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फ्रांस और मैक्सिको ने राउंड ऑफ-16 में मारी बाजी, एमबाप्पे का डबल गोल चमका
स्पोर्ट्स डेस्क
फ्रांस ने स्वीडन को 3-0 से हराया, मैक्सिको ने 40 साल बाद नॉकआउट मुकाबला जीता, जीत के जश्न में दो प्रशंसकों की मौत
फुटबॉल विश्व कप में बुधवार का दिन रोमांच, रिकॉर्ड और भावनात्मक पलों से भरपूर रहा। पिछले संस्करण की उपविजेता फ्रांस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वीडन को 3-0 से हराकर राउंड ऑफ-16 में अपनी जगह पक्की कर ली। इस जीत के सबसे बड़े नायक स्टार स्ट्राइकर किलियन एमबाप्पे रहे, जिन्होंने दो शानदार गोल दागकर टीम को आसान जीत दिलाई। वहीं टूर्नामेंट के दूसरे बड़े मुकाबले में सह-मेजबान मैक्सिको ने इक्वाडोर को 2-0 से हराकर 40 साल बाद विश्व कप के नॉकआउट चरण में जीत दर्ज की। इस ऐतिहासिक जीत के बाद पूरे देश में जश्न का माहौल बन गया, लेकिन खुशी का यह पल दो फुटबॉल प्रशंसकों की मौत की दुखद खबर से भी जुड़ गया। न्यू जर्सी में खेले गए मुकाबले में फ्रांस ने शुरुआत से ही स्वीडन पर दबाव बनाए रखा। फ्रांसीसी टीम ने पूरे मैच के दौरान आक्रामक खेल दिखाया और लगातार स्वीडिश डिफेंस पर हमले किए। पहले हाफ के आखिर में किलियन एमबाप्पे ने गोल कर अपनी टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद दूसरे हाफ में ब्रैडली बारकोला ने शानदार गोल करते हुए बढ़त को दोगुना कर दिया। मैच के अंतिम चरण में एमबाप्पे ने अपना दूसरा गोल दागकर फ्रांस की 3-0 की जीत सुनिश्चित कर दी। इस जीत के साथ फ्रांस ने यह भी साबित कर दिया कि वह एक बार फिर खिताब की मजबूत दावेदार टीमों में शामिल है।
एमबाप्पे का यह प्रदर्शन कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। उन्होंने इस विश्व कप में तीसरी बार एक ही मैच में दो गोल करने का कारनामा किया और टूर्नामेंट में अपने कुल गोलों की संख्या छह तक पहुंचा दी। इसके साथ ही उन्होंने इस संस्करण में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में लियोनेल मेसी की बराबरी कर ली। इतना ही नहीं, विश्व कप के नॉकआउट मुकाबलों में एमबाप्पे के कुल गोलों की संख्या अब 10 हो गई है, जिससे उन्होंने ब्राजील के दिग्गज खिलाड़ियों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। विश्व कप इतिहास में उनके कुल 18 गोल हो चुके हैं और अब वह मेसी के रिकॉर्ड से सिर्फ एक गोल पीछे हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा फॉर्म को देखते हुए वह इस टूर्नामेंट में कई नए रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं।फ्रांस की जीत में मिडफील्ड और अटैक के बीच शानदार तालमेल भी देखने को मिला। माइकल ओलिसे ने दो गोल में अहम असिस्ट दिए और पूरे मैच में कई बेहतरीन मौके बनाए। फ्रांस ने कुल 25 शॉट लगाए, जबकि स्वीडन केवल सात प्रयास ही कर सका। गेंद पर नियंत्रण और आक्रामक रणनीति के दम पर फ्रांसीसी टीम ने मैच पर पूरी तरह कब्जा बनाए रखा। अब टीम का अगला मुकाबला 5 जुलाई को पैराग्वे से होगा, जहां उसकी नजर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने पर रहेगी।
दूसरी ओर, मैक्सिको ने भी इतिहास रचते हुए इक्वाडोर को 2-0 से हराकर 40 साल बाद विश्व कप के नॉकआउट चरण में जीत हासिल की। मैच की शुरुआत से ही मैक्सिको ने आक्रामक खेल दिखाया। जूलियन क्विन्योनेस ने 22वें मिनट में पहला गोल कर टीम को बढ़त दिलाई, जबकि राउल जिमेनेज ने 31वें मिनट में दूसरा गोल दागकर जीत लगभग तय कर दी। इंजरी टाइम में इक्वाडोर के खिलाड़ी पिएरो हिंकापिए को रेड कार्ड भी दिखाया गया, जिससे उनकी वापसी की उम्मीद पूरी तरह खत्म हो गई।
