जूते-चप्पल रखने की सही जगह नहीं चुनी तो आपसे रूठ सकती हैं मां लक्ष्मी, आज ही बदलें शू रैक की दिशा

धर्म डेस्क

By Rohit.P
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शू रैक रखने की सही दिशा जानें। गलत जगह जूते-चप्पल रखने से घर की ऊर्जा प्रभावित हो सकती है। वास्तु के अनुसार सही उपाय यहां पढ़ें।

घर की सजावट और सामान रखने के तरीके को लेकर लोग अक्सर छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार यही छोटी गलतियां बड़े असर डाल सकती हैं। ऐसी ही एक चीज है शू रैक यानी जूते-चप्पल रखने की जगह और उसकी दिशा। कई घरों में देखा जाता है कि लोग जूते-चप्पल कहीं भी रख देते हैं या फिर बिना सोचे-समझे शू रैक को घर के किसी भी कोने में लगा देते हैं। लेकिन कहा जाता है कि ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है और इसका असर परिवार के माहौल पर भी पड़ता है।

मान्यता है कि जूते-चप्पल को हमेशा व्यवस्थित तरीके से ही रखना चाहिए। अगर इन्हें इधर-उधर बिखेर दिया जाए तो घर की ऊर्जा असंतुलित हो सकती है। यही कारण है कि शू रैक का इस्तेमाल जरूरी माना गया है। लेकिन सिर्फ शू रैक होना ही काफी नहीं है, उसे सही दिशा और सही जगह पर रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण बताया जाता है। कई वास्तु विशेषज्ञों की राय के मुताबिक घर में शू रैक रखने के लिए दक्षिण-पश्चिम दिशा को सबसे बेहतर माना जाता है। कहा जाता है कि इस दिशा में रखा गया शू रैक घर में स्थिरता और संतुलन बनाए रखने में मदद करता है और वातावरण को शांत रखता है।

दक्षिण-पश्चिम दिशा को लेकर यह भी मान्यता है कि यह दिशा भारी वस्तुओं और कम उपयोग होने वाली चीजों के लिए उपयुक्त होती है, इसलिए शू रैक के लिए इसे सही माना गया है। कुछ लोग इसे दक्षिण दिशा में भी रखना उचित समझते हैं। ऐसा कहा जाता है कि इस दिशा में शू रैक रखने से घर में सकारात्मकता बनी रहती है और अनावश्यक तनाव कम होता है। हालांकि यह भी ध्यान रखने की सलाह दी जाती है कि शू रैक खुला और अव्यवस्थित न हो, बल्कि ढका हुआ और साफ-सुथरा होना चाहिए।

घर के मुख्य द्वार को लेकर भी अक्सर लोगों में भ्रम रहता है। कई बार जगह की कमी के कारण लोग शू रैक को सीधे एंट्री गेट के पास रख देते हैं, लेकिन वास्तु के अनुसार इसे सही नहीं माना जाता। कहा जाता है कि मुख्य द्वार पर जूते-चप्पल खुले या बिखरे हुए रखने से घर की तरक्की पर असर पड़ सकता है और मां लक्ष्मी की कृपा बाधित हो सकती है। अगर मजबूरी में शू रैक दरवाजे के पास रखना पड़े, तो उसे हमेशा बंद रखने की सलाह दी जाती है ताकि जूते-चप्पल दिखाई न दें और व्यवस्था बनी रहे। कुछ लोग इसे घर के बाहर की तरफ रखने को भी बेहतर विकल्प मानते हैं।

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06 May 2026 By Rohit.P

जूते-चप्पल रखने की सही जगह नहीं चुनी तो आपसे रूठ सकती हैं मां लक्ष्मी, आज ही बदलें शू रैक की दिशा

धर्म डेस्क

घर की सजावट और सामान रखने के तरीके को लेकर लोग अक्सर छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार यही छोटी गलतियां बड़े असर डाल सकती हैं। ऐसी ही एक चीज है शू रैक यानी जूते-चप्पल रखने की जगह और उसकी दिशा। कई घरों में देखा जाता है कि लोग जूते-चप्पल कहीं भी रख देते हैं या फिर बिना सोचे-समझे शू रैक को घर के किसी भी कोने में लगा देते हैं। लेकिन कहा जाता है कि ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है और इसका असर परिवार के माहौल पर भी पड़ता है।

मान्यता है कि जूते-चप्पल को हमेशा व्यवस्थित तरीके से ही रखना चाहिए। अगर इन्हें इधर-उधर बिखेर दिया जाए तो घर की ऊर्जा असंतुलित हो सकती है। यही कारण है कि शू रैक का इस्तेमाल जरूरी माना गया है। लेकिन सिर्फ शू रैक होना ही काफी नहीं है, उसे सही दिशा और सही जगह पर रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण बताया जाता है। कई वास्तु विशेषज्ञों की राय के मुताबिक घर में शू रैक रखने के लिए दक्षिण-पश्चिम दिशा को सबसे बेहतर माना जाता है। कहा जाता है कि इस दिशा में रखा गया शू रैक घर में स्थिरता और संतुलन बनाए रखने में मदद करता है और वातावरण को शांत रखता है।

दक्षिण-पश्चिम दिशा को लेकर यह भी मान्यता है कि यह दिशा भारी वस्तुओं और कम उपयोग होने वाली चीजों के लिए उपयुक्त होती है, इसलिए शू रैक के लिए इसे सही माना गया है। कुछ लोग इसे दक्षिण दिशा में भी रखना उचित समझते हैं। ऐसा कहा जाता है कि इस दिशा में शू रैक रखने से घर में सकारात्मकता बनी रहती है और अनावश्यक तनाव कम होता है। हालांकि यह भी ध्यान रखने की सलाह दी जाती है कि शू रैक खुला और अव्यवस्थित न हो, बल्कि ढका हुआ और साफ-सुथरा होना चाहिए।

घर के मुख्य द्वार को लेकर भी अक्सर लोगों में भ्रम रहता है। कई बार जगह की कमी के कारण लोग शू रैक को सीधे एंट्री गेट के पास रख देते हैं, लेकिन वास्तु के अनुसार इसे सही नहीं माना जाता। कहा जाता है कि मुख्य द्वार पर जूते-चप्पल खुले या बिखरे हुए रखने से घर की तरक्की पर असर पड़ सकता है और मां लक्ष्मी की कृपा बाधित हो सकती है। अगर मजबूरी में शू रैक दरवाजे के पास रखना पड़े, तो उसे हमेशा बंद रखने की सलाह दी जाती है ताकि जूते-चप्पल दिखाई न दें और व्यवस्था बनी रहे। कुछ लोग इसे घर के बाहर की तरफ रखने को भी बेहतर विकल्प मानते हैं।

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