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दैनिक पंचांग 03 जुलाई 2026: आज आषाढ़ कृष्ण तृतीया तिथि और श्रवण नक्षत्र का अद्भुत संयोग, जानें राहुकाल और शुभ मुहूर्त का समय
राशिफल
विक्रम संवत 2083 में शुक्रवार के दिन बन रहा है विष्कंभ योग, नया काम शुरू करने से पहले जरूर देख लें आज के शुभ-अशुभ चौघड़िए।
सनातन धर्म और हिंदू संस्कृति में पंचांग का विशेष महत्व है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, मुंडन, विवाह या नए व्यापार की शुरुआत से पहले दैनिक पंचांग देखना अत्यंत आवश्यक माना जाता है। पंचांग मुख्य रूप से पांच तत्वों से मिलकर बना है, जिनमें तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण शामिल हैं। आज 03 जुलाई 2026, दिन शुक्रवार को आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है, जो सुबह 11 बजकर 20 मिनट तक रहेगी और इसके बाद चतुर्थी तिथि का आरंभ हो जाएगा।
धार्मिक दृष्टिकोण से शुक्रवार का दिन धन की देवी माता लक्ष्मी और सुख-समृद्धि के प्रदाता शुक्र देव को समर्पित है। आज के दिन पंचांग के नियमों का पालन करने से जीवन में सुख, शांति और वैभव की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं आज 03 जुलाई 2026 के पंचांग के मुख्य घटक, ग्रहों की स्थिति और शुभ-अशुभ समय का पूरा विवरण।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय का समय
आज के दिन खगोलीय गणना के अनुसार सूर्योदय और सूर्यास्त का समय इस प्रकार रहेगा:
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सूर्योदय: प्रातः 05:28 बजे
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सूर्यास्त: सायं 07:23 बजे
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चंद्रोदय: रात्रि 09:53 बजे (3 जुलाई)
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चन्द्रास्त: प्रातः 08:07 बजे (4 जुलाई)
आज की तिथि, नक्षत्र और योग
आज आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि सुबह 11:20 बजे तक है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, तृतीया तिथि की अधिष्ठात्री देवी माता गौरी (पार्वती) हैं। इस तिथि में मां गौरी की पूजा करने से वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है।
नक्षत्रों की बात करें तो आज श्रवण नक्षत्र सुबह 11:46 बजे तक रहेगा, जिसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र का प्रारंभ होगा। श्रवण नक्षत्र के स्वामी चंद्र देव हैं और इसके देवता भगवान विष्णु हैं, जिसे बेहद शुभ और प्रगतिशील नक्षत्र माना जाता है। आज विष्कंभ योग शाम 05:00 बजे तक रहेगा, जिसके बाद प्रीति योग की शुरुआत होगी। करण की स्थिति देखें तो विष्टि (भद्रा) करण सुबह 11:20 बजे तक रहेगा और इसके बाद बव करण शुरू होगा।
आज की राशि और सौर स्थिति
आज चंद्रमा मकर राशि में गोचर कर रहे हैं (जो 4 जुलाई की रात 12:48 बजे तक इसी राशि में रहेंगे)। मकर राशि के स्वामी न्याय के देवता शनिदेव हैं। वहीं, सूर्य देव इस समय मिथुन राशि में विराजमान हैं। सूर्य का मिथुन राशि में गोचर बौद्धिक कार्यों के लिए उत्तम माना जाता है। आज की दिशा शूल पश्चिम दिशा है, इसलिए आज के दिन पश्चिम दिशा में लंबी यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा बेहद जरूरी हो, तो घर से दही या मीठा खाकर निकलें।
आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
यदि आप आज कोई नया व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, गृह प्रवेश की योजना बना रहे हैं या कोई कीमती वस्तु खरीदना चाहते हैं, तो आपको निम्नलिखित शुभ मुहूर्तों का ध्यान रखना चाहिए:
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अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:57 बजे से दोपहर 12:53 बजे तक। (यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है, इसमें किए गए कार्य सफल होते हैं)।
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ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:07 बजे से प्रातः 04:47 बजे तक। (आध्यात्मिक साधना और योग के लिए सर्वोत्तम)।
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गोधूलि मुहूर्त: सायं 07:22 बजे से सायं 07:42 बजे तक।
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अमृत काल: मध्यरात्रि के बाद 02:29 बजे से 04:12 बजे तक (4 जुलाई की सुबह)।
आज के अशुभ मुहूर्त और राहुकाल (Inauspicious Timings)
हिंदू पंचांग के अनुसार, दिन में कुछ समय ऐसा भी होता है जिसमें किसी भी प्रकार का मांगलिक या शुभ कार्य करने की मनाही होती है। राहुकाल के दौरान शुरू किया गया कार्य बाधाओं से घिर सकता है:
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राहुकाल: सुबह 10:41 बजे से दोपहर 12:25 बजे तक। (इस समय में नया निवेश या शुभ कार्य न करें)।
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यमगण्ड: दोपहर 03:54 बजे से सायं 05:39 बजे तक।
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गुलिका काल: प्रातः 07:12 बजे से सुबह 08:56 बजे तक।
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दुर्मुहूर्त: सुबह 08:15 बजे से 09:10 बजे तक और दोपहर 12:53 बजे से 01:49 बजे तक।
आज का दिन विशेष
3 जुलाई 2026 को शुक्रवार होने के कारण माता लक्ष्मी की विशेष पूजा-अर्चना का विधान है। सुबह 11:20 बजे तक भद्रा (विष्टि करण) होने के कारण बड़े मांगलिक कार्यों की शुरुआत दोपहर के बाद करना अधिक श्रेयस्कर रहेगा। श्रवण नक्षत्र होने के कारण आज भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को खीर का भोग लगाना अत्यंत शुभ फलदायी सिद्ध होगा।
