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आज का पंचांग : वैशाख शुक्ल षष्ठी तिथि, जानें शुभ मुहूर्त का समय
धर्म डेस्क
आर्द्रा नक्षत्र और अतिगण्ड योग का प्रभाव, राहुकाल में सावधानी जरूरी
आज बुधवार को वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि का शुभ संयोग बन रहा है। पंचांग के अनुसार, आज आर्द्रा नक्षत्र और अतिगण्ड योग का प्रभाव रहेगा, जो दिनभर के कार्यों और निर्णयों पर विशेष असर डाल सकता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, आज का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आज षष्ठी तिथि रात्रि 10 बजकर 49 मिनट तक रहेगी, इसके बाद सप्तमी तिथि का आरंभ होगा। आर्द्रा नक्षत्र रात्रि 10 बजकर 13 मिनट तक प्रभावी रहेगा, जिसके पश्चात पुनर्वसु नक्षत्र शुरू होगा। वहीं अतिगण्ड योग सुबह 09 बजकर 08 मिनट तक रहेगा, इसके बाद सुकर्मा योग प्रारंभ होगा, जो शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।
सूर्योदय प्रातः 05:49 बजे और सूर्यास्त सायं 06:51 बजे होगा। चंद्रमा आज मिथुन राशि में गोचर करेगा, जिससे संवाद और बौद्धिक गतिविधियों में वृद्धि देखने को मिल सकती है। चंद्रोदय सुबह 09:50 बजे और चंद्रास्त रात्रि 12:25 बजे (23 अप्रैल) होगा।
शुभ मुहूर्त की बात करें तो आज ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:21 से 05:05 बजे तक रहेगा, जो ध्यान और पूजा के लिए सर्वोत्तम माना गया है। अमृत काल दोपहर 12:57 से 02:26 बजे तक रहेगा, जिसमें महत्वपूर्ण कार्य करना लाभकारी हो सकता है। हालांकि, आज अभिजीत मुहूर्त का अभाव रहेगा।
अशुभ समय की दृष्टि से, राहुकाल दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक रहेगा, इस दौरान नए कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा, गुलिक काल सुबह 10:30 से 12:00 बजे तक और यमगंड सुबह 07:30 से 09:00 बजे तक रहेगा, जिन्हें अशुभ समय की श्रेणी में रखा जाता है।
धार्मिक दृष्टि से आज स्कंद षष्ठी व्रत का विशेष महत्व है। आर्द्रा नक्षत्र के स्वामी राहु माने जाते हैं और इसके देवता रुद्र (भगवान शिव का रूप) हैं। ऐसे में आज भगवान शिव की पूजा-अर्चना करना विशेष फलदायी माना गया है।
ज्योतिषीय विश्लेषण के अनुसार, आर्द्रा नक्षत्र परिवर्तन और नई शुरुआत का संकेत देता है, जबकि सुकर्मा योग दिन के दूसरे हिस्से में सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करेगा। यह दिन विशेष रूप से आत्मचिंतन, आध्यात्मिक साधना और योजनाओं को व्यवस्थित करने के लिए उपयुक्त माना जा रहा है।
आज का उपाय: भगवान शिव को जल अर्पित करें और मूंग की दाल का दान करें। यह उपाय मानसिक शांति और बौद्धिक विकास में सहायक माना जाता है।
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आज का पंचांग : वैशाख शुक्ल षष्ठी तिथि, जानें शुभ मुहूर्त का समय
धर्म डेस्क
आज बुधवार को वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि का शुभ संयोग बन रहा है। पंचांग के अनुसार, आज आर्द्रा नक्षत्र और अतिगण्ड योग का प्रभाव रहेगा, जो दिनभर के कार्यों और निर्णयों पर विशेष असर डाल सकता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, आज का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आज षष्ठी तिथि रात्रि 10 बजकर 49 मिनट तक रहेगी, इसके बाद सप्तमी तिथि का आरंभ होगा। आर्द्रा नक्षत्र रात्रि 10 बजकर 13 मिनट तक प्रभावी रहेगा, जिसके पश्चात पुनर्वसु नक्षत्र शुरू होगा। वहीं अतिगण्ड योग सुबह 09 बजकर 08 मिनट तक रहेगा, इसके बाद सुकर्मा योग प्रारंभ होगा, जो शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।
सूर्योदय प्रातः 05:49 बजे और सूर्यास्त सायं 06:51 बजे होगा। चंद्रमा आज मिथुन राशि में गोचर करेगा, जिससे संवाद और बौद्धिक गतिविधियों में वृद्धि देखने को मिल सकती है। चंद्रोदय सुबह 09:50 बजे और चंद्रास्त रात्रि 12:25 बजे (23 अप्रैल) होगा।
शुभ मुहूर्त की बात करें तो आज ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:21 से 05:05 बजे तक रहेगा, जो ध्यान और पूजा के लिए सर्वोत्तम माना गया है। अमृत काल दोपहर 12:57 से 02:26 बजे तक रहेगा, जिसमें महत्वपूर्ण कार्य करना लाभकारी हो सकता है। हालांकि, आज अभिजीत मुहूर्त का अभाव रहेगा।
अशुभ समय की दृष्टि से, राहुकाल दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक रहेगा, इस दौरान नए कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा, गुलिक काल सुबह 10:30 से 12:00 बजे तक और यमगंड सुबह 07:30 से 09:00 बजे तक रहेगा, जिन्हें अशुभ समय की श्रेणी में रखा जाता है।
धार्मिक दृष्टि से आज स्कंद षष्ठी व्रत का विशेष महत्व है। आर्द्रा नक्षत्र के स्वामी राहु माने जाते हैं और इसके देवता रुद्र (भगवान शिव का रूप) हैं। ऐसे में आज भगवान शिव की पूजा-अर्चना करना विशेष फलदायी माना गया है।
ज्योतिषीय विश्लेषण के अनुसार, आर्द्रा नक्षत्र परिवर्तन और नई शुरुआत का संकेत देता है, जबकि सुकर्मा योग दिन के दूसरे हिस्से में सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करेगा। यह दिन विशेष रूप से आत्मचिंतन, आध्यात्मिक साधना और योजनाओं को व्यवस्थित करने के लिए उपयुक्त माना जा रहा है।
आज का उपाय: भगवान शिव को जल अर्पित करें और मूंग की दाल का दान करें। यह उपाय मानसिक शांति और बौद्धिक विकास में सहायक माना जाता है।
