- Hindi News
- बिजनेस
- आईटी सेक्टर में तेजी से हो रही छंटनी, 3 महीने में 73 हजार नौकरियां खत्म, Meta-Snap कंपनियां भी तैयार...
आईटी सेक्टर में तेजी से हो रही छंटनी, 3 महीने में 73 हजार नौकरियां खत्म, Meta-Snap कंपनियां भी तैयारी में
बिजनेस डेस्क
आईटी सेक्टर छंटनी तेज, 2026 की पहली तिमाही में 73 हजार नौकरियां गईं। Meta, Snap और Oracle समेत कई कंपनियों ने कटौती बढ़ाई।
टेक उद्योग में साल 2026 की शुरुआत कर्मचारियों के लिए झटका लेकर आई है। महज तीन महीनों में आईटी सेक्टर में 73 हजार से ज्यादा नौकरियां खत्म हो चुकी हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, जनवरी से मार्च के बीच करीब 95 कंपनियों ने बड़े पैमाने पर वर्कफोर्स घटाया है। इस सूची में Snap Inc., Meta Platforms, The Walt Disney Company और Oracle Corporation जैसे बड़े नाम शामिल हैं। कंपनियां लागत कम करने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर फोकस बढ़ाने के लिए लगातार छंटनी कर रही हैं।
आईटी सेक्टर छंटनी का यह दौर वैश्विक स्तर पर दिख रहा है, लेकिन इसका असर भारत सहित कई देशों पर साफ दिखाई दे रहा है। खासकर मल्टीनेशनल कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण बनती जा रही है।
छंटनी की रफ्तार तेज
Snap Inc. ने अपने करीब 16% वर्कफोर्स को घटाने की योजना बनाई है, जिससे लगभग 1,000 कर्मचारियों पर असर पड़ेगा। कंपनी का लक्ष्य सालाना लागत में बड़ी कटौती करना है।
वहीं Meta Platforms ने कैलिफोर्निया ऑफिस से लगभग 198 पद खत्म किए हैं। इससे पहले भी कंपनी हजारों कर्मचारियों को निकाल चुकी है।
The Walt Disney Company में भी संगठनात्मक बदलाव के तहत करीब 1,000 कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी है।
सबसे बड़ी संभावित कटौती Oracle Corporation में देखने को मिल सकती है, जहां 20 से 30 हजार कर्मचारियों को निकालने की चर्चा है।
भारत पर असर
सूत्रों के मुताबिक, Oracle Corporation की संभावित छंटनी का बड़ा असर भारत में देखने को मिल सकता है। अनुमान है कि करीब 12,000 कर्मचारी प्रभावित हो सकते हैं।
इनमें क्लाउड, हेल्थकेयर और सेल्स डिवीजन के कर्मचारी शामिल हैं। हालांकि कंपनियां प्रभावित कर्मचारियों को सेवरेंस पैकेज और इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं देने की बात कह रही हैं।
आईटी सेक्टर में इस छंटनी की पृष्ठभूमि कोरोना काल से जुड़ी बताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, महामारी के दौरान कंपनियों ने जरूरत से ज्यादा भर्ती कर ली थी। अब मांग में गिरावट और लागत दबाव के चलते कंपनियां वर्कफोर्स कम कर रही हैं।
इसके अलावा AI टेक्नोलॉजी का बढ़ता उपयोग भी एक बड़ा कारण माना जा रहा है। कंपनियां अब ऑटोमेशन और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश कर रही हैं, जिससे कई पारंपरिक नौकरियों की जरूरत घट रही है।
अधिकारियों के अनुसार, यह बदलाव केवल लागत कटौती तक सीमित नहीं है, बल्कि कंपनियां अपने बिजनेस मॉडल को भविष्य के अनुरूप ढाल रही हैं। तकनीकी बदलावों के चलते स्किल सेट में भी तेजी से बदलाव आ रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले महीनों में आईटी सेक्टर छंटनी का यह दौर जारी रह सकता है। खासकर एआई और ऑटोमेशन के बढ़ते प्रभाव के चलते कई नई भूमिकाएं बनेंगी, जबकि पारंपरिक नौकरियां कम हो सकती हैं।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