मैक्सिको की इस ऐतिहासिक जीत के बाद देशभर में लाखों फुटबॉल प्रशंसक सड़कों पर उतर आए। राजधानी सहित कई शहरों में लोगों ने झंडे लहराए, आतिशबाजी की और पूरी रात जश्न मनाया। हालांकि इस खुशी के बीच दुखद खबर भी सामने आई। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, भारी भीड़ और अफरातफरी के दौरान दम घुटने से दो प्रशंसकों की मौत हो गई। इस घटना ने जीत के उत्साह को गहरे दुख में बदल दिया। प्रशासन ने लोगों से संयम बरतने और सुरक्षित तरीके से जश्न मनाने की अपील की है। मैक्सिको की यह जीत इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि टीम ने 1986 के बाद पहली बार विश्व कप के नॉकआउट चरण में कोई मुकाबला जीता है। इसके बाद 1994, 1998, 2002, 2006, 2010, 2014 और 2018 विश्व कप में उसे लगातार नॉकआउट चरण में हार का सामना करना पड़ा था, जबकि 2022 विश्व कप में टीम ग्रुप चरण से ही बाहर हो गई थी। अब उसका अगला मुकाबला इंग्लैंड और कांगो डीआर के बीच होने वाले मैच की विजेता टीम से होगा। इसी बीच नॉर्वे ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए आइवरी कोस्ट को 2-1 से हराकर पहली बार विश्व कप के नॉकआउट दौर में जीत दर्ज की। टीम के लिए एरलिंग हालैंड ने 86वें मिनट में निर्णायक गोल किया। इससे पहले एंटोनियो नुसा ने पहला गोल किया था, जबकि आइवरी कोस्ट की ओर से अमाद डियालो ने बराबरी का गोल दागा। अब नॉर्वे का सामना पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील से होगा, जिसे टूर्नामेंट के सबसे रोमांचक मुकाबलों में से एक माना जा रहा है।
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फ्रांस और मैक्सिको ने राउंड ऑफ-16 में मारी बाजी, एमबाप्पे का डबल गोल चमका
स्पोर्ट्स डेस्क
फुटबॉल विश्व कप में बुधवार का दिन रोमांच, रिकॉर्ड और भावनात्मक पलों से भरपूर रहा। पिछले संस्करण की उपविजेता फ्रांस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वीडन को 3-0 से हराकर राउंड ऑफ-16 में अपनी जगह पक्की कर ली। इस जीत के सबसे बड़े नायक स्टार स्ट्राइकर किलियन एमबाप्पे रहे, जिन्होंने दो शानदार गोल दागकर टीम को आसान जीत दिलाई। वहीं टूर्नामेंट के दूसरे बड़े मुकाबले में सह-मेजबान मैक्सिको ने इक्वाडोर को 2-0 से हराकर 40 साल बाद विश्व कप के नॉकआउट चरण में जीत दर्ज की। इस ऐतिहासिक जीत के बाद पूरे देश में जश्न का माहौल बन गया, लेकिन खुशी का यह पल दो फुटबॉल प्रशंसकों की मौत की दुखद खबर से भी जुड़ गया। न्यू जर्सी में खेले गए मुकाबले में फ्रांस ने शुरुआत से ही स्वीडन पर दबाव बनाए रखा। फ्रांसीसी टीम ने पूरे मैच के दौरान आक्रामक खेल दिखाया और लगातार स्वीडिश डिफेंस पर हमले किए। पहले हाफ के आखिर में किलियन एमबाप्पे ने गोल कर अपनी टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद दूसरे हाफ में ब्रैडली बारकोला ने शानदार गोल करते हुए बढ़त को दोगुना कर दिया। मैच के अंतिम चरण में एमबाप्पे ने अपना दूसरा गोल दागकर फ्रांस की 3-0 की जीत सुनिश्चित कर दी। इस जीत के साथ फ्रांस ने यह भी साबित कर दिया कि वह एक बार फिर खिताब की मजबूत दावेदार टीमों में शामिल है।
