भारत ने सिंधु जल आर्बिट्रेशन में भाग नहीं लेने का किया ऐलान

अंतराष्ट्रीय न्यूज

On

कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन को अवैध मानते हुए भारत ने दस्तावेज़ पेश करने से इनकार किया; विवाद को तकनीकी विशेषज्ञ सुलझाएं

नई दिल्ली: भारत ने सिंधु जल संधि (IWT) के तहत गठित कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन (CoA) की वैधता को अस्वीकार कर दिया है और अदालत की किसी भी प्रक्रिया में शामिल नहीं होने का ऐलान किया है। सरकार ने कहा कि जब सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया गया है, तो इसके तहत गठित किसी भी संस्था को जवाब देने की बाध्यता नहीं है।

कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन ने 2-3 फरवरी 2026 को नीदरलैंड्स के पीस पैलेस में सुनवाई तय की थी और भारत से बगलिहार और किशनगंगा हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स के ऑपरेशनल रिकॉर्ड (पोंडेज लॉगबुक) पेश करने का आदेश दिया था। भारत ने इन आदेशों का पालन करने से इनकार किया है।

पाकिस्तान अकेले पेश करेगा दलीलें
24 जनवरी 2026 के आदेश में कोर्ट ने कहा था कि यदि भारत सुनवाई में उपस्थित नहीं रहेगा, तो पाकिस्तान अकेले ही अपनी दलीलें पेश करेगा। 29 जनवरी को कोर्ट ने भारत से संबंधित दस्तावेज़ मांगे थे और चेतावनी दी थी कि यदि जरूरी दस्तावेज़ नहीं दिए गए, तो इसे जानबूझकर छिपाए जाने के रूप में माना जा सकता है और इसके आधार पर फैसला पाकिस्तान के पक्ष में जा सकता है।

भारत का तर्क
भारत का कहना है कि वर्तमान विवाद तकनीकी प्रकृति का है और इसे न्यूट्रल एक्सपर्ट के जरिए सुलझाया जाना चाहिए। सिंधु जल संधि के तहत तकनीकी विवादों को निष्पक्ष विशेषज्ञ (Neutral Expert) के समक्ष रखा जाता है। न्यूट्रल एक्सपर्ट कोर्ट नहीं होते बल्कि स्वतंत्र तकनीकी विशेषज्ञ होते हैं जो डैम की ऊंचाई, पानी जमा करने की क्षमता, गेट डिजाइन और पानी के बहाव की गणना जैसी तकनीकी जाँच करते हैं।

भारत ने 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद संधि को स्थगित कर दिया था। सिंधु नदी प्रणाली में कुल छह नदियाँ शामिल हैं—सिंधु, झेलम, चिनाब, रावी, ब्यास और सतलुज। इस प्रणाली का 11.2 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र प्रभावित है, जिसमें पाकिस्तान का 47%, भारत का 39%, चीन का 8% और अफगानिस्तान का 6% हिस्सा है।

इतिहास
1947 में भारत-पाकिस्तान विभाजन से पहले ही पंजाब और सिंध प्रांत के बीच नदियों के पानी को लेकर विवाद था। 19 सितंबर 1960 को भारत-पाकिस्तान ने कराची में इंडस वाटर ट्रीटी (IWT) पर हस्ताक्षर किए थे।

पाकिस्तान पर प्रभाव
सिंधु जल संधि स्थगित होने से पाकिस्तान में खेती और बिजली उत्पादन प्रभावित हो सकता है। पाकिस्तान में सिंधु नदी प्रणाली से सिंचाई होने वाली जमीन का लगभग 90% क्षेत्र प्रभावित है। एग्रीकल्चर सेक्टर की राष्ट्रीय आय में हिस्सेदारी 23% है और 68% ग्रामीण लोग इस पर निर्भर हैं। रिपोर्ट के मुताबिक बिजली उत्पादन में सालाना 30% से 50% तक की कमी आ सकती है।

भारत की यह कार्रवाई यह संकेत देती है कि देश तकनीकी समाधान पर जोर दे रहा है और कोर्ट के आदेशों को वैध नहीं मानता। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिंधु जल विवाद का नया मोड़ सामने आ गया है।

---------------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!

 
 
 

-----------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए

www.dainikjagranmpcg.com
03 Feb 2026 By Nitin Trivedi

भारत ने सिंधु जल आर्बिट्रेशन में भाग नहीं लेने का किया ऐलान

अंतराष्ट्रीय न्यूज

नई दिल्ली: भारत ने सिंधु जल संधि (IWT) के तहत गठित कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन (CoA) की वैधता को अस्वीकार कर दिया है और अदालत की किसी भी प्रक्रिया में शामिल नहीं होने का ऐलान किया है। सरकार ने कहा कि जब सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया गया है, तो इसके तहत गठित किसी भी संस्था को जवाब देने की बाध्यता नहीं है।

कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन ने 2-3 फरवरी 2026 को नीदरलैंड्स के पीस पैलेस में सुनवाई तय की थी और भारत से बगलिहार और किशनगंगा हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स के ऑपरेशनल रिकॉर्ड (पोंडेज लॉगबुक) पेश करने का आदेश दिया था। भारत ने इन आदेशों का पालन करने से इनकार किया है।

