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बेटे ने दोस्त के साथ मिलकर मां की संपत्ति बेची, दो सौदों में लाखों का एडवांस लेने का आरोप
दुर्ग-भिलाई (छ.ग.)
दुर्ग के अमलेश्वर थाना क्षेत्र का मामला, फर्जी इकरारनामा और पावर ऑफ अटॉर्नी बनवाने की शिकायत
छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले की एक महिला ने अपने ही बेटे और उसके मित्र पर गंभीर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। महिला का आरोप है कि उसकी गैरमौजूदगी और बिना सहमति के उसकी जमीन और उस पर बने मकान को बेचने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और एक ही संपत्ति के दो अलग-अलग लोगों से सौदे कर लाखों रुपए का एडवांस लिया गया।
पीड़िता मनोरमा भिवंडे, निवासी अमर चौक शर्मा बाड़ा, राजातालाब रायपुर ने बताया कि दुर्ग जिले के अमलेश्वर क्षेत्र में प्रीति विहार के सामने उनके नाम पर 1420 वर्गफीट की जमीन है। उक्त जमीन पर उन्होंने स्वयं का मकान बनवाया है। कुछ समय पहले पैसों की आवश्यकता होने पर उन्होंने अपने बड़े बेटे प्रवीण भिवंडे और उसके मित्र पारस प्रसाद केसरी को केवल ऋण प्रक्रिया के लिए जमीन की ऋण पुस्तिका और रजिस्ट्री के दस्तावेज दिए थे। उनका कहना है कि उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि दस्तावेजों की फोटोकॉपी कराकर मूल कागजात लौटा दिए जाएं।
महिला को पूरे मामले की जानकारी तब हुई जब 16 जनवरी 2026 को वह अमलेश्वर स्थित अपने मकान पहुंचीं। वहां उन्होंने देखा कि मकान में निर्माण कार्य चल रहा है। पूछताछ करने पर मजदूरों और वहां मौजूद लोगों से पता चला कि संपत्ति का सौदा किसी अन्य व्यक्ति से किया जा चुका है। इस जानकारी से महिला स्तब्ध रह गईं।
अगले दिन जब वह अपने परिजनों के साथ दोबारा मकान पहुंचीं, तो सामने आया कि उनके बेटे और उसके दोस्त ने विभोर गुप्ता नामक व्यक्ति से 17 लाख रुपए में इकरारनामा कर 5.50 लाख रुपए नकद एडवांस लिया है। इतना ही नहीं, एक अन्य व्यक्ति ने भी दावा किया कि उसी संपत्ति को संजना पाण्डेय नाम की महिला को 18 लाख रुपए में बेचने का समझौता किया गया और उससे 7.50 लाख रुपए की राशि ली गई।
पीड़िता का आरोप है कि 7.50 लाख रुपए उनके बैंक ऑफ बड़ौदा खाते में जमा कराए गए थे। बेटे ने यह कहकर रकम निकलवा ली कि यह किसी परिचित की राशि है और इसमें से उन्हें कमीशन मिलेगा। बाद में उन्हें पता चला कि यह रकम संपत्ति सौदे से संबंधित थी।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उनके नाम से दो अलग-अलग इकरारनामे और एक पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार की गई, जबकि उन्होंने किसी नोटरी के समक्ष न तो हस्ताक्षर किए और न ही किसी तरह की राशि प्राप्त की। उनका कहना है कि सभी दस्तावेज फर्जी हैं।
अमलेश्वर थाना पुलिस ने महिला की शिकायत पर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों की सत्यता, लेनदेन और बैंक खातों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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