क्या आपकी हथेली में छुपा है धन और राजयोग का संकेत? जानें हस्तरेखा के खास योग

धर्म डेस्क

On

हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार हथेली की कुछ विशेष रेखाएं और पर्वत धन, प्रतिष्ठा और बड़ी सफलता के संकेत माने जाते हैं

क्या किसी व्यक्ति की हथेली देखकर उसके आर्थिक भविष्य का अंदाजा लगाया जा सकता है? हस्तरेखा शास्त्र में इसे संभव माना गया है। प्राचीन मान्यताओं के अनुसार हथेली पर बनी रेखाएं और उभरे पर्वत व्यक्ति के स्वभाव, कर्म और जीवन की दिशा का संकेत देते हैं। इन्हीं संकेतों के आधार पर धन, पद, प्रतिष्ठा और तथाकथित राजयोग की चर्चा की जाती है। माना जाता है कि कुछ खास रेखाएं हर किसी के हाथ में नहीं होतीं, लेकिन जिनके हाथ में ये स्पष्ट दिखती हैं, उन्हें जीवन में आर्थिक मजबूती और बड़ा मुकाम मिलने की संभावना बताई जाती है।

कौन सी रेखाएं मानी जाती हैं धन का संकेत
हस्तरेखा शास्त्र में सबसे पहले ध्यान सूर्य रेखा पर जाता है। यह रेखा हथेली के मध्य से ऊपर की ओर जाती हुई अनामिका के नीचे स्थित सूर्य पर्वत तक पहुंचती है। यदि यह रेखा साफ, गहरी और बिना टूटे हो, तो इसे धन, प्रतिष्ठा और पहचान का संकेत माना जाता है। ऐसी हथेली वाले लोगों के बारे में माना जाता है कि वे मेहनत के साथ-साथ अवसरों का सही उपयोग करना जानते हैं।

भाग्य रेखा और करियर की स्थिरता
हथेली के निचले हिस्से से उठकर मध्य में जाती हुई भाग्य रेखा को करियर और जीवन की दिशा से जोड़ा जाता है। यह रेखा जितनी स्पष्ट और सीधी होती है, व्यक्ति के जीवन में उतनी ही स्थिरता और निरंतर प्रगति का संकेत माना जाता है। यदि यह रेखा ऊपर जाकर शनि पर्वत तक पहुंचे, तो इसे नेतृत्व और जिम्मेदारी वाले पदों से जोड़ा जाता है।

धन रेखा: छोटे आकार में बड़ा संकेत
कुछ हथेलियों में छोटी लेकिन साफ रेखाएं बुध या सूर्य पर्वत की ओर जाती दिखती हैं, जिन्हें आम तौर पर धन रेखा कहा जाता है। मान्यता है कि ये रेखाएं व्यक्ति की आय के अतिरिक्त स्रोत, निवेश की समझ और आर्थिक फैसलों की क्षमता को दर्शाती हैं। ऐसी हथेली वालों को अचानक धन लाभ के योग से भी जोड़ा जाता है।

जीवन और मस्तिष्क रेखा का तालमेल
हस्तरेखा शास्त्र में केवल धन रेखाएं ही नहीं, बल्कि जीवन रेखा और मस्तिष्क रेखा का आपसी संबंध भी महत्वपूर्ण माना गया है। यदि दोनों रेखाएं साफ हों और एक-दूसरे से संतुलित दूरी बनाकर चलें, तो इसे व्यावहारिक सोच और दीर्घकालीन सफलता का संकेत माना जाता है। लंबी मस्तिष्क रेखा को दूरदर्शिता से जोड़ा जाता है।

शुक्र पर्वत और भौतिक सुख
अंगूठे के पास उभरा हुआ हिस्सा शुक्र पर्वत कहलाता है। इसे भौतिक सुख, संसाधन और जीवनशैली से जोड़ा जाता है। यदि यह पर्वत उभरा और संतुलित हो, तो व्यक्ति के जीवन में सुविधा, आराम और धन की निरंतरता की संभावना मानी जाती है।

क्यों जरूरी है संतुलित नजरिया
विशेषज्ञों के अनुसार हस्तरेखा को केवल संकेत के रूप में देखना चाहिए। मेहनत, निर्णय और परिस्थितियां किसी भी व्यक्ति के जीवन में सबसे अहम भूमिका निभाती हैं। हस्तरेखा शास्त्र आस्था और परंपरा से जुड़ा विषय है, न कि भविष्य की गारंटी।

-----------------------------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: https://www.facebook.com/dainikjagranmpcgofficial/
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: https://www.youtube.com/@dainikjagranmpcgdigital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!

खबरें और भी हैं

HOSVAL: स्मार्ट, किफायती और टिकाऊ समाधानों से अस्पतालों को सशक्त बनाता एक भरोसेमंद नाम

टाप न्यूज

HOSVAL: स्मार्ट, किफायती और टिकाऊ समाधानों से अस्पतालों को सशक्त बनाता एक भरोसेमंद नाम

बदलते स्वास्थ्य क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी की आवश्यकता
देश विदेश 
HOSVAL: स्मार्ट, किफायती और टिकाऊ समाधानों से अस्पतालों को सशक्त बनाता एक भरोसेमंद नाम

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर सरकार का फोकस, बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन पर सख्ती के निर्देश

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने चिकित्सा शिक्षा और अधोसंरचना योजनाओं की समीक्षा की
मध्य प्रदेश  भोपाल 
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर सरकार का फोकस, बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन पर सख्ती के निर्देश

अरुणाचल प्रदेश पर्यटन ने ‘टेक ए न्यू टर्न इन अरुणाचल’ अभियान का किया शुभारंभ

नई पीढ़ी के यात्रियों के लिए भारत की अंतिम खोज सीमा की नई पर्यटन कथा
देश विदेश 
अरुणाचल प्रदेश पर्यटन ने ‘टेक ए न्यू टर्न इन अरुणाचल’ अभियान का किया शुभारंभ

ठंड में बढ़ा मिट्टी के बर्तन में खाना बनाने का क्रेज, सेहत के लिए भी साबित हो रहा लाभकारी

सर्दियों में पारंपरिक मिट्टी के बर्तनों का उपयोग बढ़ा, स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी इसे दे रहे हैं समर्थन
लाइफ स्टाइल 
ठंड में बढ़ा मिट्टी के बर्तन में खाना बनाने का क्रेज, सेहत के लिए भी साबित हो रहा लाभकारी

बिजनेस

Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.
Powered By Vedanta Software