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रीवा जिले के हरदोली-डभोरा मुख्य मार्ग कीचड़ में तब्दील: 10 गांवों के लोग परेशान, प्रशासन मौन!
रीवा,(म.प्र.)
पहली बारिश में सड़क की हालत बिगड़ी, ग्रामीणों ने शीघ्र मरम्मत और आवागमन बहाल करने की मांग उठाई
रीवा जिले के तराई अंचल में स्थित डभौरा-हरदौली मार्ग पर पहली ही बारिश के बाद सड़क की स्थिति बेहद खराब हो गई है। दोन्दर बगीचा से लेकर बौसड़ नदी तक करीब 200 मीटर लंबा हिस्सा कीचड़ और पानी से भरकर दलदल जैसा दिखाई दे रहा है। सड़क पर जगह-जगह पानी जमा होने और गहरे कीचड़ के कारण वाहनों का निकलना मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो आगामी दिनों में मानसून के दौरान स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों के अनुसार यह मार्ग आसपास के करीब दस गांवों के लोगों के लिए प्रमुख संपर्क मार्ग है। इसी रास्ते से लोग डभौरा बाजार, शासकीय कार्यालयों, स्कूल, अस्पताल और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचते हैं। लेकिन वर्तमान स्थिति में सड़क पर पैदल चलना भी कठिन हो गया है। दोपहिया वाहन बार-बार फिसल रहे हैं, जबकि चारपहिया वाहनों को भी निकलने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि बारिश शुरू होते ही सड़क की खराब स्थिति सामने आ गई। सड़क पर कीचड़ इतना अधिक हो गया है कि कई जगह वाहन बीच रास्ते में फंस जा रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक यदि लगातार बारिश होती रही तो कुछ दिनों में यह मार्ग पूरी तरह बंद होने की आशंका है, जिससे आसपास के गांवों का संपर्क प्रभावित हो सकता है। ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग से बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं प्रतिदिन आवागमन करते हैं। सड़क की खराब हालत के कारण बच्चों को स्कूल पहुंचने में कठिनाई हो रही है। कई अभिभावक सुरक्षा कारणों से बच्चों को स्कूल भेजने को लेकर चिंतित हैं। वहीं बुजुर्गों और महिलाओं को भी आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर भी इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी मरीज को अचानक अस्पताल ले जाने की आवश्यकता पड़ जाए तो खराब सड़क बड़ी चुनौती बन सकती है। ग्रामीणों के अनुसार बरसात के दिनों में एंबुलेंस के गांव तक पहुंचने में भी कठिनाई हो सकती है। ऐसे में समय पर इलाज उपलब्ध कराने में परेशानी उत्पन्न होने की संभावना बनी रहती है। क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि सड़क की स्थिति को लेकर पहले भी संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया गया था। ग्रामीणों के अनुसार कई बार आवेदन और मौखिक शिकायतें भी की गईं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका। लोगों की मांग है कि सड़क की तत्काल मरम्मत कर आवागमन को सुरक्षित बनाया जाए, ताकि बरसात के पूरे मौसम में लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि सड़क पर जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण थोड़ी सी बारिश में भी पानी जमा हो जाता है। यदि जल निकासी की उचित व्यवस्था कर दी जाए और क्षतिग्रस्त हिस्से का निर्माण कराया जाए तो समस्या का स्थायी समाधान संभव है। ग्रामीणों का मानना है कि समय रहते आवश्यक कार्य होने से भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा नहीं बनेगी। बरसात के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों का सुरक्षित और चालू रहना बेहद आवश्यक माना जाता है। यही सड़कें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और व्यापार जैसी दैनिक गतिविधियों की जीवनरेखा होती हैं। ऐसे में स्थानीय लोग चाहते हैं कि संबंधित विभाग जल्द निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य शुरू करे, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
क्षेत्र के नागरिकों ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि मौके पर अधिकारियों की टीम भेजकर वास्तविक स्थिति का आकलन कराया जाए। साथ ही सड़क पर जमा पानी की निकासी, गड्ढों की भराई और क्षतिग्रस्त हिस्से का पुनर्निर्माण प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए। उनका कहना है कि बरसात अभी शुरुआती दौर में है और यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो सकता है।
कीचड़युक्त और फिसलन भरी सड़कों पर दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता होती है। ऐसे में सड़क की मरम्मत के साथ-साथ आवश्यक चेतावनी संकेत और सुरक्षा इंतजाम भी किए जाने चाहिए। ग्रामीणों की निगाहें संबंधित विभाग और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान किया जाएगा, ताकि डभौरा-हरदौली मार्ग पर सामान्य आवागमन बहाल हो सके और आसपास के गांवों के लोगों को राहत मिल सके।
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रीवा जिले के हरदोली-डभोरा मुख्य मार्ग कीचड़ में तब्दील: 10 गांवों के लोग परेशान, प्रशासन मौन!
