक्षत्र रात्रि 02 बजकर 08 मिनट (21 अप्रैल) तक रहेगा, जिसके बाद मृगशिरा नक्षत्र का आरंभ होगा। यह स्थिति रचनात्मकता और स्थिरता को बढ़ाने वाली मानी जाती है।
चंद्रमा पूरे दिन वृषभ राशि में संचार करेगा, जिससे व्यावहारिक निर्णयों और आर्थिक मामलों में स्थिरता की संभावना बढ़ती है।
शुभ-अशुभ समय का विवरण
आज के दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 23 मिनट से 5 बजकर 07 मिनट तक रहेगा, जिसे अत्यंत शुभ माना गया है।
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 54 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक रहेगा, जो किसी भी महत्वपूर्ण कार्य के लिए श्रेष्ठ समय है।
वहीं, राहुकाल सुबह 07:30 से 09:00 बजे तक रहेगा। इस अवधि में किसी भी नए कार्य की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी गई है।
इसके अलावा, यमगंड सुबह 10:30 से 12:00 बजे तक और गुलिक काल दोपहर 01:30 से 03:00 बजे तक प्रभावी रहेगा।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र स्थिति
आज सूर्योदय प्रातः 05:51 बजे और सूर्यास्त सायं 06:50 बजे होगा।
चंद्रोदय सुबह 07:44 बजे और चंद्रास्त रात्रि 10:20 बजे दर्ज किया गया है। यह समय धार्मिक अनुष्ठानों और ध्यान के लिए उपयुक्त माना जाता है।
व्रत और धार्मिक महत्व
आज वैनायक चतुर्थी का व्रत भी मनाया जा रहा है, जिसे भगवान गणेश की कृपा प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव का अभिषेक और सफेद चंदन का अर्पण विशेष फलदायी माना गया है। साथ ही दूध और चावल का दान करने से जीवन में शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।
आज का प्रभाव और महत्व
ज्योतिषीय दृष्टि से रोहिणी नक्षत्र और वृषभ राशि में चंद्रमा का गोचर आर्थिक, पारिवारिक और व्यावहारिक मामलों में संतुलन लाता है। हालांकि राहुकाल और अशुभ समय में सावधानी बरतना आवश्यक है। विशेषज्ञों के अनुसार यह दिन धार्मिक कार्यों और आत्मचिंतन के लिए अनुकूल है।
आज का पंचांग न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह दैनिक जीवन के निर्णयों में भी मार्गदर्शन प्रदान करता है। सही समय और ग्रह स्थिति का पालन कर व्यक्ति अपने कार्यों में सफलता प्राप्त कर सकता है।
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Aaj Ka Panchang 20 April 2026: तृतीया तिथि, रोहिणी नक्षत्र और राहुकाल का समय
धर्म डेस्क
Aaj Ka Panchang 20 April 2026: 20 अप्रैल 2026 का पंचांग धार्मिक और ज्योतिषीय गतिविधियों के लिहाज से विशेष माना जा रहा है। इस दिन चंद्रमा वृषभ राशि में गोचर कर रहा है, जबकि रोहिणी नक्षत्र का प्रभाव रात्रि तक रहेगा। सूर्य उत्तरायण और वसंत ऋतु का संयोग भी दिन की ऊर्जा को प्रभावित करेगा। पंचांग के अनुसार आज वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि प्रातः 07 बजकर 27 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद चतुर्थी तिथि का आरंभ होगा।
अधिकारियों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह दिन व्रत, पूजा और शुभ कार्यों के लिए महत्वपूर्ण है। वहीं, राहुकाल और अन्य अशुभ समय में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
तिथि और ग्रह स्थिति
पंचांग के अनुसार आज सौभाग्य योग दोपहर 04 बजकर 11 मिनट तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद शोभन योग का आरंभ होगा।
करण में गरज करण प्रातः 07:27 बजे तक रहेगा, इसके बाद वणिज और फिर विष्टि करण का प्रभाव रहेगा।
रोहिणी नक्षत्र रात्रि 02 बजकर 08 मिनट (21 अप्रैल) तक रहेगा, जिसके बाद मृगशिरा नक्षत्र का आरंभ होगा। यह स्थिति रचनात्मकता और स्थिरता को बढ़ाने वाली मानी जाती है।
चंद्रमा पूरे दिन वृषभ राशि में संचार करेगा, जिससे व्यावहारिक निर्णयों और आर्थिक मामलों में स्थिरता की संभावना बढ़ती है।
शुभ-अशुभ समय का विवरण
आज के दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 23 मिनट से 5 बजकर 07 मिनट तक रहेगा, जिसे अत्यंत शुभ माना गया है।
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 54 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक रहेगा, जो किसी भी महत्वपूर्ण कार्य के लिए श्रेष्ठ समय है।
वहीं, राहुकाल सुबह 07:30 से 09:00 बजे तक रहेगा। इस अवधि में किसी भी नए कार्य की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी गई है।
इसके अलावा, यमगंड सुबह 10:30 से 12:00 बजे तक और गुलिक काल दोपहर 01:30 से 03:00 बजे तक प्रभावी रहेगा।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र स्थिति
आज सूर्योदय प्रातः 05:51 बजे और सूर्यास्त सायं 06:50 बजे होगा।
चंद्रोदय सुबह 07:44 बजे और चंद्रास्त रात्रि 10:20 बजे दर्ज किया गया है। यह समय धार्मिक अनुष्ठानों और ध्यान के लिए उपयुक्त माना जाता है।
व्रत और धार्मिक महत्व
आज वैनायक चतुर्थी का व्रत भी मनाया जा रहा है, जिसे भगवान गणेश की कृपा प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव का अभिषेक और सफेद चंदन का अर्पण विशेष फलदायी माना गया है। साथ ही दूध और चावल का दान करने से जीवन में शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।
आज का प्रभाव और महत्व
ज्योतिषीय दृष्टि से रोहिणी नक्षत्र और वृषभ राशि में चंद्रमा का गोचर आर्थिक, पारिवारिक और व्यावहारिक मामलों में संतुलन लाता है। हालांकि राहुकाल और अशुभ समय में सावधानी बरतना आवश्यक है। विशेषज्ञों के अनुसार यह दिन धार्मिक कार्यों और आत्मचिंतन के लिए अनुकूल है।
आज का पंचांग न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह दैनिक जीवन के निर्णयों में भी मार्गदर्शन प्रदान करता है। सही समय और ग्रह स्थिति का पालन कर व्यक्ति अपने कार्यों में सफलता प्राप्त कर सकता है।
