- Hindi News
- धर्म
- श्री सत्यनारायण व्रत 2026: सुख-समृद्धि और शांति के लिए 1 फरवरी को होगी पूजा
श्री सत्यनारायण व्रत 2026: सुख-समृद्धि और शांति के लिए 1 फरवरी को होगी पूजा
धर्म डेस्क
माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर 1 फरवरी 2026 को घर में विधि-विधान से होगी श्री सत्यनारायण पूजा, जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत का धार्मिक महत्व
श्री सत्यनारायण व्रत वर्ष 2026 में 1 फरवरी, यानी आज रविवार को मनाया जाएगा। यह व्रत माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर पड़ रहा है। भगवान विष्णु के सत्यनारायण स्वरूप को समर्पित यह व्रत देशभर में श्रद्धा और आस्था के साथ किया जाता है। मान्यता है कि वर्ष की शुरुआत में यह पूजा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा, शांति और समृद्धि का वास होता है।
श्री सत्यनारायण व्रत का महत्व
श्री सत्यनारायण व्रत सत्य, भक्ति और धर्म का प्रतीक माना जाता है। स्कंद पुराण के अनुसार, इस व्रत के प्रभाव से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि यह व्रत नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर आर्थिक स्थिरता और मानसिक संतुलन प्रदान करता है। नए वर्ष की शुरुआत में जब लोग जीवन में स्थायित्व और सफलता की कामना करते हैं, तब इस व्रत का महत्व और भी बढ़ जाता है।
1 फरवरी 2026 को शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, रविवार 1 फरवरी 2026 को श्री सत्यनारायण व्रत के लिए दिन शुभ है।
-
अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:34 बजे तक (पूजा के लिए सर्वोत्तम)
-
राहुकाल: शाम 4:20 बजे से 5:43 बजे तक (इस समय पूजा से बचें)
पूर्णिमा तिथि के साथ यह दिन गृह पूजा के लिए अत्यंत अनुकूल माना गया है।
घर पर सत्यनारायण पूजा विधि
पूजा से पहले सभी आवश्यक सामग्री एकत्र करें—भगवान सत्यनारायण की मूर्ति या चित्र, पंचामृत, फल, फूल, चंदन, धूप-दीप और प्रसाद (सूजी या सेवई की खीर)।
-
कलश स्थापना और गणेश पूजन से पूजा प्रारंभ करें।
-
भगवान सत्यनारायण को चंदन, कुमकुम, पुष्प अर्पित करें।
-
श्रद्धापूर्वक सत्यनारायण कथा का पाठ करें या श्रवण करें।
-
अंत में आरती करें और प्रसाद का वितरण करें।
पूरी पूजा में लगभग 1 से 2 घंटे का समय लगता है। परिवार के सभी सदस्यों की उपस्थिति शुभ मानी जाती है।
सत्यनारायण कथा का संदेश
कथा में एक निर्धन ब्राह्मण, एक व्यापारी और एक राजा की कथाएं आती हैं। कथा का मूल संदेश यह है कि सत्य और वचन पालन से जीवन में समृद्धि आती है, जबकि व्रत या संकल्प तोड़ने से कष्ट झेलने पड़ते हैं।
व्रत के लाभ और विशेषज्ञ सलाह
-
परिवार में शांति और सौहार्द बढ़ता है
-
व्यापार और कार्यक्षेत्र में प्रगति के योग बनते हैं
-
मानसिक तनाव और नकारात्मकता दूर होती है
ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, नया कार्य शुरू करने या बाधाओं से मुक्ति के लिए यह व्रत विशेष फलदायी माना जाता है। वर्ष 2026 का यह पहला प्रमुख व्रत पूरे वर्ष शुभ परिणाम देने वाला बताया जाता है।
--------------------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!
