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MP Weather Update: नौगांव में पारा 44°C पार, जबलपुर में टूटा 3 साल का रिकॉर्ड, कई जिलों में लू अलर्ट
भोपाल (म.प्र.)
एमपी मौसम अपडेट में नौगांव 44.3°C, जबलपुर में रिकॉर्ड गर्मी। कई जिलों में लू का अलर्ट, कुछ जगह बारिश से राहत के संकेत।
MP Weather Update: मध्य प्रदेश में मौसम का दोहरा रूप सामने आया है, जहां एक ओर भीषण गर्मी ने कई शहरों में रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ इलाकों में बादल और हल्की बारिश से राहत के संकेत मिले हैं। जबलपुर में रविवार को अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो अप्रैल में पिछले तीन वर्षों का सबसे ऊंचा स्तर है। छतरपुर के नौगांव में पारा 44.3 डिग्री तक पहुंच गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे अधिक तापमान है। भोपाल, रायसेन और बैतूल में सोमवार सुबह बादल छाए रहे, जबकि रतलाम और खरगोन में देर रात बूंदाबांदी दर्ज की गई। मौसम विभाग ने आठ जिलों में लू का अलर्ट जारी किया है, जिससे अगले दो दिनों तक गर्मी का असर और तेज रहने की आशंका है।
रविवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार रहा। मंडला में 43.9 डिग्री, खजुराहो में 43.4 डिग्री और दतिया, सतना, उमरिया में 43.1 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। बड़े शहरों में जबलपुर सबसे गर्म रहा, जबकि ग्वालियर, भोपाल और उज्जैन में भी पारा 41 डिग्री से ऊपर रहा।
सोमवार को भी निवाड़ी, टीकमगढ़, पन्ना, कटनी, उमरिया, जबलपुर, मंडला और छतरपुर में हीट वेव की चेतावनी जारी की गई है। अधिकारियों के अनुसार, इन इलाकों में तापमान 44 डिग्री के पार जा सकता है।
बदलता मौसम मिजाज
प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल और बूंदाबांदी से हल्का बदलाव दिखा है। रायसेन में रात के समय हल्की बारिश हुई, जबकि रतलाम और खरगोन में बिजली चमकने के साथ बूंदाबांदी दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, पूर्वी हिस्से में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ के कारण यह बदलाव देखने को मिल रहा है।
इस साल फरवरी और मार्च में प्रदेश में कई बार मौसम बदला। चार-चार बार बारिश, आंधी और ओलावृष्टि ने फसलों को नुकसान पहुंचाया। मार्च के दूसरे पखवाड़े में बारिश का लंबा दौर चला, जिससे 45 से अधिक जिलों में असर पड़ा।
अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में आमतौर पर तापमान तेजी से बढ़ता है। पिछले वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में इस दौरान तापमान 43 से 45 डिग्री तक पहुंच चुका है।
आधिकारिक बयान
मौसम केंद्र के अनुसार, “प्रदेश में अगले दो दिनों तक गर्मी का असर बना रहेगा। 23 अप्रैल के आसपास पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, लेकिन इसका प्रभाव सीमित रहेगा।” अधिकारियों ने लोगों को सतर्क रहने और हीट वेव से बचाव के निर्देश दिए हैं।
जनजीवन पर असर
तेज गर्मी के चलते दिन के समय सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है। लोग केवल जरूरी काम के लिए ही घर से बाहर निकल रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में लू के कारण पशुधन और फसलों पर भी असर पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ते तापमान से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ सकते हैं, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए।
आगे क्या
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटे प्रदेश के लिए चुनौतीपूर्ण रहेंगे। तापमान ऊंचा बना रहेगा, हालांकि कुछ क्षेत्रों में आंशिक बादल छाने से हल्की राहत मिल सकती है। एमपी मौसम अपडेट के अनुसार, अप्रैल के अंतिम सप्ताह में भी गर्मी का असर जारी रहने की संभावना है, जिससे प्रदेश में लू की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
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भोपाल (म.प्र.)
MP Weather Update: मध्य प्रदेश में मौसम का दोहरा रूप सामने आया है, जहां एक ओर भीषण गर्मी ने कई शहरों में रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ इलाकों में बादल और हल्की बारिश से राहत के संकेत मिले हैं। जबलपुर में रविवार को अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो अप्रैल में पिछले तीन वर्षों का सबसे ऊंचा स्तर है। छतरपुर के नौगांव में पारा 44.3 डिग्री तक पहुंच गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे अधिक तापमान है। भोपाल, रायसेन और बैतूल में सोमवार सुबह बादल छाए रहे, जबकि रतलाम और खरगोन में देर रात बूंदाबांदी दर्ज की गई। मौसम विभाग ने आठ जिलों में लू का अलर्ट जारी किया है, जिससे अगले दो दिनों तक गर्मी का असर और तेज रहने की आशंका है।
रविवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार रहा। मंडला में 43.9 डिग्री, खजुराहो में 43.4 डिग्री और दतिया, सतना, उमरिया में 43.1 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। बड़े शहरों में जबलपुर सबसे गर्म रहा, जबकि ग्वालियर, भोपाल और उज्जैन में भी पारा 41 डिग्री से ऊपर रहा।
सोमवार को भी निवाड़ी, टीकमगढ़, पन्ना, कटनी, उमरिया, जबलपुर, मंडला और छतरपुर में हीट वेव की चेतावनी जारी की गई है। अधिकारियों के अनुसार, इन इलाकों में तापमान 44 डिग्री के पार जा सकता है।
बदलता मौसम मिजाज
प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल और बूंदाबांदी से हल्का बदलाव दिखा है। रायसेन में रात के समय हल्की बारिश हुई, जबकि रतलाम और खरगोन में बिजली चमकने के साथ बूंदाबांदी दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, पूर्वी हिस्से में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ के कारण यह बदलाव देखने को मिल रहा है।
इस साल फरवरी और मार्च में प्रदेश में कई बार मौसम बदला। चार-चार बार बारिश, आंधी और ओलावृष्टि ने फसलों को नुकसान पहुंचाया। मार्च के दूसरे पखवाड़े में बारिश का लंबा दौर चला, जिससे 45 से अधिक जिलों में असर पड़ा।
अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में आमतौर पर तापमान तेजी से बढ़ता है। पिछले वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में इस दौरान तापमान 43 से 45 डिग्री तक पहुंच चुका है।
आधिकारिक बयान
मौसम केंद्र के अनुसार, “प्रदेश में अगले दो दिनों तक गर्मी का असर बना रहेगा। 23 अप्रैल के आसपास पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, लेकिन इसका प्रभाव सीमित रहेगा।” अधिकारियों ने लोगों को सतर्क रहने और हीट वेव से बचाव के निर्देश दिए हैं।
जनजीवन पर असर
तेज गर्मी के चलते दिन के समय सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है। लोग केवल जरूरी काम के लिए ही घर से बाहर निकल रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में लू के कारण पशुधन और फसलों पर भी असर पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ते तापमान से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ सकते हैं, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए।
आगे क्या
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटे प्रदेश के लिए चुनौतीपूर्ण रहेंगे। तापमान ऊंचा बना रहेगा, हालांकि कुछ क्षेत्रों में आंशिक बादल छाने से हल्की राहत मिल सकती है। एमपी मौसम अपडेट के अनुसार, अप्रैल के अंतिम सप्ताह में भी गर्मी का असर जारी रहने की संभावना है, जिससे प्रदेश में लू की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