रीवा,(म.प्र.)
रीवा जिले के तराई अंचल में स्थित डभौरा-हरदौली मार्ग पर पहली ही बारिश के बाद सड़क की स्थिति बेहद खराब हो गई है। दोन्दर बगीचा से लेकर बौसड़ नदी तक करीब 200 मीटर लंबा हिस्सा कीचड़ और पानी से भरकर दलदल जैसा दिखाई दे रहा है। सड़क पर जगह-जगह पानी जमा होने और गहरे कीचड़ के कारण वाहनों का निकलना मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो आगामी दिनों में मानसून के दौरान स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों के अनुसार यह मार्ग आसपास के करीब दस गांवों के लोगों के लिए प्रमुख संपर्क मार्ग है। इसी रास्ते से लोग डभौरा बाजार, शासकीय कार्यालयों, स्कूल, अस्पताल और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचते हैं। लेकिन वर्तमान स्थिति में सड़क पर पैदल चलना भी कठिन हो गया है। दोपहिया वाहन बार-बार फिसल रहे हैं, जबकि चारपहिया वाहनों को भी निकलने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि बारिश शुरू होते ही सड़क की खराब स्थिति सामने आ गई। सड़क पर कीचड़ इतना अधिक हो गया है कि कई जगह वाहन बीच रास्ते में फंस जा रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक यदि लगातार बारिश होती रही तो कुछ दिनों में यह मार्ग पूरी तरह बंद होने की आशंका है, जिससे आसपास के गांवों का संपर्क प्रभावित हो सकता है। ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग से बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं प्रतिदिन आवागमन करते हैं। सड़क की खराब हालत के कारण बच्चों को स्कूल पहुंचने में कठिनाई हो रही है। कई अभिभावक सुरक्षा कारणों से बच्चों को स्कूल भेजने को लेकर चिंतित हैं। वहीं बुजुर्गों और महिलाओं को भी आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर भी इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी मरीज को अचानक अस्पताल ले जाने की आवश्यकता पड़ जाए तो खराब सड़क बड़ी चुनौती बन सकती है। ग्रामीणों के अनुसार बरसात के दिनों में एंबुलेंस के गांव तक पहुंचने में भी कठिनाई हो सकती है। ऐसे में समय पर इलाज उपलब्ध कराने में परेशानी उत्पन्न होने की संभावना बनी रहती है। क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि सड़क की स्थिति को लेकर पहले भी संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया गया था। ग्रामीणों के अनुसार कई बार आवेदन और मौखिक शिकायतें भी की गईं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका। लोगों की मांग है कि सड़क की तत्काल मरम्मत कर आवागमन को सुरक्षित बनाया जाए, ताकि बरसात के पूरे मौसम में लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि सड़क पर जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण थोड़ी सी बारिश में भी पानी जमा हो जाता है। यदि जल निकासी की उचित व्यवस्था कर दी जाए और क्षतिग्रस्त हिस्से का निर्माण कराया जाए तो समस्या का स्थायी समाधान संभव है। ग्रामीणों का मानना है कि समय रहते आवश्यक कार्य होने से भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा नहीं बनेगी। बरसात के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों का सुरक्षित और चालू रहना बेहद आवश्यक माना जाता है। यही सड़कें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और व्यापार जैसी दैनिक गतिविधियों की जीवनरेखा होती हैं। ऐसे में स्थानीय लोग चाहते हैं कि संबंधित विभाग जल्द निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य शुरू करे, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
क्षेत्र के नागरिकों ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि मौके पर अधिकारियों की टीम भेजकर वास्तविक स्थिति का आकलन कराया जाए। साथ ही सड़क पर जमा पानी की निकासी, गड्ढों की भराई और क्षतिग्रस्त हिस्से का पुनर्निर्माण प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए। उनका कहना है कि बरसात अभी शुरुआती दौर में है और यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो सकता है।
कीचड़युक्त और फिसलन भरी सड़कों पर दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता होती है। ऐसे में सड़क की मरम्मत के साथ-साथ आवश्यक चेतावनी संकेत और सुरक्षा इंतजाम भी किए जाने चाहिए। ग्रामीणों की निगाहें संबंधित विभाग और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान किया जाएगा, ताकि डभौरा-हरदौली मार्ग पर सामान्य आवागमन बहाल हो सके और आसपास के गांवों के लोगों को राहत मिल सके।