पाकिस्तान अकेले पेश करेगा दलीलें
24 जनवरी 2026 के आदेश में कोर्ट ने कहा था कि यदि भारत सुनवाई में उपस्थित नहीं रहेगा, तो पाकिस्तान अकेले ही अपनी दलीलें पेश करेगा। 29 जनवरी को कोर्ट ने भारत से संबंधित दस्तावेज़ मांगे थे और चेतावनी दी थी कि यदि जरूरी दस्तावेज़ नहीं दिए गए, तो इसे जानबूझकर छिपाए जाने के रूप में माना जा सकता है और इसके आधार पर फैसला पाकिस्तान के पक्ष में जा सकता है।

भारत का तर्क
भारत का कहना है कि वर्तमान विवाद तकनीकी प्रकृति का है और इसे न्यूट्रल एक्सपर्ट के जरिए सुलझाया जाना चाहिए। सिंधु जल संधि के तहत तकनीकी विवादों को निष्पक्ष विशेषज्ञ (Neutral Expert) के समक्ष रखा जाता है। न्यूट्रल एक्सपर्ट कोर्ट नहीं होते बल्कि स्वतंत्र तकनीकी विशेषज्ञ होते हैं जो डैम की ऊंचाई, पानी जमा करने की क्षमता, गेट डिजाइन और पानी के बहाव की गणना जैसी तकनीकी जाँच करते हैं।

भारत ने 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद संधि को स्थगित कर दिया था। सिंधु नदी प्रणाली में कुल छह नदियाँ शामिल हैं—सिंधु, झेलम, चिनाब, रावी, ब्यास और सतलुज। इस प्रणाली का 11.2 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र प्रभावित है, जिसमें पाकिस्तान का 47%, भारत का 39%, चीन का 8% और अफगानिस्तान का 6% हिस्सा है।

इतिहास
1947 में भारत-पाकिस्तान विभाजन से पहले ही पंजाब और सिंध प्रांत के बीच नदियों के पानी को लेकर विवाद था। 19 सितंबर 1960 को भारत-पाकिस्तान ने कराची में इंडस वाटर ट्रीटी (IWT) पर हस्ताक्षर किए थे।

पाकिस्तान पर प्रभाव
सिंधु जल संधि स्थगित होने से पाकिस्तान में खेती और बिजली उत्पादन प्रभावित हो सकता है। पाकिस्तान में सिंधु नदी प्रणाली से सिंचाई होने वाली जमीन का लगभग 90% क्षेत्र प्रभावित है। एग्रीकल्चर सेक्टर की राष्ट्रीय आय में हिस्सेदारी 23% है और 68% ग्रामीण लोग इस पर निर्भर हैं। रिपोर्ट के मुताबिक बिजली उत्पादन में सालाना 30% से 50% तक की कमी आ सकती है।

भारत की यह कार्रवाई यह संकेत देती है कि देश तकनीकी समाधान पर जोर दे रहा है और कोर्ट के आदेशों को वैध नहीं मानता। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिंधु जल विवाद का नया मोड़ सामने आ गया है।

---------------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!

 
 
 
https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/india-announced-not-to-participate-in-indus-water-arbitration/article-45134

खबरें और भी हैं

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

टाप न्यूज

सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

मझौली जनपद पंचायत के विभागीय ग्रुप में सामने आया मैसेज, प्रभारी मंत्री के दौरे से पहले सोशल मीडिया पर वायरल...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
सीधी में वायरल व्हाट्सएप चैट से मचा बवाल, 3 हजार रुपए की मांग पर गरमाई सियासत

रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

प्रयागराज से रीवा लाई जा रही थी 1312 शीशी नशीली कफ सीरप, 19 वर्षीय तस्कर गिरफ्तार, पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस...
मध्य प्रदेश  विंध्य/रीवा 
रीवा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोहागी पहाड़ पर घेराबंदी कर पकड़ी अवैध नशीली कफ सीरप की खेप, होंडा सिटी कार सहित लाखों का माल जब्त

ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए साझा की पुरानी यादें, भारत-न्यूजीलैंड साझेदारी, जनकल्याण और भविष्य के सहयोग पर दिया विशेष...
देश विदेश 
ऑकलैंड में भावुक हुए पीएम मोदी, बोले- 25 साल पुराना मफलर आज भी संभालकर रखा है

2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

संयुक्त संसदीय समिति का दावा- अधिकांश लोगों ने किया समर्थन, राज्यों से सुझाव लेकर तैयार हो रहा रोडमैप; संवैधानिक संशोधन...
देश विदेश 
2029 तक ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू करने की तैयारी तेज, जेपीसी अंतिम रिपोर्ट सौंपने की दिशा में आगे

बिजनेस

ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप ओपनएआई पर एप्पल का बड़ा मुकदमा, ट्रेड सीक्रेट चोरी का लगाया आरोप
एप्पल ने अमेरिका की अदालत में दायर याचिका में ओपनएआई, उसके हार्डवेयर सहयोगी और दो पूर्व कर्मचारियों पर गोपनीय तकनीकी...
पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल फिर महंगे, नई कीमतें 11 जुलाई से लागू
शेयर बाजार में शानदार तेजी: सेंसेक्स 828 अंक उछला, निफ्टी 24,200 के पार; बैंकिंग और रियल्टी शेयरों ने भरी उड़ान
BSNL ने लॉन्च किया सैटेलाइट फोन, बिना मोबाइल नेटवर्क भी होगी बातचीत; खरीदने के लिए सरकारी मंजूरी जरूरी
शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 700 अंक चढ़ा; आईटी और मेटल शेयरों में दिखी मजबूत खरीदारी
Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.