एमबाप्पे का यह प्रदर्शन कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। उन्होंने इस विश्व कप में तीसरी बार एक ही मैच में दो गोल करने का कारनामा किया और टूर्नामेंट में अपने कुल गोलों की संख्या छह तक पहुंचा दी। इसके साथ ही उन्होंने इस संस्करण में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में लियोनेल मेसी की बराबरी कर ली। इतना ही नहीं, विश्व कप के नॉकआउट मुकाबलों में एमबाप्पे के कुल गोलों की संख्या अब 10 हो गई है, जिससे उन्होंने ब्राजील के दिग्गज खिलाड़ियों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। विश्व कप इतिहास में उनके कुल 18 गोल हो चुके हैं और अब वह मेसी के रिकॉर्ड से सिर्फ एक गोल पीछे हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा फॉर्म को देखते हुए वह इस टूर्नामेंट में कई नए रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं।फ्रांस की जीत में मिडफील्ड और अटैक के बीच शानदार तालमेल भी देखने को मिला। माइकल ओलिसे ने दो गोल में अहम असिस्ट दिए और पूरे मैच में कई बेहतरीन मौके बनाए। फ्रांस ने कुल 25 शॉट लगाए, जबकि स्वीडन केवल सात प्रयास ही कर सका। गेंद पर नियंत्रण और आक्रामक रणनीति के दम पर फ्रांसीसी टीम ने मैच पर पूरी तरह कब्जा बनाए रखा। अब टीम का अगला मुकाबला 5 जुलाई को पैराग्वे से होगा, जहां उसकी नजर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने पर रहेगी।
दूसरी ओर, मैक्सिको ने भी इतिहास रचते हुए इक्वाडोर को 2-0 से हराकर 40 साल बाद विश्व कप के नॉकआउट चरण में जीत हासिल की। मैच की शुरुआत से ही मैक्सिको ने आक्रामक खेल दिखाया। जूलियन क्विन्योनेस ने 22वें मिनट में पहला गोल कर टीम को बढ़त दिलाई, जबकि राउल जिमेनेज ने 31वें मिनट में दूसरा गोल दागकर जीत लगभग तय कर दी। इंजरी टाइम में इक्वाडोर के खिलाड़ी पिएरो हिंकापिए को रेड कार्ड भी दिखाया गया, जिससे उनकी वापसी की उम्मीद पूरी तरह खत्म हो गई।
मैक्सिको की इस ऐतिहासिक जीत के बाद देशभर में लाखों फुटबॉल प्रशंसक सड़कों पर उतर आए। राजधानी सहित कई शहरों में लोगों ने झंडे लहराए, आतिशबाजी की और पूरी रात जश्न मनाया। हालांकि इस खुशी के बीच दुखद खबर भी सामने आई। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, भारी भीड़ और अफरातफरी के दौरान दम घुटने से दो प्रशंसकों की मौत हो गई। इस घटना ने जीत के उत्साह को गहरे दुख में बदल दिया। प्रशासन ने लोगों से संयम बरतने और सुरक्षित तरीके से जश्न मनाने की अपील की है। मैक्सिको की यह जीत इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि टीम ने 1986 के बाद पहली बार विश्व कप के नॉकआउट चरण में कोई मुकाबला जीता है। इसके बाद 1994, 1998, 2002, 2006, 2010, 2014 और 2018 विश्व कप में उसे लगातार नॉकआउट चरण में हार का सामना करना पड़ा था, जबकि 2022 विश्व कप में टीम ग्रुप चरण से ही बाहर हो गई थी। अब उसका अगला मुकाबला इंग्लैंड और कांगो डीआर के बीच होने वाले मैच की विजेता टीम से होगा। इसी बीच नॉर्वे ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए आइवरी कोस्ट को 2-1 से हराकर पहली बार विश्व कप के नॉकआउट दौर में जीत दर्ज की। टीम के लिए एरलिंग हालैंड ने 86वें मिनट में निर्णायक गोल किया। इससे पहले एंटोनियो नुसा ने पहला गोल किया था, जबकि आइवरी कोस्ट की ओर से अमाद डियालो ने बराबरी का गोल दागा। अब नॉर्वे का सामना पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील से होगा, जिसे टूर्नामेंट के सबसे रोमांचक मुकाबलों में से एक माना जा रहा है।