आईटी सेक्टर में तेजी से हो रही छंटनी, 3 महीने में 73 हजार नौकरियां खत्म, Meta-Snap कंपनियां भी तैयारी में
बिजनेस डेस्क
टेक उद्योग में साल 2026 की शुरुआत कर्मचारियों के लिए झटका लेकर आई है। महज तीन महीनों में आईटी सेक्टर में 73 हजार से ज्यादा नौकरियां खत्म हो चुकी हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, जनवरी से मार्च के बीच करीब 95 कंपनियों ने बड़े पैमाने पर वर्कफोर्स घटाया है। इस सूची में Snap Inc., Meta Platforms, The Walt Disney Company और Oracle Corporation जैसे बड़े नाम शामिल हैं। कंपनियां लागत कम करने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर फोकस बढ़ाने के लिए लगातार छंटनी कर रही हैं।
आईटी सेक्टर छंटनी का यह दौर वैश्विक स्तर पर दिख रहा है, लेकिन इसका असर भारत सहित कई देशों पर साफ दिखाई दे रहा है। खासकर मल्टीनेशनल कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण बनती जा रही है।
छंटनी की रफ्तार तेज
Snap Inc. ने अपने करीब 16% वर्कफोर्स को घटाने की योजना बनाई है, जिससे लगभग 1,000 कर्मचारियों पर असर पड़ेगा। कंपनी का लक्ष्य सालाना लागत में बड़ी कटौती करना है।
वहीं Meta Platforms ने कैलिफोर्निया ऑफिस से लगभग 198 पद खत्म किए हैं। इससे पहले भी कंपनी हजारों कर्मचारियों को निकाल चुकी है।
The Walt Disney Company में भी संगठनात्मक बदलाव के तहत करीब 1,000 कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी है।
सबसे बड़ी संभावित कटौती Oracle Corporation में देखने को मिल सकती है, जहां 20 से 30 हजार कर्मचारियों को निकालने की चर्चा है।
भारत पर असर
सूत्रों के मुताबिक, Oracle Corporation की संभावित छंटनी का बड़ा असर भारत में देखने को मिल सकता है। अनुमान है कि करीब 12,000 कर्मचारी प्रभावित हो सकते हैं।
इनमें क्लाउड, हेल्थकेयर और सेल्स डिवीजन के कर्मचारी शामिल हैं। हालांकि कंपनियां प्रभावित कर्मचारियों को सेवरेंस पैकेज और इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं देने की बात कह रही हैं।
आईटी सेक्टर में इस छंटनी की पृष्ठभूमि कोरोना काल से जुड़ी बताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, महामारी के दौरान कंपनियों ने जरूरत से ज्यादा भर्ती कर ली थी। अब मांग में गिरावट और लागत दबाव के चलते कंपनियां वर्कफोर्स कम कर रही हैं।
इसके अलावा AI टेक्नोलॉजी का बढ़ता उपयोग भी एक बड़ा कारण माना जा रहा है। कंपनियां अब ऑटोमेशन और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश कर रही हैं, जिससे कई पारंपरिक नौकरियों की जरूरत घट रही है।
अधिकारियों के अनुसार, यह बदलाव केवल लागत कटौती तक सीमित नहीं है, बल्कि कंपनियां अपने बिजनेस मॉडल को भविष्य के अनुरूप ढाल रही हैं। तकनीकी बदलावों के चलते स्किल सेट में भी तेजी से बदलाव आ रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले महीनों में आईटी सेक्टर छंटनी का यह दौर जारी रह सकता है। खासकर एआई और ऑटोमेशन के बढ़ते प्रभाव के चलते कई नई भूमिकाएं बनेंगी, जबकि पारंपरिक नौकरियां कम हो सकती हैं।