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दैनिक पंचांग 03 जुलाई 2026: आज आषाढ़ कृष्ण तृतीया तिथि और श्रवण नक्षत्र का अद्भुत संयोग, जानें राहुकाल और शुभ मुहूर्त का समय
राशिफल
सनातन धर्म और हिंदू संस्कृति में पंचांग का विशेष महत्व है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, मुंडन, विवाह या नए व्यापार की शुरुआत से पहले दैनिक पंचांग देखना अत्यंत आवश्यक माना जाता है। पंचांग मुख्य रूप से पांच तत्वों से मिलकर बना है, जिनमें तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण शामिल हैं। आज 03 जुलाई 2026, दिन शुक्रवार को आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है, जो सुबह 11 बजकर 20 मिनट तक रहेगी और इसके बाद चतुर्थी तिथि का आरंभ हो जाएगा।
धार्मिक दृष्टिकोण से शुक्रवार का दिन धन की देवी माता लक्ष्मी और सुख-समृद्धि के प्रदाता शुक्र देव को समर्पित है। आज के दिन पंचांग के नियमों का पालन करने से जीवन में सुख, शांति और वैभव की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं आज 03 जुलाई 2026 के पंचांग के मुख्य घटक, ग्रहों की स्थिति और शुभ-अशुभ समय का पूरा विवरण।
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय का समय
आज के दिन खगोलीय गणना के अनुसार सूर्योदय और सूर्यास्त का समय इस प्रकार रहेगा:
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सूर्योदय: प्रातः 05:28 बजे
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सूर्यास्त: सायं 07:23 बजे
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चंद्रोदय: रात्रि 09:53 बजे (3 जुलाई)
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चन्द्रास्त: प्रातः 08:07 बजे (4 जुलाई)
आज की तिथि, नक्षत्र और योग
आज आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि सुबह 11:20 बजे तक है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, तृतीया तिथि की अधिष्ठात्री देवी माता गौरी (पार्वती) हैं। इस तिथि में मां गौरी की पूजा करने से वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है।
नक्षत्रों की बात करें तो आज श्रवण नक्षत्र सुबह 11:46 बजे तक रहेगा, जिसके बाद धनिष्ठा नक्षत्र का प्रारंभ होगा। श्रवण नक्षत्र के स्वामी चंद्र देव हैं और इसके देवता भगवान विष्णु हैं, जिसे बेहद शुभ और प्रगतिशील नक्षत्र माना जाता है। आज विष्कंभ योग शाम 05:00 बजे तक रहेगा, जिसके बाद प्रीति योग की शुरुआत होगी। करण की स्थिति देखें तो विष्टि (भद्रा) करण सुबह 11:20 बजे तक रहेगा और इसके बाद बव करण शुरू होगा।
आज की राशि और सौर स्थिति
आज चंद्रमा मकर राशि में गोचर कर रहे हैं (जो 4 जुलाई की रात 12:48 बजे तक इसी राशि में रहेंगे)। मकर राशि के स्वामी न्याय के देवता शनिदेव हैं। वहीं, सूर्य देव इस समय मिथुन राशि में विराजमान हैं। सूर्य का मिथुन राशि में गोचर बौद्धिक कार्यों के लिए उत्तम माना जाता है। आज की दिशा शूल पश्चिम दिशा है, इसलिए आज के दिन पश्चिम दिशा में लंबी यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा बेहद जरूरी हो, तो घर से दही या मीठा खाकर निकलें।
आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
यदि आप आज कोई नया व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, गृह प्रवेश की योजना बना रहे हैं या कोई कीमती वस्तु खरीदना चाहते हैं, तो आपको निम्नलिखित शुभ मुहूर्तों का ध्यान रखना चाहिए:
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अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:57 बजे से दोपहर 12:53 बजे तक। (यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है, इसमें किए गए कार्य सफल होते हैं)।
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ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:07 बजे से प्रातः 04:47 बजे तक। (आध्यात्मिक साधना और योग के लिए सर्वोत्तम)।
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गोधूलि मुहूर्त: सायं 07:22 बजे से सायं 07:42 बजे तक।
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अमृत काल: मध्यरात्रि के बाद 02:29 बजे से 04:12 बजे तक (4 जुलाई की सुबह)।
आज के अशुभ मुहूर्त और राहुकाल (Inauspicious Timings)
हिंदू पंचांग के अनुसार, दिन में कुछ समय ऐसा भी होता है जिसमें किसी भी प्रकार का मांगलिक या शुभ कार्य करने की मनाही होती है। राहुकाल के दौरान शुरू किया गया कार्य बाधाओं से घिर सकता है:
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राहुकाल: सुबह 10:41 बजे से दोपहर 12:25 बजे तक। (इस समय में नया निवेश या शुभ कार्य न करें)।
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यमगण्ड: दोपहर 03:54 बजे से सायं 05:39 बजे तक।
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गुलिका काल: प्रातः 07:12 बजे से सुबह 08:56 बजे तक।
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दुर्मुहूर्त: सुबह 08:15 बजे से 09:10 बजे तक और दोपहर 12:53 बजे से 01:49 बजे तक।
आज का दिन विशेष
3 जुलाई 2026 को शुक्रवार होने के कारण माता लक्ष्मी की विशेष पूजा-अर्चना का विधान है। सुबह 11:20 बजे तक भद्रा (विष्टि करण) होने के कारण बड़े मांगलिक कार्यों की शुरुआत दोपहर के बाद करना अधिक श्रेयस्कर रहेगा। श्रवण नक्षत्र होने के कारण आज भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को खीर का भोग लगाना अत्यंत शुभ फलदायी सिद्ध होगा।
